उद्देश्य उत्तराखण्ड राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु एवं 02 हेक्टेयर तक के ऐसे भूमिधर किसानों, जो स्वयं की भूमि में खेती करते होें तथा किसी अन्य स्रोत से पेंशन प्राप्त न कर रहे हों, को ‘‘किसान पेंशन योजना‘‘ का लाभ निम्नलिखित मानक/शर्तें हैं पात्रता 60 वर्ष से अधिक आयु एवं 02 हेक्टेयर तक के ऐसे भूमिधर किसानों, जो स्वयं की भूमि में खेती करते होें शर्तें किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत उक्त श्रेणी के किसानों को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृ़द्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन योजना की भांति रू0 1000/-(रूपये एक हजार मात्र) प्रतिमाह पेंशन अनुमन्य की जायेगी। किसान पेंशन योजना के पात्र लाभार्थियों को किसान पेंशन योजना के अतिरिक्त अन्य किसी स्रोत से पेंशन अथवा अनुदान देय नहीं होगा। 4- ऐसे किसान जो वर्तमान में स्वयं की भूमि में खेती कर रहे हों तथा जिस दिन से ऐसे किसानों द्वारा स्वयं की भूमि पर खेती करने का कार्य बन्द किया जायेगा, उसी दिन से इस योजना के अन्तर्गत दी जा रही पेंशन की सुविधा स्वतः समाप्त हो जायेगी। शपथ पत्र किसान पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऐसे किसानों को अपनी भूमि के सम्बन्घ में रू0 10/- के स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा। संपर्क करें इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिला स्तरीय समाज कल्याण विभाग में संपर्क करें। स्त्राेत : समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड।