एनएमडीएफसी क्या है? राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) का निगमीकरण 30 सितम्बर, 1994 को कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के तहत लाभ निरपेक्ष कंपनी के रूप में किया गया था। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अधिनियम 1992 में परिभाषित अल्पसंख्यकों के विकास के लिए यह निगम राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था के रूप में कार्यरत है। एनएमडीएफसी का मुख्य अधिदेश अल्पसंख्यकों को स्वरोजगार / आय सृजन गतिविधियों के लिए रियायती दर पर ऋण प्रदान करना है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अधिनियम 1992 के अनुसार, अधिसूचित अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी हैं। बाद में, जनवरी 2014 में जैन समुदाय को भी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों की सूची में शामिल कर दिया गया। एनएमडीएफसी के ऋण कार्यक्रमों के तहत कारीगरों और महिलाओं को तरजीह दी जाती है। लक्षित समूह एनएमडीएफसी का मुख्य अधिदेश स्वरोजगार / आय सृजन क्रियाकलापों के लिए अल्पसंख्यकों को रियायती वित्त प्रदान करना है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अधिनियम,1992 के अनुसार, अधिसूचित अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई, सिक्ख, बौद्ध और पारसी हैं। बाद में, जैन समुदाय को भी जनवरी, 2014 में अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों की सूची में डाला गया है। वर्तमान में, ऐसे परिवार जिनकी आय ग्रामीण क्षेत्र में 81,000 रू. वार्षिक तथा शहरी क्षे़त्रों में 1,03,000 रू. वार्षिक है, वे एनमएमडीएफसी की योजनाओं के तहत ऋण लेने के पात्र हैं। एमएमडीएफसी ने विशेष पहल करते हुए, भारत सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अपनाई जा रही ‘‘क्रीमी लेयर” पात्रता का पालन करते हुए वार्षिक पारिवारिक आय की पात्रता की नई सीमा 6.00 लाख रू. कर दी है। यह नई पात्रता ऋण सीमा सितंबर, 2014 से लागू है। लक्ष्य समूहों तक पहुंचने के माध्यम लक्ष्य समूह तक पहुँचने के लिए एनएमडीएफसी के पास निम्नलिखित दो माध्यम हैं: 1. राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियाँ (एससीए) यह् ऋण प्रदान करने का मुख्य माध्यम है। राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों (एससीए) को संबद्ध राज्य सरकारों द्वारा नामित किया जाता है। वर्तमान में, एनएमडीएफसी की 37 चैनेलाइजिंग एजेंसियाँ कार्य कर रही है और जिसका ब्यौरा इस प्रकार है- अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम- संख्या 15 राज्य अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति विकास निगम- संख्या 4 राज्य पिछड़ा वर्ग विकास निगम-संख्या 8 राज्य महिला विकास निगम-संख्या 3 हथकरघा और हस्तशिल्प निगम-संख्या 2 अन्य एजेंसियों (सहकारी बैंकों, औद्योगिक विकास निगम, आदि)-संख्या 5 कुल- संख्या 37 2. गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) लक्ष्य समूह तक पहुँचने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से चयनित गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) की सेवाएं ली जाती हैं। इस तरह के गैर सरकारी संगठनों को तीन साल से अधिक पुराना, अ-राजनैतिक, आर्थिक रूप से मजबूत तथा बचत और ऋण में कम से कम एक वर्ष के अनुभव के साथ सामाजिक- आर्थिक क्रियाकलापों कार्य करने वाला होना चाहिए। एनएमडीएफसी की ऋण योजनायें (क्रेडिट लाइन – 1) सावधि ऋण योजना (टर्म लोन) यह योजना वैयक्तिक लाभार्थियों के लिए है, जिसे राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जाता है। टर्म लोन योजना में 20.00 लाख रू. तक की लागत वाली परियोजनाओं के लिए ऋण प्रदान किया जाता है। एनएमडीएफसी, परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक का ऋण प्रदान करती है, जिसकी अधिकतम सीमा 18.00 लाख रू. है। परियोजना की बाकी लागत को राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी