खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के एक भाग के रुप में ऑपरेशन ग्रीन योजना को टमाटर, प्याज और आलू(टॉप) को सभी फलों और सब्जियों (टोटल) तक विस्तारित कर पायलट आधार पर छह महीने की अवधि के लिए बढ़ा दिया गया। उद्देश्य इस गतिविधि का उद्देश्य फल और सब्जी उत्पादकों को लॉकडाउन की वजह से होने वाले बिक्री के संकट से बचाना और फसलों पर होने नुकसान को कम करना है । याेजना में शामिल फसलें फल- आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, खट्टे, अनानास, अनार, कटहल; सब्जियां-फ्रेंच बीन्स, करेला, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च (हरी), ओकरा, प्याज, आलू और टमाटर। कृषि मंत्रालय या राज्य सरकार की सिफारिश के आधार पर किसी अन्य फलाें/सब्जियाें को इस सूची में भविष्य में जोड़ा जा सकता है (योजना के तहत शामिल फसल, चयनित अधिशेष उत्पादन समूह और ट्रिगर मूल्य को जानने के लिए- कृपया यहां क्लिक करें)। योजना अवधि अधिसूचना की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए जैसे कि11/06/2020। पात्रधारी संस्थाएँ खाद्य प्रसंस्करण, एफपीओ/एफपीसी, सहकारी समितियां, व्यक्तिगत किसान, लाइसेंस प्राप्त कमीशन एजेंट, निर्यातक, राज्य विपणन/सहकारी संघ, खुदरा विक्रेता आदि जो फलों और सब्जियों के प्रसंस्करण / विपणन में लगे हुए हैं। सहायता विधि मंत्रालय लागत मानकों के आधार पर निम्नलिखित दो घटकों की लागत का 50% तक सब्सिडी प्रदान करेगा: अधिशेष उत्पादन केंद्र से खपत केंद्र तक शामिल फसलों का परिवहन; और / या शामिल फसलों के लिए उचित भंडारण सुविधाओं की व्यवस्था करना (अधिकतम 3 माह के लिए)। आवेदन कैसे करें सब्सिडी के लिए दावे जमा करना- उपर्युकत आवश्यक मानदंडों का पालन करने वाली पात्रधारी संस्थाएं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) से बिना किसी पूर्वानुमति के अधिसूचित अधिशेष उत्पादन समूह से अधिसूचित फसलों के परिवहन और/ या भंडारण का कार्य कर सकते हैं, और बाद में ऑनलाइन पोर्टल पर अपने भुगतान दावे भर सकते हैं। आवेदक का फल और सब्जियों का परिवहन / भंडारण करने से पहले पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए। पंजीकरण के लिए, कृपया (यहां क्लिक करें)। ऑपरेशन ग्रीन के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2020 को 11:59 बजे या उससे पहले तक है। स्रोत: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) ।