उद्देश्य इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को अपनी जमीन पर पारंपरिक फसलों के साथ बड़े पैमाने पर पेड़ और अन्य फसलें लगाने के लिए प्रेरित करना है। मिलने वाले लाभ सामाजिक वानिकी का उद्देश्य फसल नुकसान की स्थिति होने पर किसानों की आय में सुधार करना और लोकप्रिय पेड़ जैसे हीशम, अमरूद, गंभीर, आंवला, महोगनी, सागौन, पीपल, जामुन, कचनार, गुलमोहर, आम नीलगिरी, नीम, कदम, बहेड़ा, पलास आदि को उगाकर उनकीक कृषि उपज में योगदान देना है। किसानों को सरकारी नर्सरी के माध्यम से 10 रुपये प्रति पौध की दर से पेड़ों का बीज उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसान वन विभाग से खरीदे गए पौधों का 50 प्रतिशत अपनी भूमि में 3 साल तक सुरक्षित रखते हैं इसके लिए किसानों को 60 रुपये प्रति पौधा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा, बीज खरीदने के लिए किये गये खर्च का 10 रुपये भी किसानों को वापस दिया जाता है। पात्रता राज्य के सभी किसान। पात्रता किसानों को कम से कम 25 पौधे लगाने होंगे। पौधे खरीदने की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। आवेदन कैसे करें हर साल 01 जून तक किसान अपने निकटतम क्षेत्रीय वन कार्यालय से संपर्क करके आवेदन कर सकते हैं। किससे संपर्क करें (राज्य/जिला स्तर पर कार्यान्वयन एजेंसी) पर्यावरण एवं वानिकी विभाग, बिहार सरकार। ज्यादा जानकारी के लिए, विजिट करें http://forest.bih.nic.in/Beneficiary.aspx