तथा लाभार्थी द्वारा वहन किया जाता है। हालांकि, लाभार्थी को परियोजना लागत का कम से कम 5 प्रतिशत अनिवार्य रूप से देना होता है। लाभार्थी से लिए जाने वाले ब्याज की दर घटते हुए शेष पर 6 प्रतिशत सालाना है। सावधि ऋण योजना के अधीन किसी भी प्रकार के व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य और तकनीकी दृष्टि से संभाव्य कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध है। इन कार्यों को सुविधा के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों में श्रेणीबद्ध किया गया है - कृषि एवं उससे संबंधित तकनीकी व्यापार छोटे व्यवसाय कारीगर एवं परंपरागत व्यवसाय,और परिवहन एवं सेवा क्षेत्र क्रम.स. पैरामीटर्स स्कीम का ब्योरा 1 ऋण राशि 20.00 लाख रू. तक 2 लाभार्थियों के लिए ब्याज दर 6% वार्षिक 3 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए ब्याज दर 3% वार्षिक 4 ऋण स्थगन (मोरेटेरियम पीरियड) अवधि 6 माह 5 लाभार्थियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 5 वर्ष 6 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 8 वर्ष 7 वित्तपोषण के साधन 90 : 5 : 5 8 एनएमडीएफसी:एससीए:लाभार्थी का अंशदान 3 माह 9 ऋण उपयोग करने की अवधि स्कीम का ब्योरा शैक्षिक ऋण योजना यह योजना वैयक्तिक लाभार्थियों के लिए है और इसे राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जाता है। एनएमडीएफसी, अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र व्यक्तियों को रोजगारन्मुख शिक्षा देने के उद्देश्य से शैक्षिक ऋण उपलब्ध कराती है। इस योजना के अंतर्गत, तकनीकी व व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के लिए जोकि 5 वर्ष की अवधि से ज्यादा के न हों, प्रतिवर्ष 3.00 लाख रू. की दर से अधिकतम 15.00 लाख रू. का ऋण उपलब्ध है। इसके अलावा, विदेशों में पढ़ने वाले पाठ्यक्रमों के लिए जो कि 5 वर्ष की अवधि से ज्यादा के न हों, प्रतिवर्ष 4.00 लाख रू. की दर से अधिकतम 20.00 लाख रू. का ऋण उपलब्ध है। इस प्रयोजन के लिए राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी को 1 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर निधि उपलब्ध कराई जाती है, जिसे वे आगे लाभार्थियों को 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराते हैं। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद, ऋण को अधिकतम पाँच वर्षों में वापस करना होता है। क्रम.स. पैरामीटर्स स्कीम का ब्योरा 1 अधिकतम ऋण राशि 5 वर्ष की अधिकतम अवधि के साथ भारत में व्यवसायिक और रोजगारन्मुख डिग्री कोर्स' के लिए प्रतिवर्ष 3.00 लाख रू. की दर से 15.00 लाख रू. तक। 5 वर्ष की अधिकतम अवधि के साथ 'विदेश में कोर्स' के लिए प्रतिवर्ष 4.00 लाख रू. की दर से 20.00 लाख रू. तक । 2 लाभार्थियों के लिए ब्याज दर 3% वार्षिक 3 एससीए के लिए ब्याज दर 1% वार्षिक 4 ऋण स्थगन अवधि (मोरटेरियम पीरियड) पाठ्यक्रम पूरा होने के 6 महीने के बाद या नौकरी मिलने के बाद, जो भी पहले हो। 5 ऋण स्वीकृति के लिए एससीए को प्रत्यायोजित अधिकार राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों को जमीनी हकीकत के आधार पर ऋण की स्वीकृति / संवितरण की सलाह दी गर्इ है। 6 लाभार्थियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 5 वर्ष 7 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 5 वर्ष 8 वित्तपोषण के साधन एनएमडीएफसी :एससीए : लाभार्थी का अंशदान 90 : 5 : 5 लघु वित्तपोषण योजना लघु-वित्त पोषण योजना के अंतर्गत, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों को विशेषकर, दूर-दराज के गांव और शहरों की मलिन बस्तियों में जीवन यापन कर रही अल्पसंख्यक समुदाय की उन महिलाओं को लघु ऋण दिया जाता है जो न तो बैंकों से ऋण ले पाती हैं और न ही राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से एनएमडीएफसी की ऋण योजनाओं का लाभ ही उठा पाती हैं। एनएमडीएफसी इस योजना को बांग्लादेश के ग्रामीण बैंक और राष्ट्रीय महिला कोष (आरएमके) की तर्ज पर क्रियान्वित कर रही है। इस योजना में यह अपेक्षा की जाती है कि लाभार्थी पहले तो स्वयं सहायता समूहों को बनाए। उसके बाद नियमित बचत करने की आदत बनाएं, चाहे यह बचत छोटी ही क्यों न हो। इस योजना में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के नेटवर्क और एससीए द्वारा पहचान किए ऋण मामले में विश्वसनीय गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से भी सर्वाधिक गरीब लोगों को ऋण देने की संकल्पना है। यह एक अनौपचारिक ऋण योजना है, जिसमें लाभार्थी के दरवाजे पर शीघ्र ऋण प्रदानगी सुनिश्चित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत एनजीओ/ स्वयं सहायता समूह के माध्यम से एसएचजी के प्रत्येक सदस्य को अधिकतम 1.00 लाख रू. तक का लघु ऋण प्रदान किया जाता है। इस योजना को एससीए के साथ-साथ एनजीओ के माध्यम से भी लागू किया जाता है। एनजीओ/एससीओ को 1 प्रतिशत की दर पर दिया जाता है जिसे वे आगे एसएचजी को 7 प्रतिशत वार्षिक की ब्याज दर पर मुहैया कराते हैं। इस योजना के अंतर्गत ऋण वापस करने की अधिकतम अवधि 36 महीने है। क्रम.स. पैरामीटर्स स्कीम का ब्यौरा 1 ऋण राशि स्वयं सहायता समूह के प्रत्येक सदस्य के लिए 1.00 लाख रू. तक 2 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए ब्याज दर 1% वार्षिक 3 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वार गैर-सरकारी संगठनों के लिए ब्याज दर 2% वार्षिक (राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए 1% वार्षिक का मार्जिन) 4 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज दर 7% वार्षिक (गैर-सरकारी संगठनों के लिए 5% वार्षिक का मार्जिन) 5 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज दर 7% वार्षिक (राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए 6% वार्षिक का मार्जिन) 6 लाभार्थियों/स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज दर 7% वार्षिक 7 सीधे एनएमडीएफसी द्वारा गैर-सरकारी संगठनों के लिए ब्याज दर 1% वार्षिक (गैर-सरकारी संगठन के लिए 6% वार्षिक का मार्जिन) 8 ऋण स्थगन अवधि (मोरटेरियम पीरियड) 3 माह 9 गैर सरकारी संगठनों / फेडरेशन को ऋण मंजूरी के लिए एससीए के पास अधिकार प्रत्यके गैर-सरकारी संगठन / फेडरेशन के लिए 25.00 लाख रू. की सीमा। 10 लाभार्थियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 3 वर्ष 11 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/गैर-सरकारी संगठनों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 4 वर्ष / 3 वर्ष 12 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/गैर-सरकारी संगठनों के लिए उपयोग अवधि 3 माह / 1माह 13 वित्त पोषण के साधन एनएमडीएफसी :एससीए : लाभार्थी का अंशदान 90 : 5 : 5 महिला समृद्धि योजना महिला समृद्धि योजना एक अनूठी योजना है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों में गठित महिला सदस्यों को सिलाई, कटिंग एवं कढ़ाई आदि व्यवसायों में प्रशिक्षण देने के साथ-साथ लघु ऋण दिया जाता है। इस योजना को एनएमडीएफसी की राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों (एससीए) के साथ-साथ संबंधित एससीए द्वारा पहचान किए गए गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है। महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत, महिलाओं के अनुकूल किसी समुचित दस्तकारी क्रियाकलाप में लगभग 20 महिलाओं के समूह को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान ही स्वयं सहायता समूह का गठन कर दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद बने स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को लघु ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षण की अधिकतम अवधि छह महीने है तथा प्रशिक्षण खर्च की अधिकतम सीमा प्रति प्रशिक्षणार्थी हर महीने 1,500 रू. है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को हर महीने 1,000 रू. का वज़ीफा भी दिया जाता है। एनएमडीएफसी