एसडीआई में योजना के क्या उद्देश्य हैं? उत्तरः इस योजना के उददेश्य निम्न हैं: स्कूल छोड़ने वालों, वर्तमान श्रमिकों, आईटीआई धारकों इत्यादि को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि सरकार, निजी संस्थानों तथा उद्योग में उपलब्ध अवसंरचनाओं का आदर्श उपयोग करते हुए उनकी रोजगारपरकता को उन्नत बनाया जा सके। इस योजना के अंतर्गत व्यक्तियों के मौजूदा कौशल भी जांचे और प्रमाणित किए जाएंगे। II. देश में सक्षमता मानकों, कोर्स पाठ्यक्रम, शिक्षण सामग्री तथा मूल्यांकन मानकों के विकास के क्षेत्र में क्षमता सृजन करना। कोर्स तथा पाठ्यक्रम कौन तैयार तथा निर्धारित करता है? उत्तर: उद्योग जगत, प्रशिक्षण प्रदाताओं, तथा व्यापारिक विशेषज्ञों से बनी एक ट्रेड समिति, रोजगारपरकता के कौशल चिन्हित करती है तथा एमईएस कोर्स पाठ्यक्रम विकसित करती है। पाठ्यक्रम विकास प्रक्रिया निम्न है: उद्योग जगत से परामर्श करके, श्रम बाज़ार में नौकरियों के विश्लेषण (कार्य विभाजन) के आधार पर किसी सेक्टर में रोजगारपरकता कौशल सेटों को चिन्हित किया जाता है चिन्हित कौशल सेटों के अनुसार उपयुक्त प्रशिक्षण मॉड्यूलों का विकास ऊध्र्व तथा क्षेतिजिक गतिशीलता इंगित करते हुए कोर्स मैट्रिक्स में मॉड्यूल व्यवस्थित करना विस्तृत पाठ्यक्रम का विकास उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, प्रशिक्षण प्रदाताओं तथा व्यापारिक विशेषज्ञों से बनी एक व्यापारिक समिति द्वारा अनुमोदन नियोक्ताओं/कर्मचारी संगठनों, राज्य सरकारों इत्यादि से टिप्पणियां आमंत्रित करना एनसीवीटी द्वारा अनुमोदन उद्योग की क्या भूमिका है? उत्तर: उद्योग की भूमिका, योजना के डिजाइन व क्रियान्वयन के प्रत्येक चरण में परिकल्पित की गई है। औदयोगिक निकायों का प्रतिनिधित्य केंद्रीय शीर्ष समिति तथा राज्य समितियों में है जिन पर योजना के क्रियान्वयन का समग्र दायित्व होगा। अन्य भूमिकाएं निम्न हैं: सूक्ष्म स्तर पर रोजगार के उभरते क्षेत्रों का पूर्वानुमान करना विविध विषयों के कोर्स पाठ्यक्रम का विकास प्रशिक्षण हेतु अनुदेशात्मक सामग्री का विकास प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण में सहायता, जहां आवश्यक हो उनकी प्रशिक्षण तथा परीक्षण सुविधाओं का उपयोग करना, जहां आवश्यक हो उनके प्रतिष्ठानों में नोकरी में प्रशिक्षण प्रदान करना मूल्यांकन मानकों का विकास निगरानी तथा गुणवत्ता सुनिश्चितता स्नातकों के नियोजन में सहायता सक्षमताओं के मूल्यांकनकर्ताओं के रूप में ट्रेड विशेषज्ञों को कार्य प्रदान करना आईटीआई/अन्य प्रशिक्षण संस्थानों को उपकरणों का स्वैच्छिक दान नए ट्रेडों में अतिथि संकाय उपलब्ध कराना लक्षित समूह कौन हैं? उत्तरः एमईएस विभिन्न लक्षित समूहों को लाभान्वित करेगा जैसे कि: अपने अनौपचारिक रूप से अर्जित किए गए कौशल में प्रमाणन के इच्छुक श्रमिक कौशल उन्नयन के इच्छुक श्रमिक तथा आईटीआई स्नातक जल्दी स्कूल छोड़ देने वाले, तथा बेरोजगार लोग बाल श्रमिक रहे लोग तथा उनके परिवार क्रम लक्षित समूह प्रशिक्षण परीक्षण, तथा सक्षमताओं का प्रमाणन कौशल अर्जन कौशल उन्नयन 1 श्रमिक हाँ हाँ हाँ 2 कम शिक्षित/स्कूल छोड़ने वाले युवा/बेरोज़गार हाँ हाँ 3 आईटीआई स्नातक हाँ हाँ परियोजना परिणाम क्या होंगे? उत्तर: पांच वर्षों की अवधि में 05 मिलियन लोगों को प्रशिक्षित किया जायेगा या उनके कौशलों का परिस्खन करके प्रमाणित किया जायेगा। प्रतिभागियों के लिए आयु सीमा क्या है? उत्तरः इस योजना में भाग लेने के लिए व्यक्तियों हेतु न्यूनतम आयु सीमा 14 वर्ष है, किन्तु कोई ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं है। अनुदेशात्मक मीडिया पैकेज कौन विकसित करेगा? उत्तरः पूरे देश में प्रशिक्षण की गुणवत्ता एक समान बनाए रखने के लिए अनुदेशात्मक मीडिया पैकेज (आईएमपी), राष्ट्रीय अनुदेशात्मक मीडिया संस्थान, (एनआईएमआई), चेन्नई दवारा विकसित किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कौन प्रदान कर सकता है? उत्तरः एसडीआई योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण केंट सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र, तथा औदयोगिक प्रतिष्ठानों के विविध व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं (वीटीपी) दवारा दिए जा सकेंगे। पत्र व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता निम्न शर्ते पूरी करने वाले आवेदक, आवेदन करने के लिए पात्र हैं: 1.1. शैक्षणिक/प्रशिक्षण संस्थान: कोई शैक्षणिक/प्रशिक्षण संस्थान जो निम्न में से कोई मानदंड पूरा करता हो: आवेदन करने से पूर्व एनसीवीटी से सम्बद्ध रहे आईटीआई / आईटीसी आदि केंद्र सरकार के मंत्रालयों के अधीन परिषदों जैसे कि अखिल भारतीय प्रौदयोगिकी शिक्षा परिषद/भारतीय चिकित्सा परिषद/भारतीय परिचारक (नर्सिंग) परिषद/राष्ट्रीय होटल प्रबंधन तथा खानपान प्रौद्योगिकी परिषद/आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि या इससे पूर्व से सम्बद्ध कोई अन्य ·केंद्र या राज्य/केंद्रशासित सरकार दवारा स्थापित विश्वविद्यालय से सम्बद्ध या विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यताप्राप्त कॉलेज/संस्थान केंद्र या राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (या समकक्ष) या प्रौदयोगिकी शिक्षा से मान्यताप्राप्त स्कूल/संस्थान दूरस्थ शिक्षा संस्थान (डीईआई) जो आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि को या इससे पूर्व से भारतीय दूरस्थ शिक्षा परिषद (डीईसी) से मान्यताप्राप्त हों अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) तथा अंतर्राष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन (आईसीएओ) से मान्यताप्राप्त संस्थान 1.2. सरकार द्वारा स्थापित संगठन/संस्थान: केंद्र सरकार/राज्य सरकारों/केंद्रशासित प्रशासनों दवारा स्थापित संगठन/संस्थान(स्वायत्त संगठन भी शामिल) 1.3. कंपनियां/फमें: कंपनी/फर्म जो निम्न में से कोई मानदंड पूरे करती हो: • आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि से विगत एक वर्ष से शिशिक्षुता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान करने वाला कोई संगठन 1.4. प्रशिक्षण प्रदान करने में संलग्न कंपनियां/फर्में/पंजीकृत समितियां/न्यास कंपनियां/फर्में/पंजीकृत समितियां/न्यास, जो निम्न में से कोई मानदंड पूरे करती हों: • ऐसी पंजीकृत कंपनी/फर्म/न्यास/समिति जो व्यावसायिक शिक्षण/ प्रशिक्षण/नौकरीउन्मुख/स्वरोजगार कार्यक्रम संचालित करती हों/चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री/औदयोगिक या व्यापारिक संगठन, जिनके पास स्थायी आयकर खाता संख्या या सेवा कर पंजीयन संख्या हो • उचित स्थानीय प्राधिकारी से पंजीकृत अस्पताल/नर्सिग होम, जिनमें पास पर्याप्त प्रशिक्षण वीटीपी हेतु गुणवत्ता सुनिश्चितता के लिए क्या प्रणाली है? उत्तरः प्रशिक्षण प्रदान किए जाने तथा मूल्यांकन कार्यों को बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पृथक रखा गया है। वीटीपी दवारा प्रदान किए जाने वाले प्रशिक्षण के परिणामों तथा निष्कर्षों के आधार पर उनके निष्पादन की सूक्ष्म निगरानी की जाएगी वीटीपी के लिए नियम एवं शर्तें क्या हैं? उत्तरः वीटीपी केवल वही एमईएस कोर्स संचालित कर सकते हैं जिनके लिए ये आरडीएटी से पंजीकृत हैं वीटीपी मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे वीटीपी प्रशिक्षण में गुणवत्ता लाने के लिए सुयोग्य तथा प्रशिक्षित अनुदेशी स्टॉफ को नियुक्त करेंगे वीटीपी, आईटीआई हेतु केंद्र सरकार/राज्य सरकारों की आरक्षण नीति का क्रियान्वयन करेंगे जैसा भी लागू हो वीटीपी अपने उन अभ्यर्थी (अभ्यर्थियों) के लिए, जिन्होंने एनसीवीटी दवारा नियुक्त मूल्यांकन एजेंसियों दवारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण की हो, संबंधित क्षेत्रीय शिशिक्षुता प्रशिक्षण महानिदेशक से प्राप्त प्रशिक्षण लागत का समुचित लेखा रखेंगे व प्रतिपूर्ति करेंगे ·वीटीपी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पश्चात रोजगार प्राप्त करने में सहायता करेंगे, प्रशिक्षित प्रशिक्षुओं के डेटाबेस तथा प्रशिक्षण परिणामों का रिकार्ड रखेंगे। वीटीपी, डीजीईएंडटी द्वरा विनिर्दिष्ट समय-सारिणी के अनुसार रिपोर्ट तथा उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे वीटीपी, सीटीएस हेतु उत्तरदायी आरडीएटी/डीजीईएंडटी/राज्य सरकार के अधिकृत अधिकारियों को एसडीआई योजना के तहत कोर्सों /मॉड्यूल्स हेतु अपने परिसर में उपलब्ध प्रशिक्षण अवसंरचनाओं का निरीक्षण करने की अनुमति देंगे। वीटीपी अपने परिसर में उत्पन्न किन्हीं विवादों के संदर्भ में आरडीएटी/डीजीईएंडटी/राज्य सरकारों को पक्षकार नहीं बनाएंगे वीटीपी क्रियान्वयन निर्देशिका में विनिर्दिष्ट किए गए तथा डीजीईएंडटी दवारा समयसमय पर जारी किए जाने वाले समस्त निर्देशों का पालन करने हेतु बाध्य होंगे। वीटीपी को प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण शुल्क प्राप्त करने तथा प्राप्त किए गए शुल्कों तथा डीजीईटी से प्राप्त की गई धनराशियों को प्रशिक्षण प्रदान करने, प्रशिक्षण पश्चात सहयोग सेवाएं प्रदान करने इत्यादि के लिए उपयोग करने हेतु आवश्यक शक्तियां प्राप्त होंगी वीटीपी के पंजीयन की क्या प्रक्रिया है? उत्तरः पंजीयन प्रक्रिया संबंधित राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रशासन दवारा एसडीआई योजना के अंतर्गत एमईएस कोर्स संचालित करने के लिए वीटीपी के पंजीयन हेतु आवेदन आमंत्रित करने के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे। डीजीईएंडटी तथा आरडीएटी भी विज्ञापन जारी कर सकते हैं। आवेदन में अन्य चीजों के अतिरिक्त निम्न को स्पष्ट किया जाना चाहिए: वीटीपी के रूप में आवेदन करने के लिए पात्रता के दस्तावेजी साक्ष्य संगठन के लक्ष्य तथा उददेश्य इसके केंद्रों पर उपलब्ध प्रशिक्षण अवसंरचना तथा सुविधाएं (उपकरण, जगह, बिजली, अनुदेशी स्टॉफ इत्यादि) तथा प्रशिक्षण की पद्धति प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए संगठन की विस्तृत योजना, जिसमें सेक्टर/ट्रेड आनसाइट, संसाधनों (वित्तीय, अनुदेशात्मक, प्रशासकीय तथा भौतिक उपकरण,कच्चा माल, जगह आदि) का जुटाव, नौकरी आधारित प्रशिक्षण, छात्रों के नियोजन हेतु प्रशिक्षण पश्चात सहायता उपलब्ध कराना आदि शामिल हैं। प्रशिक्षकों की नियुक्ति, उन्हें बनाए रखने तथा विकास से संबंधित नीतियां तथा प्रविधियां प्रशिक्षुओं के चयन तथा व्यावसायिक मार्गदर्शन एवं परामर्श हेतु नीतियां तथा प्रविधियां उक्त बिंदु, आवेदन के मूल्यांकन का आधार होंगे और आवेदक के समुचित मूल्यांकन तथा भावी प्रगति हेतु रूपरेखा का कार्य करेंगे। वीटीपी के रूप में पंजीयन हेतु आवेदन निम्न के द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए: I. संस्थान/कंपनी/फर्म का निदेशक, या अधिकृत व्यक्ति। प्राधिकृत हस्ताक्षरी हेतु प्रतिनिधित्व शक्ति सौंपी जाए। II. केंद्र/राज्य सरकार के संगठनों के मामले में सरकार दवारा नियुक्त अधिकार III. समिति/न्यास का अध्यक्ष या सचिव आवेदन, संबंधित राज्य निदेशक के यहां वर्षपर्यन्त कभी भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। किसी राज्य विशेष में एक से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों वाले संगठन, उस राज्य विशेष में समस्त प्रशिक्षण केंद्रों के लिए एक संयुक्त आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक केंद्र हेतु आवेदन पत्र, पृथक आवेदन शुल्क के साथ भरा जाना होगा। वीटीपी के पंजीयन हेतु आवेदन शुल्क कितना है? उत्तरः आवेदन शुल्कः आवेदन पत्र, संबंधित राज्य समिति/केंद्रशासित क्षेत्र समिति/आरडीएटी से प्राप्त किए जा सकते हैं या आप पोर्टल डीजीईएंडटी की वेबसाइट एमईएस से डाउनलोड किए जा सकते हैं आवेदक को <<राज्य सरकार दवारा निर्धारित>>के पक्ष में किसी राष्ट्रीयकृत बैंक पर आहरित रूपए दो हजार मात्र (रू. 2000.00) के मांगपत्र (डिमांड ड्रॉफ्ट) के रूप में 'अप्रतिदेय आवेदन शुल्क अवश्य जमा करना होगा जिसकी अनुपस्थिति में आवेदनपत्र पर मूल्यांकन हेतु विचार नहीं किया जाएगा। सरकारी संगठनों/संस्थानों को आवेदन शुल्क जमा करने से छूट प्राप्त है। एकत्रित किए जाने वाले आवेदन शुल्क को योजना का प्रचार-प्रसार करने व कार्यान्वयन के लिए उपयोग किया जाएगा। इस राशि को एसडीआई योजना के अतिरिक्त किसी अन्य कार्यहेतु उपयोग नहीं किया जा सकता हैतःथा किसी अन्य खाते में स्थानातरित नहीं किया जा सकता है। वीटीपी के आवेदन का मुल्यांकन किस प्रकार होगा? उत्तर : राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रशासन, आवेदनों के सत्यापन के लिए एक वीटीपी मुल्यांकन समिति बनायेंगे। इसमें आरडीएटी का प्रतिनिधित्व नहीं होगा। सरकारी प्रतिनिधि(यों) के अतिरिक्त समिति में औद्योगिक संघ का एक प्रतिनिधि वरीय रूप से होना चाहिए। राज्य/केंद्रशासित प्रशासन, वीटीपी द्वारा प्रस्तुत आवेदन का परिक्षण 30 दिनों के अदंर अवश्य करेंगे। राज्य/ केंद्र शासित प्रशासन को यह अवश्य सुनिश्चित करना होगा की वीटीपी का परिक्षण, वीटीपी द्वारा आवेदन किये जाने के उपरांत 30 दिनों के अंदर अवश्य कर लिया जाए। यदि राज्य/केंद्र शासित प्रशासन 30 दिनों के अन्दर परिक्षण करने में विफल रहता है, तो सम्बंधित आरडीएटी उस वीटीपी का परिक्षण 15 दिनों के अंदर करने के लिए एक समिति गठित करेगा तथा समिति द्वारा लिए गए निर्णय को अग्रिम आवश्यक कार्यवाही हेतु राज्य/ केंद्र शासित प्रशासन को अग्रसित करेगा। आरडीएटी द्वारा गठित समिति एन उस आरडीएटी का एक प्रतिनिधि, सम्बंधित राज्य/केंद्र शासित प्रशासन का एक प्रतिनिधि, उद्योग जगत से एक ट्रेड विशेषज्ञ शामिल होगा। पंजीयन संख्या, राज्य/ केंद्र शासित प्रशासन द्वारा प्रदान की जाएगी। वीटीपी परिक्षण समिति की अनुशंसाओं पर सम्यक विचार करने के उपरांत, आवेदनों तथा सम्बंधित दस्तावेजों का समुचित परिक्षण राज्य वीईसी द्वारा किया जायेगा। वीटीपी परिक्षण समिति, प्रशिक्षण अवसंरचना तथा सुविधाओं (जगह, बिजली, प्राविधान,तथा औजारों/साधनों एवं उपकरणों) आदि का निरिक्षण करेगी। यदि कोई कमी पाई जाती है तो इससे आवेदक को अवगत कराया जायेगा। मूल्यांकन के प्रायोजक को ऐसी समस्त अपेक्षित जानकारी/दस्तावेज़/साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। राज्य सरकार, आवेदक ततः आरडीएटी को आवेदन की मंजूरी/अस्वीकृति के बारे में वीईसी के निर्णय से अवगत कराएगी। राज्य सरकार वीटीपी को पंजीकृत करेगी तथा पंजीयन पत्र निर्गत करते हुए इसकी प्रतिलिपि आरडीएटी को अग्रेषित करेगी। आरडीएटी से पत्रव्यवहार, इंटरनेट के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में किया जाना वरीय होगा। आवेदक, राज्य वीईसी की अपेक्षानुसार सूचनाओं/ दस्तावेजों की समस्त लागतें वहन करेगा। ऐसे आवेदकों के मामलों में जिन्होंने उपरोक्त धरा 2.5.4.2 के अनुसार संयुक्त आवेदन प्रस्तुत किया हो, सभी केन्द्रों की मंजूरी के सम्बन्ध में एक साथ चर्चा की जा सकती है। आवेदक, जिनके आवेदन राज्य वीईसी द्वारा समुचित मूल्यांकनोपरांत अस्वीकृत कर दिए गए हों। पंजीयन पत्र कौन निर्गत करेगा? उत्तर : आवेदन के मूल्यांकन के आधार पर, संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रशासन दवारा पंजीयन पत्र निर्गत किया जायेगा जिसकी प्रति सम्बंधित आरडीएटी को प्रेषित की जाएगी। राज्य/केंद्रशासित प्रशासन दवारा प्रत्येक वीटीपी को पंजीयन संख्या के रूप में 7 अंकों का कोड निर्गत किया जाएगा। चयनित वीटीपी को, एक राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र में एकल शाखा वाला संगठन/संस्थान होने की स्थिति में रू. पचास हजार मात्र (रू. 50,000) तथा एकाधिक शाखाओं वाला संगठन/संस्थान होने की स्थिति में रूपए दो लाख मात्र (रू. 2,00,000) की बैंक गारंटी के रूप में निष्पादन वारंटी संबंधित राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में पंजीकरण के समस्त नियमों एवं शर्तों की स्वीकृति से उत्पन्न समस्त दायित्वों के निष्पादन हेतु एकमुश्त भुगतान के रूप में प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें विफल रहने पर पंजीयन पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा। बैंक गारंटी का प्रारूप, संबंधित राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र दवारा चयनित वीटीपी को उपलब्ध कराया जाएगा। बैंक गारंटी, पंजीयन अवधि के लिए मान्य होगी। वीटीपी दवारा अपने कार्य में अवहेलना करने व निष्ठा का अभाव होने के बारे में समुचित विश्वास हो जाने पर राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश को बैंक गारंटी नकदीकृत कराने का पूर्ण अधिकार प्राप्त होगा। सरकारी संगठनों/संस्थानों को आवेदन शुल्क तथा बैंक गारंटी जमा करने से छूट प्राप्त रहेगी। सरकार के अधीन स्वायत्त निकायों तथा एनसीवीटी से सम्बद्ध निजी आईटीसी को बैंक गारंटी जमा करने से छूट प्राप्त रहेगी। पंजीयन को निलम्बित करने/निरस्त करने की क्या प्रक्रिया है? उत्तरः डीजीईएंडटी, आरडीएटी, संबंधित राज्य/केंद्रशासित सरकार या उनके दवारा अधिकृत कोई एजेंसी, संस्थान की स्थिति का सत्यापन करने के लिए तथा मानदंडों एवं मानकों का पालन किया जाना सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में किसी भी समय अनियत रूप से भ्रमण कर सकती है। अनुचित प्रतिनिधित्व, मानकों एवं मानदंडों का उल्लंघन, अनुचित व्यवहार इत्यादि संबंधी विशिष्ट शिकायतें प्राप्त होने पर तथ्यों को सत्यापित करने के लिए भी डीजीईएंडटी, आरडीएटी, संबंधित राज्य/केंद्रशासित सरकार या उनके दवारा अधिकृत कोई एजेंसी, समय-समय पर निरीक्षण तिथियों के बारे में सूचित करके या बिना सूचना दिए निरीक्षण कर सकती है। निरीक्षण किए जाने पर यदि ऐसी शिकायतें सही पाई गई तो वीटीपी का पंजीयन निरस्त/निलंबित करने का निर्णय लिया जा सकता है तथा/या उसके दवारा जमा की गई बैंक गारंटी जब्त की जा सकती है। किसी विशेष मामले पर निर्भरता अनुसार, वीटीपी को राज्य वीईसी या आरडीएटी दवारा विनिर्दिष्ट समय-सीमा में सुविधाएं सृजित करने/कमियां दूर करने/निर्धारित शर्तों की अनुपालना करने/निर्दिष्ट अपेक्षाएं पूरी करने के लिए अनुमति दी जा सकती है। यदि बाद के किसी चरण में यह पाया गया कि आवेदक दवारा प्रस्तुत किन्हीं दस्तावेजों में कोई जालसाजी की गई है, तो वीटीपी का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा तथा वीटीपी को काली सूची में डाल दिया जाएगा, बैंक गारंटी जब्त कर ली जाएगी तथा भविष्य में उसे एसडीआई योजना के अंतर्गत वीटीपी के रूप में पंजीयन कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी वीटीपी के पंजीयन को निरस्त करने के प्रस्ताव पर राज्य वीईसी दवारा विचार किया जाएगा तथा इसकी अनुशंसाओं के आधार पर राज्य सरकार / आरडीएटी दवारा निरस्तीकरण आदेश निर्गत किया जाएगा। वीटीपी को 15 दिवस का समय देते हुए यह स्पष्ट करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है कि उसका पंजीयन <<कारण का उल्लेख करें>>के कारण कयों न निरस्त कर दिया जाए। वीटीपी के लिए कोई अन्य शर्ते हैं? उत्तर: चयनित वीटीपी लिखित में यह जिम्मेदारी स्वीकार करेगा कि वह एसडीआई योजना के अंतर्गत एमईएस कोर्स संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण अवसंरचना उपलब्ध कराएगा, यदि बाद में किसी चरण में यह पाया जाता है कि वीटीपी दवारा आवश्यक प्रशिक्षण अवसंरचना के बिना कोर्स संचालित किया जा रहा है तो इसका पंजीयन निरस्त/निलंबित किया जा सकता है तथा बैंक गारंटी जब्त की जा सकती है। एसडीआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डीजीईएंडटी दवारा वेब-आधारित सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। इस संबंध में वीटीपी को डीजीईएंडटी दवारा समय-समय पर निर्गत निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करना होगा तथा इस प्रणाली के उपयोग हेतु वह आवश्यक आईटी (आईटी) अवसंरचना तथा कर्मचारियों की व्यवस्था कराएगा। वीटीपी केवल वही एमईएस कोर्स संचालित करने के लिए पात्र होगा जिसके लिए उसका पंजीयन किया गया हो वीटीपी दवारा संबंधित राज्य सरकार के समक्ष प्रत्येक छह महीने पर कोसों की समयसारिणी प्रस्तुत की जाएगी जो वह संचालित करना/बंद करना चाहता हो। वीटीपी राज्य सरकार से लिखित अनुमति प्राप्त किए बिना किसी कोर्स (कोसों) को बंद नहीं कर सकता है। वीटीपी केवल उसी जिले में परिसर से बाहर (ऑफ-कैम्पस) कोर्स संचालित कर सकता है जिसमें प्रशिक्षण केंद्र को पंजीकृत किया गया है। अभ्यर्थियों के नामांकन/पंजीयन की क्या प्रक्रिया है? उत्तरः मान्यताप्राप्त वीटीपी में प्रशिक्षुओं हेतु नामांकन/पंजीयन प्रक्रिया नीचे दी गई है: राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रशासन दवारा प्रमुख समाचार पत्रों में या अधिसंख्य लोगों तक पहुंच रखने वाले अन्य किसी माध्यम के द्वारा प्रवेश सूचना प्रकाशित कराई जाएगी। नोटिस में निम्न जानकारी होगीः एसडीआई योजना की प्रमुख विशेषताएं अनुमोदित व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं (वीटीपी) के नाम तथा उनके दवारा संचालित किए जाने वाले कोसों के विवरण शुल्क विवरण तथा अजा/अजजा. एवं महिला अभ्यर्थियों हेतु शुल्क में छूट संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में सरकारी आईटीआई में प्रवेश हेतु लागू आरक्षण नीति, उस राज्य में अनुमोदित समस्त वीटीपी पर लागू होगी। ऐसे व्यक्तियों हेतु निर्दिष्ट प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति का विवरण, जिन्होंने मूल्यांकनकर्ता निकायों दवारा आयोजित मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण की हो उत्पादन क्षेत्र हेतु बैच आकार 20 तथा कृषि, सहायक एवं सेवा क्षेत्रों हेतु 30 है। लेकिन यदि कुछ वीटीपी बड़े बैच संचालित करना चाहें तो वे पूर्ण औचित्य स्पष्टीकरण के साथ सक्षम प्राधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक प्रशिक्षण अवसंरचना की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण के पश्चात अनुरोध पर निर्णय लिया जायेगा। व्यक्तियों को तब अनुमोदित व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं के यहां पंजीयन कराना होगा। कोर्स आरंभ हो जाने के पश्चात वीटीपी किसी प्रशिक्षु को प्रवेश नहीं देंगे। प्रशिक्षण आरंभ किए जाने के 7 दिवस पूर्व वीटीपी दवारा अभ्यर्थियों के विवरण संबंधित राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र तथा आरडीएटी को प्रेषित किए जाएंगे (यह नियम वेब आधारित सॉफ्टवेयर चालू किए जाने तक लागू रहेगा)। वेब आधारित सॉफ्टवेयर का प्रचालन आरंभ हो जाने के पश्चात वीटीपी दवारा प्रशिक्षुओं के बारे में इस पर डेटा प्रविष्ट किया जाएगा। चूंकि उक्त उल्लेखित समस्त बिंदुओं को विज्ञापन में समावेशित किया जाना संभव नहीं हो सकता है, अतः यह अनुदेशित किया जाता है कि वीटीपी अपने परिसरों में संबंधित सूचना को प्रदर्शित करेंगे तथा इच्छुक लोगों को इसकी जानकारी 'परामर्श केंद्रों' के माध्यम से भी उपलब्ध कराएंगे। वीटीपी अपने दवारा प्रस्तावित कोसों के लिए समय-समय पर उक्तानुसार प्रवेश सूचना जारी कर सकते हैं और कोसों, एमईएस निधियों से सुविधाओं के बारे में जागरूकता प्रसार के लिए पचाँ, विवरणिकाओं इत्यादि के रूप में प्रचार सामग्रियां भी वितरित कर सकते हैं। आयु तथा शिक्षा के न्यूनतम पात्रता मानकों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यदि वीटीपी के यहां उपलब्ध सीटों की संख्या सीमित है, तो पात्र अभ्यर्थियों को श्रेष्ठता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। वीटीपी जिस राज्य में स्थित होगा, वहां लागू आरक्षण नीति के अनुसार ही सीटों को भरा जाएगा। एनसीवीटी दवारा स्वीकृत एमईएस पाठ्यक्रम (3103.10 के अनुसार), अभ्यर्थियों को शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के अंतर्गत राष्ट्रीय ट्रेइस प्रमाणपत्र (एनटीसी) राष्ट्रीय शिशिक्षुता प्रमाणपत्र (एनएसी) तथा अभियांत्रिकी में डिप्लोमा/डिग्री उत्तीर्ण करने वाले संबंधित स्तर के -।एमईएस कोर्स में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता से छूट दी जाएगी तथा ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के साथ संबंधित ट्रेड में न्यूनतम 3 वर्षों का अनुभव प्राप्त हो, उन्हें उन्नत स्तर के -।एमईएस कोर्स की परीक्षा में सीधे सम्मिलित होने की छूट होगी। संशोधन की शक्ति किसे प्राप्त है? उत्तरः संस्थानों के किसी वर्ग या श्रेणी के संदर्भ में इन नियमों के किन्हीं प्राविधानों को संशोधित करने की शक्ति शीर्ष समिति को प्राप्त है। प्रशिक्षण शुल्क कितना है? उत्तर: निम्न प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है जिसमें सामग्री की लागत, मानदेय इत्यादि सम्मिलित हैं: 90 घंटों तक की अवधि वाले मॉड्यूल्स के लिए रू. 500 प्रति मॉड्यूल 91 से 180 घंटों तक की अवधि वाले मॉड्यूल्स के लिए रू. 1000 प्रति मॉड्यूल 181 से 270 घंटों तक की अवधि वाले मॉड्यूल्स के लिए रू. 1500 प्रति मॉड्यूल 270 घंटों से अधिक की अवधि वाले मॉड्यूल्स के लिए रू. 2000 प्रति मॉड्यूल वंचित समूहों से संबंधित अभ्यर्थियों, शारीरिक विकलांगों तथा महिलाओं को प्रशिक्षण शुल्क तथा मूल्यांकन शुल्क में 25% की छूट प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षुओं को गंभीरतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु प्रेरित करने के लिए, सफलतापूर्वक ..... पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण शुल्क तथा मूल्यांकन शुल्क .......। प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति की क्या प्रक्रिया है? उत्तर : I. डीजीईएंडटी दवारा अनुमोदित वीटीपी से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सफल व्यक्तियों के संदर्भ में वीटीपी को रू. 15 प्रति व्यक्ति प्रति घंटे की दर से प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति की जाएगी। II. वित्तीय वर्ष आरंभ होने से पूर्व, राज्य निदेशकों दवारा डीजीईएंडटी नयी दिल्ली के समक्ष, वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षित किए जाने वाले व्यक्तियों की संख्या इंगित करते हुए विवरण प्रस्तुत किए जाएंगे। III. प्रत्येक सरकारी आईटीआई को रू. 3.00 से 1000 लाख की एकमुश्त अग्रिम धनराशि प्रदान को जाएगी ताकि वे एसडीआई योजना के अंतर्गत कोर्स आरंभ करा सके। IV. डीजीईएंडटी के अधीन छह शिशिक्षुता क्षेत्रीय निदेशालयों (आरडीएटी) के माध्यम से आईटीआई/आईटीसी को रू. 15 प्रति प्रशिक्षणार्थी प्रति घंटे की दर से भुगतान जारी करने के लिए, वर्ष में प्रशिक्षित किए जाने वाले व्यक्तियों की संख्या के बारे में राज्य निदेशकों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर, डीजीईएंडटी दवारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के आरंभ में एकीकृत वित्त विभाग से एक बार अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। V. एकीकृत वित्त अनुभाग (आईएफडी), एमओएलएंडईसे प्राप्त अनुमोदन के विषय में सभी छह आरडीएटी को सूचित किया जाएगा। प्रतिपूर्ति हेतु राज्य सरकारों से विवरण (परीक्षाएं सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले व्यक्तियों की संख्या इंगित करने वाले) प्राप्त होने पर आरडीएटी विवरण की जांच के उपरांत संबंधित वीटीपी हेतु धनराशियां निर्गत करेगा। VI. राज्य समितियां, तथा प्रत्येक आईटीआई के प्रधानाचार्य दवारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षणार्थियों से प्राप्त प्रशिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति सफल अभ्यर्थियों को वीटीपी दवारा की जाए। शीर्ष समिति, प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति की दर तथा धनराशियां जारी करने की प्रक्रिया को संशोधित (पुनरीक्षित) कर सकती है। मूल्यांकन कौन करेगा? उत्तर: प्रशिक्षित व्यक्तियों की सक्षमताओं का मूल्यांकन करने के लिए डीजीईएंडटी दवारा मूल्यांकनकर्ता निकायों की नियुक्ति की जाएगी। मूल्यांकनकर्ता निकाय एक स्वतंत्र एजेंसी होगी, जो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने में संलग्न नहीं होगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा योजना की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। मूल्यांकनकर्ता निकाय के चयन हेतु क्या मानक हैं? उत्तर: मूल्यांकनकर्ता निकायों का चयन करने के समय निम्न मानदंडों पर विचार किया जाएगा: उद्योगनियोक्ताओं का संघ होना चाहिए या सक्षमताओं के मूल्यांकन में विशेषज्ञता प्राप्त कोई संगठन होना चाहिए। सक्षमताओं के परीक्षण में अनुभवी संगठनों को वरीयता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदाता नहीं होना चाहिए। राज्य/क्षेत्रीय/अखिल भारतीय स्तर पर शाखाएं या प्रचालन होने चाहिए। आयकर निर्धारिती होना चाहिए। विभिन्न औदयोगिक ट्रेडों व प्रौदयोगिकी में प्रतिष्ठित व विश्वसनीय (समर्पित) विशेषज्ञ होने चाहिए। शीर्ष समिति, मानदंडों का पुनरीक्षण एवं संशोधन कर सकती है। मूल्यांकनकर्ता निकायों के लिए नियम एवं शर्ते कौन सी हैं? उत्तर: मूल्यांकनकर्ता निकायों पर निम्न नियम एवं शर्त लागू होंगे: 1. मूल्यांकनकर्ता निकाय(एबी) सेवायोजन एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीईएंडटी) दवारा कौशल विकास प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आवंटित राज्यों व सेक्टरों में परीक्षण आयोजित करेगा। यह परीक्षण, राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद दवारा अनुमोदित सेक्टरों के तहत केवल एमईएस कोसों के लिए किया जाएगा। 2. मूल्यांकनकर्ता निकाय (एबी) द्वारा नवम्बर 2010 तक प्रमाणन हेतु भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के समक्ष आवेदन किया जाना चाहिए, जिसमें विफल रहने पर एबी को सूची से वि-पंजीकृत माना जाएगा। इसके पश्चात, मई 2011 तक एबी दवारा स्वयं को क्यूसीआई से प्रमाणन प्राप्त कर लेना चाहिए जिसमें विफल रहने पर एबी को विपंजीकृत माना जाएगा। क्यूसीआई से प्रमाणन प्राप्त किए जाने के उपरांत एक वर्ष के अंदर एबी दवारा आईएसओ 17024 प्रमाणन प्राप्त किया जाना चाहिए। 3. मूल्यांकनकर्ता निकाय, अपनी ओर से मूल्यांकन कार्य कराने के लिए किसी फ्रेंचाइजी को नियुक्त नहीं करेंगे। मूल्यांकनकर्ता निकाय का कार्यालय/अवसंरचना उस राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र में होना चाहिए जहां उन्हें मूल्यांकन आयोजित करने हेतु मंजूरी दी गई हो। मूल्यांकनकर्ता निकाय, उच्च प्रतिष्ठित व समर्पित मूल्यांकनकर्ताओं के राज्यवार तथा फोटोग्राफ डीजीईएंडटी को अग्रेषित करेंगे। मूल्यांकनकर्ता निकाय, 4. मूल्यांकनकर्ता के पतों तथा फोन नम्बरों सहित उनकी सूची वेबसाइटों पर अपलोड करेंगे। ये मूल्यांकनकर्ता, क्यूसीआई दवारा प्रशिक्षित एवं प्रमाणित किए जाएंगे जिसके उपरांत वे डीजीईएंडटी दवारा पंजीकृत किए जाएंगे जो अदवितीय आईडी (सेक्टरवार/राज्यवार) के साथ उनके लिए पहचानपत्र निर्गत करेंगे। केवल इन अधिकृत मूल्यांकनकर्ताओं दवारा ही मूल्यांकन कार्य किया जा सकता है। 5. मूल्यांकनकर्ता निकाय, अपने मूल्यांकनकर्ताओं को डीजीईएंडटी दवारा आयोजित प्रशिक्षण में भेजेंगे। 6. मूल्यांकनकर्ता निकायों को सक्षम प्राधिकारियों दवारा पूर्व-निरीक्षण किए जा चुके वीटीपी के प्रशिक्षण केंद्रों या निर्धारित परीक्षण केंद्रों पर ही मूल्यांकन आयोजित करना चाहिए। 7. सामान्य रूप से, परीक्षण कार्य संबंधित वीटीपी के प्रशिक्षण केंद्र पर किया जाएगा। हालांकि यदि मूल्यांकनकर्ता निकाय दवारा अपने स्थानों पर परीक्षण आयोजित कराने की योजना बनाई जाती है तो यह परीक्षण केंद्रों की सूची बनाएगा और इसे संबंधित आरडीएटी तथा राज्य निदेशक को रिकॉर्ड हेतु भेजा जाएगा। परीक्षण का आयोजन अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र या अधिकृत परीक्षण केंद्र पर ही किया जाएगा। 8. मूल्यांकन किए जाने वाले बैच का आकार, निर्धारित से अधिक नहीं होगा, अर्थात उत्पादन के मामले में 20 तथा सेवाओं, कृषि व सहायक सेक्टरों के मामले में 30। 9. मूल्यांकन बैच संख्या (एबीएन), आरडीएटी दवारा निर्गत की जाएगी। 10. मूल्यांकनकर्ता निकाय को मूल्यांकन आयोजन हेतु 10% की दर से टीसी व्ययों की प्रतिपूर्ति की जाएगी। 11. मूल्यांकनकर्ता निकाय, डीजीईएंडटी से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना समान कार्य हेतु किसी अन्य संगठन से कोई अनुबंध नहीं करेगा। 12. मूल्यांकनकर्ता निकाय, पंजीकृत, परीक्षित, उत्तीर्ण, शुल्क प्रभारित अभ्यर्थियों, परीक्षण केंद्रों, मूल्यांकनकर्ताओं, मूल्यांकन शुल्क इत्यादि, से संबंधित पूरा तथा सम्पूर्ण रिकॉर्ड बनाए रखेगा तथा किसी भी समय डीजीईएंडटी /आरडीएटी के अधिकृत प्रतिनिधियों को यह उपलब्ध कराने के लिए कम से कम पांच वर्षों तक इन समस्त अभिलेखों का परिरक्षण करेगा। 13. मूल्यांकनकर्ता निकाय, एमईएस योजना हेतु एक पृथक बैंक खाता खोलेगा तथा इस संबंध में समस्त प्राप्तियां एवं भुगतान केवल इसी खाते के माध्यम से होंगे। 