अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है।इस दिन का महत्व सामाजिक, राजनीतिक, और आर्थिक क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों और तरक्की के प्रति जागरूकता को बढ़ाता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) की शुरुआत "क्लारा जेटकिन " नामक जर्मन महिला ने 1911 में की थी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के समाज में समानता, समरसता, और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (IWD) की शुरुआत लगभग 115 वर्ष पहले, 1908 में हुई थी, जब न्यूयॉर्क सिटी में लगभग 15,000 महिलाएं मार्च किया। उन्होंने काम करने के समय, बेहतर वेतन, और मतदान का अधिकार मांगा। पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) 1911 को क्लारा जेटकिन द्वारा मनाया गया था। क्लारा जेटकिन एक जर्मन महिला थी और क्लारा जेटकिन ने वामपंथी कार्यकर्ता के रूप में महिलाओं के हक के लिए आवाज़ उठाई और महिलाओं के प्रगति को बढ़ावा दिया।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का पहला अधिकारिक मनाना 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी, और स्विटज़रलैंड में हुआ था।1975 में, संयुक्त राष्ट्र ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को औपचारिक मान्यता दी। इस उपलब्धि के साथ, यह जश्न आधिकारिक रूप से विश्वभर में मनाने लायक हो गया। 1996 में, संयुक्त राष्ट्र ने पहली थीम चुनी, जिसका नाम था "गुज़रे हुए वक़्त का जश्न और भविष्य की योजना बनाना"। यह थीम महिलाओं के पूर्व सफलताओं का सम्मान करती है और उन्हें भविष्य में भी सकारात्मक दिशा में अग्रसर करने के लिए प्रेरित करती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 की थीम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2024 का विषय: "इंस्पायर इंक्लूजन / Inspire Inclusion" है। यह अभियान महिलाओं को समावेशन के महत्व को समझाने और महत्व देने के लिए प्रेरित करता है।इस अभियान के माध्यम से, हम एक समावेशी दुनिया के निर्माण की प्रेरणा देते हैं, जहां हर महिला को समान अवसर मिलते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य: महिलाओं के अधिकारों की संरक्षा और समर्थन: इस दिन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के समाज में समानता, सुरक्षा, और अधिकारों की संरक्षा को प्रोत्साहित करना है। महिला सशक्तिकरण: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझें, उनके लिए लड़ सकें, और समाज में अपनी भूमिका निभा सकें। महिला शिक्षा और स्वास्थ्य: इस दिन के माध्यम से, महिलाओं के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। सामाजिक संवेदनशीलता: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के माध्यम से, समाज को महिलाओं की समस्याओं और उनके साथ होने वाली अन्यायों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का मौका मिलता है। समाज में महिलाओं के समावेश का प्रोत्साहन: इस दिवस के माध्यम से, समाज में महिलाओं के समावेश को बढ़ाने और उन्हें समानता के माध्यम से सशक्त करने का प्रोत्साहन किया जाता है। Source : "अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस"