कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय उद्यमिता विकास परियोजना का उद्घाटन कि । विशेष रूप से पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के लिए तैयार की गई, यह अनूठी राष्ट्रीय उद्यमिता विकास परियोजना देश भर में नियोक्ताओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। राष्ट्रीय उद्यमिता विकास परियोजना का उद्देश्य - नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी प्रदाता बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप, व्यक्तियों को व्यापक उद्यमिता प्रशिक्षण से लैस करना है। उभरते रोजगार बाज़ार के अनुरूप ढलने की अनिवार्यता को पहचानते हुए, यह पहल विघटनकारी प्रौद्योगिकी के युग में कर्मचारियों की प्रतिस्पर्धात्मकता और अनुकूलनशीलता को बढ़ाने के लिए उन्हें फिर से कुशल और उन्नत बनाने पर केंद्रित है। राष्ट्रीय उद्यमिता विकास परियोजना 22 सप्ताह की अवधि में व्यापक उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जिसमें अनुभवात्मक शिक्षा के द्वारा सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ जोड़ा जाएगा। प्रशिक्षण ऑफ़लाइन, ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड के माध्यम से आयोजित किया जाएगा, पाठ्यक्रम की विश्वसनीयता और मूल्य में वृद्धि के लिए इसके पूरा होने पर प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के लिए राष्ट्रीय उद्यमिता विकास परियोजना की शुरुआत से रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे दुकानदारों को कुशल बनने में मदद मिलेगी और वे सशक्त होंगे। भारत सरकार ने स्ट्रीट वेंडरों और छोटे दुकानदारों को कौशल प्रदान करने के लिए फ्लिपकार्ट के साथ साझेदारी की है। पायलट प्रोग्राम के तहत देश के 10 बड़े शहरों (संबलपुर, कानपुर, इंदौर, वाराणसी, भरतपुर, शिलांग, सिलचर, डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी ) के स्ट्रीट वेंडर्स को अपना कारोबार बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग के साथ-साथ वजीफा भी दिया जाएगा. प्रायोगिक चरण में, परियोजना को राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी), नोएडा के 20 केंद्रों और भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई), गुवाहाटी के 10 केंद्रों के माध्यम से लागू किया जाएगा। एनआईईएसबीयूडी और आईआईई प्रशिक्षकों और सलाहकारों का एक समूह बनाकर सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योगों, बैंकों और सफल उद्यमियों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षुओं से बातचीत के लिए आमंत्रित करेंगे। उदयमिता केंद्र, एनआईईएसबीयूडी और आईआईई जैसे और अन्य प्रसिद्ध प्रशिक्षण संस्थानों के संसाधन व्यक्तियों के मौजूदा पूल की विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा, जो उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज्ञान और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि के भंडार को बढ़ाने में योगदान देगा। यह परियोजना शुरू में महिलाओं की 40% भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए चयनित जिलों में शुरू की जाएगी। एक मजबूत निगरानी तंत्र इसकी प्रगति का नीरीक्षण, प्रभाव का आकलन और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करेगा। इस परियोजना का शुभारंभ कौशल विकास के लिए सरकार के बहुआयामी दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, जिसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का आधुनिकीकरण और स्किल इंडिया डिजिटल (एसआईडी) प्लेटफॉर्म की स्थापना शामिल है, जो देश भर में कौशल के सुलभ और लचीले अवसर प्रदान करता है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय