क्या करें खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमीनियम पन्नी, गते इत्यादि से ढक कर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएँ आती हैं, काले पर्दे लगाकर रखना चाहिए। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें। आपात् स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एल्युमीनियम पन्नी, गते इत्यादि से ढक कर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके।उन खिड़कियों व दरवाजों पर जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएँ आती हैं, काले पर्दे लगाकर रखना चाहिए।स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सतर्क रहें।आपात् स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। क्या न करें बच्चों व पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहन में अकेला ना छोड़ें। जहाँ तक संभव हो घर में ही रहें तथा सूर्य के सम्पर्क से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहाँ तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। मादक पेय पदार्थों का सेवन ना करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढक कर रखें। स्त्रोत: राष्ट्रीय आपदा प्रबंध संस्थान,गृह मंत्रालय,भारत सरकार