परिचय बालिकाओं के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच एवं उनके लिंग अनुपात में सुधार के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने लाडली लक्ष्मी योजना की शुरुआत की। यह योजना 01 अप्रैल, 2007 को शुरू की गई। इसके बाद 6 अन्य राज्यों ने भी इस योजना को अपने यहां लागू किया। इस योजना का उद्देश्य लोगों में बालिकाओं के प्रति स्नेह, उनके शैक्षणिक स्तर और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार करना है। मिलने वाले लाभ लाडली लक्ष्मी योजना के तहत सरकार की ओर से बेटी के जन्म से (रजिस्ट्रेशन) अगले पांच साल तक हर साल 6,000 रुपये उसके नाम से जमा किये जाते हैं. इस स्कीम के तहत सरकार हर साल 6000 रुपये के राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) खरीदती है और इसे समय-समय पर रिन्यू करती रहती है। कुल मिलाकर 30,000 रुपये बालिका के नाम से जमा किये जाते हैं। लड़की को छठी कक्षा में प्रवेश के समय 2,000 और नौवीं कक्षा में प्रवेश पर 4,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। 11वीं कक्षा में दाखिले के समय उसे 7500 प्राप्त होंगे. जब बालिका की आयु 21 साल हो जाएगी तो उसे 1 लाख की राशि से ज्यादा का भुगतान किया जायेगा। पात्रता जिनके माता-पिता उस प्रदेश के मूल निवासी हों जहाँ यह योजना लागू है और आयकरदाता न हों । बालिका के प्रकरण में आवेदन करने से पूर्व माता या पिता ने परिवार नियोजन अपना लिया हो। इस योजना का लाभ उठाने के लिए, जन्म के पहले वर्ष में बालिका का नामांकन करना अनिवार्य है। यह पैसा तभी जारी किया जाता जब बालिका की शादी 18 साल से कम आयु में ना हुई हो। यह लाभ दो लड़कियों को मिलता है; लेकिन अगर दो बहनें जुड़वा है तो तीसरी बेटी को भी इसका लाभ मिलेगा। लाडली लक्ष्मी योजना में सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोग अपना नामांकन करा सकते हैं। अगर किसी परिवार ने संतान गोद ली है, तो वो भी इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। जिन माता–पिता ने दो जीवित बच्चों के बाद एक लड़की को गोद लिया है, उन्हें लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा। उन्हें एक आंगनवाड़ी केंद्र में रजिस्टर्ड होना आवश्यक है और माता पिता आयकर का भुगतान नहीं करते हाें। कैसे आवेदन करें प्रदेश सरकाराें द्वारा ला़डली लक्ष्मी योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट जारी की हैं या प्रदेश सरकार की मुख्य वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन किया जा सकता है । आवेदक वहां आवेदन कर सकता है। यदि आवेदक, ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहता है तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या अपने शहर के नगर पालिका, नगर निगम या नगर पंचायत में भी संपर्क कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें।