संक्षिप्त परिचय प्रदेश में दृष्टिबाधित, मूक बधिर तथा शारीरिक रूप से दिव्यांग निराश्रित ऐसे व्यक्तियों को जिनका जीवन यापन के लिए स्वयं का न तो कोई साधन है और न ही वे किसी प्रकार का ऐसा परिश्रम कर सकते हैं, जिससे उनका भरण पोषण हो सके, इस उद्देष्य से निराश्रित दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा के अर्न्तगत जीवन-यापन हेतु सरकार की कल्याणकारी योजना के अर्न्तगत निराश्रित दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान दिये जाने की योजना लागू की गयी जिसे सामान्यतया दिव्यांग पेंशन के नाम से भी जाना जाता है। भरण पोषण अनुदान विभिन्न श्रेणी के निराश्रित दिव्यांग व्यक्तियों को निम्न मानकों एवं दरों के अनुसार भरण पोषण अनुदान दिया जाता है अभ्यर्थी की दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होने का प्रमाण-पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदान किया गया हो । अभ्यर्थी की आय का कोई साधन न हो अथवा बी.पी.एल. चयनित परिवार से संबंधित हो अथवा मासिक आमदनी रु. 24,000/- तक हो । अभ्यर्थी का पुत्र/पौत्र 20 वर्ष से अधिक आयु का है, किन्तु गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा हो, तो ऐसे अभ्यर्थी भरण-पोषण अनुदान के पात्र होंगे। दिव्यांग भरण पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) रुपये 1200/- प्रतिमाह। कुष्ठ रोग से मुक्त दिव्यांग को रुपये 1200/- प्रतिमाह। कहां संपर्क करें इस याेजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए एवं संपर्क करने के लिए यहां क्लिक करें या नजदीकी जिला समाज कल्याण विभाग में संपर्क करें।