परिचय असम सरकार द्वारा 8 अगस्त 2024 को निजुत मोइना योजना शुरू की गई। इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सशक्त बनाना और उन्हें अपनी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूरी करने तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। असम सरकार का उच्च शिक्षा विभाग इस योजना का कार्यान्वयन विभाग है। सरकार अब सभी पात्र छात्राओं को वार्षिक सहायता प्रदान करेगी, जो समान मासिक किस्तों के माध्यम से वितरित की जाएगी। फ़ायदे छात्राओं को मासिक छात्रवृत्ति। कक्षा 11वीं की छात्राओं को 10 माह तक 1,000/- रूपये प्रति माह (कुल 10,000/- रूपये) प्रथम वर्ष की स्नातक छात्राओं को 10 माह के लिए रु. 1,250/- प्रति माह (कुल रु. 12,500/-) पीजी और बी.एड कोर्स की छात्राओं को 10 महीने के लिए 2,500/- रुपये प्रति माह (कुल 25,000/- रुपये) पात्रता कक्षा 11वीं, प्रथम वर्ष स्नातक पाठ्यक्रम और प्रथम वर्ष स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम/बी.एड. कर रही छात्रा। लड़की को सरकारी और वेंचर्स स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में पढ़ना चाहिए। स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रम छात्राएं भी इस योजना के लिए आवेदन करने हेतु पात्र हैं। असम सरकार द्वारा कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। अयोग्यता सांसद/विधायक/मंत्री की पुत्री। विवाहित छात्राएं (पी.जी. और बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए लागू नहीं) प्रज्ञान भारती और बनिकांता काकती पुरस्कार योजना बालिका लाभार्थी। निजी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों की छात्राएं। सरकारी सेवा में ररहकर बी.एड. कर रही छात्रा। दस्तावेज़ 10वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट। (कक्षा 11वीं की छात्राओं के लिए) 12वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट। (स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा के लिए) स्नातक डिग्री मार्कशीट और उत्तीर्ण प्रमाण पत्र। (प्रथम वर्ष पीजी और बी.एड छात्राओं के लिए) पासपोर्ट आकार फोटो. बैंक के खाते का विवरण। छात्रा का आधार कार्ड. मोबाइल नंबर. आवेदन करने की प्रक्रिया अपने स्कूल/कॉलेज/विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी से मुख्यमंत्री निजुत मोइना योजना का आवेदन पत्र प्राप्त करें। इसे सही-सही भरें, सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें और अपने संबंधित शैक्षणिक संस्थान में जमा करें। संबंधित शैक्षणिक संस्थान प्राप्त आवेदन पत्र और दस्तावेजों का सत्यापन करेगा तथा आगे की मंजूरी के लिए उसे उच्च शिक्षा विभाग को भेजेगा। अंतिम अनुमोदन के बाद मासिक छात्रवृत्ति सीधे बालिका लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। छात्राओं को दूसरे वर्ष में पुनः आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। संस्था प्रमुख या प्रधानाचार्य छात्रा की ओर से निरंतरता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे। संपर्क आगे की सहायता के लिए उच्च शिक्षा विभाग या अपने संबंधित स्कूल/कॉलेज/विश्वविद्यालय से संपर्क करें।