द्वारा अनुदान के रूप में प्रशिक्षण खर्च तथा वज़ीफे का भुगतान किया जाता है। प्रशिक्षण के पश्चात, बनाए गए स्वयं सहायता समूह के हर सदस्य को उनकी जरूरत के आधार पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर अधिकतम 1.00 लाख रू. का ऋण उपलब्ध है। एनएमडीएफसी की ऋण योजनायें (क्रेडिट लाइन – 2) एनएमडीएफसी की उच्च मात्रा के ऋण एवं ब्याज दरों वाली वित्तपोषण योजनाओं के ब्यौरे नीचे प्रस्तुत हैं- सावधि ऋण( टर्म लोन) योजना यह योजना वैयक्तिक लाभार्थियों के लिए है और इस योजना को राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से क्रियान्वित की जाती है। सावधि ऋण योजना में 30.00 लाख रू. तक की लागत वाली परियोजनाओं के लिए ऋण प्रदान किया जाता है। एनएमडीएफसी द्वारा परियोजना लागत का 90 प्रतिशत तक का ऋण प्रदान किया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 27.00 लाख रू. है। परियोजना की बाकी लागत को राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी तथा लाभार्थी द्वारा दिया जाता है। हालांकि, लाभार्थी को परियोजना लागत का कम से कम 5 प्रतिशत अनिवार्य रूप से देना होता है। पुरूष लाभार्थियों से 8 प्रतिशत वार्षिक और महिला लाभार्थियों से 6 प्रतिशत वार्षिक का ब्याज लिया जाता है। क्र. सं. पैरामीटर्स स्कीम का ब्योरा 1 ऋण राशि 20.00 लाख रू. तक 2 लाभार्थियों के लिए ब्याज दर 6% वार्षिक 3 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए ब्याज दर 3% वार्षिक 4 ऋण स्थगन (मोरेटेरियम पीरियड) अवधि 6 माह 5 लाभार्थियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 5 वर्ष 6 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 8 वर्ष 7 वित्तपोषण के साधन एनएमडीएफसी:एससीए:लाभार्थी का अंशदान 90 : 5 : 5 8 ऋण उपयोग करने की अवधि 3 माह शैक्षिक ऋण योजना यह योजना भी वैयक्तिक लाभार्थियों के लिए है और इस योजना को राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है। अल्पसंख्यक समुदाय के योग्य व्यक्तियों को रोजगारन्मुख शिक्षा देने के लिए एनएमडीएफसी द्वारा शैक्षिक ऋण प्रदान किया जाता है। इस योजना के अधीन ‘तकनीकी एंव व्यावसायिक पाठ्यक्रमों‘ के लिए जो कि 5 वर्ष की अवधि से ज्यादा के न हों, प्रति वर्ष 4.00 लाख रू. की दर से अधिकतम 20.00 लाख रू. का ऋण उपलब्ध है। इसके अलावा, विदेशों में पाठ्यक्रमों के लिए जोकि 5 वर्ष की अवधि से ज्यादा के न हों, प्रति वर्ष 6.00 लाख रू. की दर से अधिकतम 30.00 लाख रू. का ऋण उपलब्ध है। इस प्रयोजन के लिए राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी को 2 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर निधि उपलब्ध कराई जाती है, जिसे वे आगे पुरूष लाभार्थियों को प्रति वर्ष 8 प्रतिशत एवं महिला लाभार्थियों को प्रति वर्ष 5 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराते हैं। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद, ऋण को अधिकतम पाँच वर्षों में वापस करना होता है। क्र. सं. पैरामीटर्स स्कीम का ब्योरा 1 अधिकतम ऋण राशि 5 वर्ष की अधिकतम अवधि के साथ भारत में 'व्यवसायिक और रोजगारन्मुख डिग्री कोर्स' के लिए प्रतिवर्ष 4.00 लाख रू. की दर से 20.00 लाख रू. तक । 5 वर्ष की अधिकतम अवधि के साथ 'विदेश में कोर्स' के लिए प्रतिवर्ष 6.00 लाख रू. की दर से 30.00 लाख रू. तक । 2 लाभार्थियों के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए एवं महिला लाभार्थियों के लिए 8% वार्षिक एवं 5% वार्षिक 3 एससीए के लिए ब्याज दर 2% वार्षिक 4 ऋण स्थगन अवधि (मोरटेरियम पीरियड) पाठ्यक्रम पूरा होने के 6 महीने के बाद या नौकरी मिलने के बाद, जो भी पहले हो। 5 ऋण स्वीकृति के लिए एससीए को प्रत्यायोजित अधिकार राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों को जमीनी हकीकत के आधार पर ऋण की स्वीकृति / संवितरण की सलाह दी गर्इ है। 6 लाभार्थियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 5 वर्ष 7 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 5 वर्ष 8 वित्तपोषण के साधन एनएमडीएफसी :एससीए : लाभार्थी का अंशदान 90 : 5 : 5 लघु वित्तपोषण योजना इस योजना के अंतर्गत, राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के नेटवर्क के माध्यम से सर्वाधिक गरीब व्यक्तियों को लघु ऋण दिया जाता है। यह एक अनौपचारिक ऋण योजना है जिसमें लाभार्थी के दरवाजे पर शीध्र ऋण प्रदानगी सुनिश्चित की जाती है। इस योजना में एससीए/गैर सरकारी संगठनों/स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्वयं सहायता समूह के हर सदस्य को अधिकतम 1.50 लाख रू. तक के छोटे-छोटे ऋण दिए जाते हैं। राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों, तथा एससीए द्वारा पहचान किए गए गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के नेटवर्क के माध्यम से 20 महिलाओं के समूह को अधिकतम 30.00 लाख रू. का ऋण दिया जाता है। यह राशि राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/गैर-सरकारी संगठनों को दी जाती है, जिसे आगे यह ऋण स्वयं सहायता समूह को उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के तहत पुरूष लाभार्थियों को प्रति वर्ष 10 प्रतिशत ब्याज दर पर और महिला लाभार्थियों को प्रति वर्ष 8 प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण दिया जाता है। क्र. सं. पैरामीटर्स स्कीम का ब्योरा 1 ऋण राशि स्वयं सहायता समूह के हर सदस्य के लिए अधिकतम 1.50 लाख रू. तक स्वयं सहायता समूह के एक समूहकी 20 महिलाओं को अधिकतम 30.00 लाख रू. तक का ऋण 2 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए 4 % वार्षिक एवं महिला लाभार्थियों के लिए 2% वार्षिक 3 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा गैर-सरकारी संगठनों के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए 5 % वार्षिक (राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए 1% वार्षिक का मार्जिन) एवं महिला लाभार्थियों के लिए 3% वार्षिक (राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी के लिए 1% वार्षिक का मार्जिन) 4 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए 10 % वार्षिक (एनजीओ के लिए 5% वार्षिक का मार्जिन) एवं महिला लाभार्थियों केलिए 8% वार्षिक (एनजीओ के लिए 5% वार्षिक का मार्जिन) 5 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए 10 % वार्षिक (एससीए के लिए 6% वार्षिक का मार्जिन) एवं महिला लाभार्थियों केलिए 8% वार्षिक (एससीए के लिए 4% वार्षिक का मार्जिन) 6 लाभार्थियों/स्वयं सहायता समूहों के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए 10 % वार्षिक एवं महिला लाभार्थियों के लिए 8% वार्षिक 7 सीधे एनएमडीएफसी द्वारा गैर-सरकारी संगठनों के लिए ब्याज दर पुरूष लाभार्थियों के लिए 4% वार्षिक (एनजीओ के लिए 6% वार्षिक का मार्जिन) एवं महिला लाभार्थियों केलिए 2% वार्षिक (एनजीओ के लिए 6% वार्षिक का मार्जिन) 8 ऋण स्थगन अवधि (मोरटेरियम पीरियड) 3 माह 9 गैर सरकारी संगठनों / फेडरेशन को ऋण मंजूरी के लिए एससीए के पास अधिकार प्रत्यके गैर-सरकारी संगठन / फेडरेशन के लिए 25.00 लाख रू. की सीमा। 10 लाभार्थियों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 3 वर्ष 11 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/गैर-सरकारी संगठनों के लिए पुनर्भुगतान की अवधि 4 वर्ष / 3 वर्ष 12 राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों/गैर-सरकारी संगठनों के लिए उपयोग अवधि 3 माह / 1माह 13 वित्त पोषण के साधन एनएमडीएफसी :एससीए : लाभार्थी का अंशदान 90 : 5 : 5 संवर्धनात्मक योजनाएँ कौशल विकास यह कार्यक्रम आपके निगम द्वारा दिनांक-11 नवंबर, 2014 को विशेष प्रयोजन माध्यम (एसपीवी) के रूप में स्थापित मानस के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। मानस की स्थापना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के कौशल का विकास और उनको उन्नत बनाने की सभी प्रकार की जरूरतों को पूरा करना है। मानस मुख्य रूप से इस क्षेत्र में कार्य कर रहे राष्ट्रीय कौशल विकास (एनएसडीसी) और उसके भागीदारों और सरकारी, अर्द्ध सरकारी एजेंसियों और बड़े पैमाने पर अन्य प्रतिष्ठित निजी एजेंसियों के साथ सहयोगी के रूप में काम करेगा। शुरू में 26 सेक्टर कौशल परिषदों और अन्य जानकारी रखने वाले ;भागीदारों के पाठ्यक्रमों को अपनाया जाएगा जिनके पास राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा मानक (एनओएस) /राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा योग्यततंत्र (एनवीइक्यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रम होंगे। मानस द्वारा प्लेसमेंट सुनिश्चित करने के लिए कुशल श्रमिक बल के वास्तविक नियोक्ताओं के साथ मिलकर, उनकी जरूरत के अनुसार, पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे। कौशल प्रशिक्षण के लिए जो मानस के साथ गठजोड़ करेंगे उन्हें, मानकों के अनुसार, एनएसडीसी भागीदारों और अन्य बड़े पैमाने पर व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा प्रशिक्षण सुविधाएं और बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण की क्षमता और दिए गए प्रशिक्षण के गुणवत्ता आश्वासन को सुनिश्चित करने के लिए अपने संबंधित क्षेत्रों में, स्वीकार्य तथा मान्यता एवं प्रमाणन निकायों/अग्रणी संस्थाओं, सेक्टर कौशल परिषदों के साथ मानस द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाणन का कार्य किया जा सकता है। एनएसडीसी भागीदारों/ मानस के प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से मजदूरी रोजगार की प्लेसमेंट को सुनिश्चित किया जाएगा। मानस के माध्यम से एनएमडीएफसी के ऋण से प्रशिक्षण भागीदारों द्वारा स्वरोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। कौशल विकास/कौशल उन्नयन के माध्यम से ऋण के संवितरण और स्वरोजगार उत्पादन के बीच की कड़ी को जोड़ने के उद्देश्य के लिए मानस के भागीदार और स्वयं मानस, एनएमएडीएफसी की चैनेलाइजिंग एजेंसी बन जाएंगे। विदेशी प्लेसमेंट को प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय के माध्यम से और देश के भीतर के प्लेंसमेंट को अन्य सरकारी विभागों/एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। उम्मीदवारों की निगरानी,पर्यवेक्षण और उन निगाह रखने का कार्य मानस/प्रशिक्षण भागीदारों आदि द्वारा किया जाएगा। मानस द्वारा एनएमडीएफसी के डाटा सेंटर का उपयोग किया जाएगा। कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 350 से अधिक उम्मीदवारों के लिए 35.00 लाख रू. की कुल राशि जारी की जा चुकी है जिसका ब्यौरा इस प्रकार है: राशि करोड़ रू. में क्रम सं संस्थान का नाम कुल उम्मीदवार कुल राशि 1 टी एस स्किल एंड टेक प्रा. लि. 150 0.15 2 स्किल ट्री कंसल्टिंग (प्रा.) लि. 200 0.20 कुल 350 0.35 व्यवसायिक प्रशिक्षण योजना एनएमडीएफसी की व्यवसायिक प्रशिक्षण योजना का उद्देश्य लक्षित वैयक्तिक लाभार्थियों को स्व-रोजगार/रोजगार के लिए कौशल प्रदान करना है। इस योजना को राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जाता है,जो अपने राज्यों में स्थानीय सरकारी/मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थाओं की सहायता से स्व-रोजगार/रोजगारन्मुख व्यवसायों में जरूरत के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। अधिकतम छह महीने तक की अवधि वाले पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की लागत प्रति उम्मीदवार हर महीने 2,000 रू. है। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षणार्थियों (ट्रेनियों) को हर महीने 1,000 रू. की दर से वजीफा भी दिया जाता है। योजना के अनुसार, एनएमडीएफसी द्वारा प्रशिक्षण खर्च का 90 प्रतिशत अनुदान के रूप में दिया जाता है तथा बाकी का 10 प्रतिशत राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी/प्रशिक्षण संस्थान द्वारा दिया जाता है। राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी/प्रशिक्षण संस्थान को रोजगार/स्व-रोजगार में कम से कम 80 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थियों (ट्रेनियों) की प्लेसमेंट सुनिश्चित करनी होगी तथा जिसमें से 50 प्रतिशत को संगठित क्षेत्र में नियुक्त करना होगा। प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षणार्थियों (ट्रेनियों) को 1 साल तक हैंडहोल्डिंग सहयोग भी प्रदान करना होगा। राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के लिए निधियों के अनुमोदन/जारी करने के लिए निर्धारित प्रपत्रों में अपने प्रस्ताव एनएमडीएफसी को प्रस्तुत करना जरूरी होगा। क्रम सं. पैरामीटर्स स्कीम का ब्यौरा 1 प्रशिक्षण लागत प्रति माह प्रति प्रशिक्षणार्थी 2,000/- रू. 2 प्रशिक्षण की अवधि 6 महीने तक 3 वजीफा प्रति माह प्रति प्रशिक्षणार्थी 1,000/- रू. 4 वित्तपोषण के साधन एनएमडीएफसीःएससीए/एनजीओ 90 प्रतिशत : 10 प्रतिशत विपणन (मार्केटिंग) सहायता योजना विपणन(मार्केटिंग) सहायता योजना वैयक्तिक कारीगरों, एनएमडीएफसी के लाभार्थियों के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के लिए है और इस योजना को राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से क्रियान्वित किया जाता है। इसका उद्देश्य कारीगरों को सहायता देना, उनके उत्पादों की मार्केटिंग करना और उन्हें उसकी लाभकारी कीमत दिलाना है। इसके लिए उनकी बिक्री को बढ़ावा देने के लिए, एनएमडीएफसी द्वारा चुनिंदा जगहों पर राज्य/जिला स्तर पर प्रदर्शनी आयोजित करने में राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों तथा गैर-सरकारी संगठनों का सहयोग किया जाता है। इन प्रदर्शनियों में अल्पसंख्यक वर्ग के कारीगरों के हथकरघा/हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया जाता है तथा उनकी बिक्री की जाती है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ ‘क्रेता-विक्रेता समागन‘ से आपसी मेलजोल को बढ़ाने में सहायक होती हैं, जो घरेलू खपत तथा निर्यात के लिए मार्केटिंग को बढ़ावा देने और उत्पाद के विकास का कारगर साधन है। प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एनएमडीएफसी द्वारा प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। क्र. सं. पैरामीटर्स संशोधि स्कीम एससीए के स्तर पर प्रदर्शनी के आयोजन की लागत क श्रेणी के शहरों के लिए 20,000 रू. /स्टॉल ख श्रेणी के शहरों के लिए 16,000 रू. /स्टॉल ग श्रेणी के शहरों के लिए 12,000 रू. /स्टॉल घ श्रेणी के शहरों के लिए 10,000 रू. /स्टॉल सभी महानगर ‘क‘ श्रेणी के शहर, महानगर के अलावा अन्य सभी राज्यों की राजधानियाँ ‘ख‘ श्रेणी के शहरों में आती हैं। जिला मुख्यालय ‘ग‘ श्रेणी के शहर और अन्य घ श्रेणी के शहर हैं। 2 यात्रा भत्ता 2 व्यक्तियों के लिए (वास्तविक आधार पर) द्वितीय श्रेणी शयनयान या साधारण बस का किराया 3 मंहगाई भत्ता प्रत्येक कारीगर/स्वयं सहायता समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले 2 व्यक्तियों के लिए प्रति व्यक्ति 500/- रू.. 4 प्रतिभागी कारीगरों/व्यक्तिगत लाभार्थी (प्रति स्टॉल 2 लाभार्थियो के लिए) ; उन स्वयं सहायता समूहों को वरीयता दी जाएगी जिनके पास 10-15 सदस्य होंगे; 2:1 एसएचजी के अनुपात में:कारीगरों/व्यक्तिगत लाभार्थियों को स्टॉल दिए जाएंगे। 5 प्रदर्शनी में अधिकतम स्टॉल संख्या 10-40 6 प्रदर्शनी की सामान्य अवधि 2 हफ्ते 7 वित्त पोषण के साधन एनएमडीएफसीःएससीए/एनजीओ 90% : 10% सहायता अनुदान योजना एनएमडीएफसी की योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एनएमडीएफसी की एससीए के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा सहायता अनुदान (जीआईए) योजना के तहत सहयोग किया जाता है। अब तक, एनएमडीएफसी द्वारा विभिन्न एससीए को 17.14 करोड़ रू. की राशि जारी की जा चुकी है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) से जुड़ी प्रश्नोत्तरी के लिए इस लिंक में क्लिक करें स्रोत:राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी),अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय