<h3>मधुबनी चित्रकला (पेंटिंग)-कला का पुनर्जीवन </h3> <p style="text-align: justify;">अंजू देवी बिहार की रहने वाली हैं। पीएमईजीपी योजना ने उन्हें मधुबनी चित्रकला (पेंटिंग) में डिप्लोमा प्राप्त करने में मदद की और अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण प्रदान किया। मधुबनी कला के प्रति अपने लगाव को बनाए रखते हुए, उन्होंने इसे एक आर्थिक लाभ का माध्यम बनाने और लुप्त होती इस कला को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया।</p> <h3 style="text-align: justify;"> एसएसडी मिथिला आर्ट्स</h3> <p style="text-align: justify;">उनके एसएसडी मिथिला आर्ट्स नामक उद्यम ने उन्हें न केवल एक गौरवान्वित उद्यमी बनाया है, बल्कि कई अन्य महिलाओं को रोजगार प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर भी बनाया है।</p> <h3 style="text-align: justify;">संदेश</h3> <p style="text-align: justify;">अन्य महिलाओं के लिए संदेश देते हुए बताया कि, “कुछ ऐसी गतिविधि चुनें जिसमें आपकी रुचि हो और जो आपको आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आपके आस-पड़ोस की अन्य महिलाओं को भी रोजगार प्रदान करती हो। कड़ी मेहनत, लगन, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और निरंतर नवाचार आपको सफलता की ओर ले जाएगा।”</p> <h3 style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना</h3> <p style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना वित्तीय एवं प्रशिक्षण सहायता प्रदान करती है तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) अंजू देवी और कई अन्य लोगों के लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्राेत : पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार।</p>