14. मूल्यांकनकर्ता निकाय, डीजीईटी द्वारा निर्धारित मूल्यांकन शुल्क से अधिक की वसूली नहीं करेगा। आवश्यकतानुसार उचित समय पर मूल्यांकन शुल्क को पुनरीक्षित एवं संशोधित करने का अधिकार डीजीईएंडटी के पास सुरक्षित है। 15. आरडीएटी सेक्टर-वार तथा राज्य-वार एबी के रोस्टर का रखरखाव करेगा और उन्हें वीटोपी को उनके प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समापन क्रम में आवंटित करेंगा ताकि एक ही मूल्यांकनकर्ता निकाय दवारा बार-बार एक ही वीटीपी का मूल्यांकन न किया जाए। 16. आरडीएटी, एबी दवारा किए जाने वाले मूल्यांकनों की सूक्ष्मता से निगरानी करेगा तथा इसके साथ ही इस संबंध में अभिलेखों के उचित दस्तावेजीकरण के लिए एबी को आवश्यक दिशानिर्देश भी प्रदान करेगा। प्रत्यक्ष परीक्षण के अंतर्गत परीक्षण हेतु अपनाई जाने वाली प्रक्रिया 1. मूल्यांकनकर्ता निकाय, विनिर्दिष्ट केंद्रों पर एक माह में दो बार नियमित रूप से मूल्यांकन आयोजित करेगा तथा इसे आयोजित किए जाने के बारे में विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा। 2. मूल्यांकनकर्ता निकाय, परीक्षण हेतु अभ्यर्थियों का पंजीयन किए जाने तथा मूल्यांकन शुल्क का संग्रह करने हेतु उत्तरदायी होगा। यह ये कार्य सीधे या अपने अधिकृत निर्धारित परीक्षण केंद्रों या व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से कर सकता है। 3. मूल्यांकनकर्ता निकाय, मूल्यांकन किए जाने वाले अभ्यर्थियों की सूची, निर्दिष्ट प्रारूप पर आरडीएटी को प्रेषित करेगा जो एक अदवितीय मूल्यांकन बैच संख्या (एबीएन) आवंटित करते हुए इसकी अभिस्वीकृति प्रदान करेंगे। 4. आरडीएटी ट्रेड परीक्षण की समय-सारिणी बनाएगा जिसमें तिथि, समय तथा अभ्यर्थियों की सूची एवं एबी को सूचित किए गए अनुसार निर्धारित परीक्षण केंद्रों की अवस्थिति के विवरण होंगे। 5. मूल्यांकनकर्ता निकाय, ट्रेड परीक्षण के संदर्भ में कोसों, अभ्यर्थियों की सूची, प्रतिपूर्ति की जाने वाली लागत इत्यादि के बारे में टीसी को समुचित रूप से अग्रिम सूचित करेगा। 6. मूल्यांकनकर्ता निकाय, किसी सक्षमता विशेष के लिए एनसीवीटी दवारा स्वीकृति के अनुसार, अनुमोदित मूल्यांकन मानदंड अर्थात सैद्धांतिक, प्रायोगिक तथा मौखिक के आधारों पर परीक्षा प्रश्नपत्रों को तैयार किए जाने हेतु उत्तरदायी होगा। मूल्यांकनकर्ता निकाय, राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र को भेजे जाने वाले कलेम बिल के साथ प्रश्न पत्र की एक प्रति भी उपलब्ध कराएगा। 7. डीजीईएंडटी दवारा मूल्यांकनकर्ताओं के मार्गदर्शन हेतु तैयार मूल्यांकन पद्धति/मूल्यांकन अनुदेशों के अनुसार ही एबी दवारा परीक्षण कार्य किया जाएगा। 8. मूल्यांकनकर्ता निकाय, मूल्यांकन की तिथि से 07 दिवस के अंदर मूल्यांकन के परिणामों से आरडीएटी को अवगत कराएंगे ताकि आरडीएटी दवारा परिणामों की घोषणा तथा प्रमाणपत्रों का निर्गमन किया जा सके। 9. मूल्यांकनकर्ता निकाय, मूल्यांकन के परिणामों को समेकित करेंगे तथा सभी परिणामों को वेब आधारित सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे तथा इसकी एक हार्ड कॉपी संबंधित आरडीएटी को तीव्रतम साधन दवारा प्रेषित करेंगे जिसमें प्रमाणित मूल्यांकनकर्ता का नाम तथा अदवितीय आईडी संख्या आदि इंगित होंगे। 10. आरडीएटी, एबी को प्रमाणपत्रों का वितरण करेगा जो इन प्रमाणपत्रों को संबंधित अभ्यर्थियों को 7 दिनों के अंदर वितरित करेंगे। एबी दवारा सफल पात्र अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र के साथ ही मूल्यांकन शुल्क की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। 11. एबी अ.जा./अज.जा./अ.पि.व./महिला, तथा शारीरिक रूप से विकलांग अक्ष-यर्थियों एवं समाज के निर्धन वर्गों के व्यक्तियों के संदर्भ में मूल्यांकन शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु सफल पात्र अभ्यर्थियों को दी गई प्रतिपूर्ति का विवरण उपलब्ध कराते हुए संबंधित राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र के समक्ष दावा प्रस्तुत करेगा। राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र, एबी को यह प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान करेगा। वीटीपी द्वारा प्रशिक्षित प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन 1. विशिष्ट सेक्टर(सेक्टरों) तथा राज्य (राज्यों) के लिए पैनल में सम्मिलित मूल्यांकनकर्ता निकाय (एबी) को पंजीकृत वीटीपी के प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का मूल्यांकन कार्य आरडीएटी दवारा रोस्टर के अनुरूप प्रदान किया जाएगा। एबी, वीटीपी से बैंक ड्रॉफ्ट के जरिए प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के मूल्यांकन शुल्क का संग्रह करेगा। 2. परीक्षण केंद्र (टीसी) के रूप में अनुमोदित होने की स्थिति में वीटीपी, मूल्यांकन में वहन किए गए व्ययों की 10% की दर से कटौती करते हुए मूल्यांकन शुल्क (एएफ), एबी के पास जमा करेगा। 3. एबी, वीटीपी/टीसी से परामर्श करके मूल्यांकन तिथि की उपयुक्तता की पुष्टि करेगा, जो कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के 24/48 घंटे की अवधि में होना वरीय होगा, इसके बारे में वह राज्य निदेशक के कार्यालय तथा आरडीएटी को सूचित करेगा। राज्य निदेशक तथा आरडीएटी, अनियत आधार पर मूल्यांकन तिथि पर टीसी के यहां प्रेक्षक/निरीक्षक के रूप में विजिट करेंगे तथा निर्धारित प्रारूप पर अपने व वीटीपी/टीसी के परीक्षा प्रभारी दवारा समुचित हस्ताक्षरित एक मूल्यांकन रिपोर्ट (एआर) तैयार करेंगे। 4. मूल्यांकनकर्ता निकाय, मूल्यांकन के परिणामों को समेकित करेंगे तथा सभी परिणामों को वेब आधारित सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे तथा इसकी एक हार्ड कॉपी संबंधित आरडीएटी को तीव्रतम साधन दवारा प्रेषित करेंगे जिसमें प्रमाणित मूल्यांकनकर्ता का नाम तथा अदवितीय आईडी संख्या आदि इंगित होंगे। 5. मूल्यांकनकर्ता निकाय, मूल्यांकन आयोजित करने के उपरांत 7 दिवस के अंदर परिणाम अनुमोदन तथा घोषणा हेतु इसे वेब आधारित सॉफ्टवेयर (डब्लयूबीएस) पर अपलोड करेंगे। 6. आरडीएटी, वीटीपी को प्रमाणपत्रों का वितरण करेगा जो इन प्रमाणपत्रों को संबंधित अभ्यर्थियों को 7 दिनों के अंदर वितरित करेंगे। एबी दवारा सफल पात्र अभ्यर्थियों को वितरित किए जाने के लिए वीटीपी को मूल्यांकन शुल्क की प्रतिपूर्ति भी की जाएगी। 7. एबी सफल पात्र अभ्यर्थियों को दी गई प्रतिपूर्ति का विवरण उपलब्ध कराते हुए संबंधित राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र के समक्ष मूल्यांकन शुल्क प्रतिपूर्ति का दावा प्रस्तुत करेगा। राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र, एबी को यह प्रतिपूर्ति धनराशि प्रदान करेगा। सामान्य मूल्यांकनकर्ता निकाय, अपने दवारा किए गए मूल्यांकन के फलस्वरूप उत्पन्न होने वाले किसी दावे या विवाद के लिए स्वयं जिम्मेदार होगा। ऐसे किसी विवाद में डीजीईएंडटी पक्षकार नहीं होगा। किसी भी समय पर बिना कोई पूर्वसूचना दिए इन नियमों एवं शर्तों को निरस्त/परिवर्तित/संशोधित करने का अधिकार डीजीईएंडटी के पास सुरक्षित है। मूल्यांकनकर्ता निकाय दवारा निर्दिष्ट नियमों एवं शर्तों का पालन न किए जाने पर उसे पैनल से निरस्त कर देने का अधिकार डीजीईएंडटी के पास सुरक्षित है तथा इस निरस्तीकरण के कारण मूल्यांकनकर्ता निकाय के कोई भी दावे/क्षतिपूर्ति आदि जो भी हों, मान्य नहीं होंगे। किसी विवाद के उत्पन्न होने की स्थिति में, श्रम तथा सेवायोजन मंत्रालय का निर्णय अंतिम तथा मूल्यांकनकर्ता निकाय पर बाध्यकारी होगा। मूल्यांकन/परीक्षण शुल्क कितना है? उत्तर: मूल्यांकन शुल्क कौशल क्षेत्र पर निर्भरता के अनुसार रू. 500-800 है। इंजीनियरिंग कोर्स के लिए (जिसमें कक्षाकक्ष प्रशिक्षण के अतिरिक्त कार्यशाला, उपकरणों, कच्ची सामग्री की आवश्यकता हो) मूल्यांकन शुल्क रू. 800/- प्रति प्रशिक्षु प्रति कोर्स होगा तथा गैरइंजीनियरिंग कोर्स के लिए मूल्यांकन शुल्क रू. 500/- होगा। आवश्यक होने पर शीर्ष समिति मूल्यांकन शुल्क को पुनरीक्षित तथा संशोधित कर सकती है। मूल्यांकन शुल्क की प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया क्या है? उत्तर: मूल्यांकन शुल्क उन सभी सफल व्यक्तियों को प्रतिपूर्ति की जाती है जिन्होंने अनुमोदित वीटीपीएस(वीटीपी) से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। सीधे अपने कौशलों के मूल्यांकन के लिए आने वाले व्यक्तियों के संबंध में, मूल्यांकन शुल्क वंचित समूहों (एससी, एसटी, ओबीसी, विकलांग व्यक्तियों) के व्यक्तियों, महिलाओं और समाज के गरीब वर्गों जिन्होंने परीक्षा पास की है, के लिए प्रतिपूर्ति की जाएगी। आरडीएटी (आरडीएटी) को सफल उम्मीदवारों की सूची अग्रेषित करते समय मूल्यांकन निकाय मूल्यांकन शुल्क की प्रतिपूर्ति की जानकारी भी प्रस्तुत करेगा। आरडीएटी सफल उम्मीदवारों को आगे प्रतिपूर्ति के लिए मूल्यांकन निकायों को चेक जारी करेगा। मूल्यांकन निकाय आरडीएटी जिसने सफल उम्मीदवारों को मूल्यांकन शुल्क की प्रतिपूर्ति की है, से चेक की प्राप्ति की दिनांक से 15 दिनों के भीतर एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करता है। प्रमाण पत्र कौन जारी करेगा? उत्तर: सफल व्यक्तियों को नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) दवारा जारी प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाता है। मूल्यांकन निकाय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए डीजीई एंड टी के अधीन संबंधित रीजनल डायरेक्टोरेट ऑफ अप्रेटिसशिप ट्रेनिंग (आरडीएटी) को अंकपत्रों के साथ सफल उम्मीदवारों की सूची भेजेगा। आरडीएटी प्रशिक्षु की योग्यताओं का विवरण देकर मूल्यांकन निकाय को सफल उम्मीदवारों को भेजने के लिए प्रमाण पत्र जारी करेगा। योजना को कब लागू किया गया? उत्तर: एसडीआई (एसडीआई) योजना को 24 मई 2007 को चालू किया गया था। परियोजना प्रबंधन, निगरानी एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया क्या है? उत्तर: राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष समिति और राज्य स्तर पर राज्य समिति को उदयोगों जैसे हितधारकों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों और ट्रेड यूनियन के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने, परियोजना क्रियान्वयन के लिए सलाह देने तथा मार्गदर्शन करने के लिए गठित किया गया है। शीर्ष समिति सचिव, श्रम एवं रोजगार, भारत सरकार दवारा संचालित की जाएगी और राज्य समिति राज्य सरकार के संबंधित सचिव/प्रमुख सचिव दवारा संचालित की जाएगी। इन समितियों में प्रमुख हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन समितियों की संरचना एवं कार्यों का नीचे उल्लेख किया गया है। एसडीआई/एमईएस के लिए शीर्ष समिति रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीई एंड टी) राष्ट्रीय स्तर पर एक शीर्ष समिति का गठन करेगा। शीर्ष समिति की संरचना एवं कार्य इस प्रकार है:- शीर्ष समिति की संरचना किस तरह की है? उन्तर: 1. सचिव (श्रम एवं रोजगार), - अध्यक्ष 2. अपर सचिव (एल एंड ई) – उपाध्यक्ष 3. वित्तीय सलाहकार (एमओएलई) – सदस्य 4. आर्थिक सलाहकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय - सदस्य 5. संयुक्त सचिव/डीजीईटी - सदस्य सचिव केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधि (सचिव या इसका प्रतिनिधि, संयुक्त सचिव के पद से नीचे नहीं) 6. व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय 7. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय 8. आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय 9. योजना आयोग ट्रैड यूनियनों के प्रतिनिधिः 10. भारतीय मजदूर संघ 11. इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस नियोकता संगठनों के प्रतिनिधि 12. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), नई दिल्ली 13. ऐसोसिएटेड चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम), नई दिल्ली 14. फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की), नई दिल्ली 15. फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो एंड स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, नई दिल्ली 16. पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, नई दिल्ली राज्य सरकारों के प्रतिनिधि (सचिव/ प्रमुख सचिव स्तर का अधिकारी) 17. महाराष्ट्र 18. तमिलनाडू शीर्ष समिति के कार्य कया हैं? उत्तर: शीर्ष समिति के कार्य हैं: योजना की नीतियों, नियमों, मानदंडों, धन आवंटन, व्यय, लागत, प्रक्रियाओं आदि की समीक्षा करना और संशोधित करना। प्रशिक्षण शुल्क एवं मूल्यांकन शुल्क की समीक्षा करना और संशोधित करना। मूल्यांकन निकायों के चयन और नियुक्ति के लिए दिशा निर्देश तैयार करना। ट्रेड समितियों के सदस्यों एवं अन्य सदस्यों को भुगतान किए जाने वाले मानदेय, टीए/डीए आदि की टर तय करना। वेब आधारित सॉफ्टवेयर विकसित करने के काम को पुरस्कृत करने के लिए दिशा निर्देश तैयार करना; योजना की निगरानी और मूल्यांकन करना। व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओों के चयन के लिए दिशा निर्देश तैयार करना। जारी की गयी राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना। श्रम बाजार में मांग का आंकलन करना। योजना के तहत घटकों में परिवर्तन करना, उनको जोडना या हटाना योजना के क्रियान्वयन एवं निगरानी गतिविधियों के लिए कौन जिम्मेदार है? उत्तर: डीजीई एंड टी मुख्यालय में एक राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन प्रकोष्ठ (एनपीएमसी) और आरडीएटी में छह क्षेत्रीय प्रकोष्ठों का गठन किया जाएगा। ये देश में एसडीआई/एमईएस योजना के क्रियान्वयन तथा निगरानी गतिविधियों के जिम्मेदार हैं। इन प्रकोष्ठों को आधुनिक कार्यालय उपकरण, फैक्स, फोटोकॉपी मशीन, कम्प्यूटर, लैपटॉप कम्प्यूटर, प्रोजेक्टर, प्रिंटर, स्कैनर, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, एसटीडी सुविधा के साथ विशिष्ट टेलीफोन लाइन, कॉन्फ्रेंसिंग वीडियो आदि से सुसज्जित किया जाएगा। एनपीएमसी तथा क्षेत्रीय प्रकोष्ठ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के रोजगार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन होंगे, जो समन्वय एजेंसी होगी। 22 पदों का सृजन किया जाएगा। एनपीएमसी तथा क्षेत्रीय प्रकोष्ठों को सहायक स्टाफ भी प्रदान किया जाएगा। क्षेत्रीय निदेशक अनुबंध के आधार पर सहायक स्टाफ नियुक्त कर सकते हैं। राज्य समिति की संरचना किस तरह की है? उत्तर: इस समिति में 11 सदस्य होंगे:- 1. क्रैफ्ट्समेन ट्रेनिंग-स्कीम (सीटीएस) से संबंधित सचिव/प्रमुख सचिव - अध्यक्ष 2. सीटीएस से संबंधित निदेशक - सदस्य सचिव 3. व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं रोजगार से संबंधित अन्य राजन्य विभागों के प्रतिनिधि - 2 सदस्य 4. प्रतिनिधि नियोकता संगठन - 4 सदस्य (सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, आदि) 5. डीजीई एंड टी के प्रतिनिधि - 1 सदस्य 6. ट्रेड यूनियन्न के प्रतिनिधिः - 2 सदस्य राज्य समितियों के क्या कार्य हैं? श्रम बाजार मांग का आकलन करना। योजना को व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाना। वीटीपीएस से आवेदन आमंत्रित करना, उनकी जांच करना और आरडीएटी को सिफारिशे भेजना। अनुमोदित वीटीपीएस की सूची बनाना। निर्धारित प्रवेश दिशा निर्देशों के अनुसार प्रवेश सूचना जारी करना। वीटीपीएस में निर्धारित प्रशिक्षण शुल्क का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना। राज्य के लिए वार्षिक प्रशिक्षण योजना तैयार करना और इसे वित्तीय वर्ष की शुरूआत से कम से कम तीन माह पहले आरडीएटी को भेजना। वीटीपीएस में प्रशिक्षण स्थानों के संबंध में एससी/एसटी, महिलाओं एवं अन्य लोगों के लिए आरक्षण नीति का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना। परीक्षाएं आयोजित करने में मूल्यांकन निकायों को सहायता प्रदान करना। जिले में एसडीआई/एमईएस योजना के समन्वय के लिए प्रत्येक जिले में नोडल आईटीआई घोषित करना। निर्धारित भूमिका निभाने के लिए नोडल आईटीआई के लिए आवश्यक अधिकार प्रदान करना। योजना के परिणाम की निगरानी और मूल्यांकन करना। वीटीपीएस निरीक्षण के लिए दिशा निर्देश तैयार करना। वीटीपीएस के लिए जारी की गयी राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना। वेब आधारित सॉफ्टवेयर किस तरह से उपयोगी होगा? उत्तर: कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए वेब आधारित सॉफ्टवेयर वेब आधारित सॉफ्टवेयर योजना के कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए उपयोग किया जाएगा। वेब आधारित सॉफ्टवेयर केंद्र तथा राज्य स्तरों पर उपलब्ध सीमित स्टॉफ के साथ निर्धारित अवधि में योजना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक होगा। यह योजना की गतिविधियों की प्रभावी ढंग से निगरानी करने में मदद करेगा। सॉफ्टवेयर की कुछ विशेषताएं नीचे दी गयी हैं:- प्रशिक्षण चाहने वाले व्यक्तियों का ऑनलाइन पंजीकरण या उनके कौशलों का परीक्षण कॉल लेटर्स तैयार हो जाएंगे प्रवेश की तिथि स्वयं जनरेट हो जाएगी और सत्र के मध्य में किसी भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे व्यक्तियों की संख्या के बारे में पाठ्यक्रम के अनुसार और किस वीटीपीएस में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, की रिपोर्ट जनरेट की जा सकती है। प्रशिक्षित व्यक्तियों की संख्या के बारे में पाठ्यक्रम के अनुसार और किस वीटीपीएस से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और कब, की रिपोर्ट जनरेट की जा सकती है। मूल्यांकन किए गए व्यक्तियों की संख्या के बारे में- पाठ्यक्रम के अनुसार और किस मूल्यांकन निकाय दवारा और कब मूल्यांकन किया गया है, की रिपोर्ट जनरेट की जा सकती है। प्रमाणित व्यक्तियों की संख्या के बारे में- पाठ्यक्रम के अनुसार और किस मूल्यांकन निकाय दवारा और कब प्रमाणित किया गया है, की रिपोर्ट जनरेट की जा सकती है। प्रदान किए गए पाठ्यक्रमों के साथ साथ वीटीपीएस के बारे में जानकारी पाठ्यक्रमों जिनमें परीक्षा ली जा सकती है, के विवरण के साथ साथ टीसीएस के बारे में जानकारी। मूल्यांकन निकायों के बारे में जानकारी प्रमाण पत्र तैयार हो जाएंगे। रोजगार चाहने के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति अपने शैक्षिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव प्रस्तुत कर सकता है। कुशल व्यक्तियों के लिए नियोक्ता अपनी जरूरतों को प्रस्तुत कर सकते हैं। वीटीपीएस का किस प्रकार मूल्यांकन किया जाएगा? उत्तरः प्रशिक्षण वितरण और मूल्यांकन कार्यां के पृथक्करण का उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। वीटीपीएस के प्रदर्शन की उनके दवारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण के आउटपुट और परिणामों के आधार पर सावधानी पूर्वक निगरानी की जाएगी। निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर दवितीय वर्ष से लेकर उसके बाद तक की रेटिंग से वीटीपीएस को सम्मानित किया जाएगा: श्रेणीकरण 6 माह की अवधि के दौरान परीक्षाओं में शामिल हुए प्रशिक्षुओं की पास होने की दर A 80% और इससे अधिक B 65% - 80% C 50%-65% D 50% से कम हितधारकों से क्या उम्मीदें हैं? उत्तर: नियोक्ता और कर्मचारी संगठन रोजगार तथा कौशल उपेक्षा के लिए उभरते क्षेत्रों का पूर्वानुमान लगाना योग्यता मानकों का विकास करना अतिथि संकाय तथा मूल्यांकन करने वालों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना प्रशिक्षकों और मूल्यांकन करने वालों का प्रशिक्षण प्रशिक्षण के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहित और नियुक्त करना प्रशिक्षण एवं परीक्षा सुविधाओं को उपल्ब्ध कराना निगरानी और मूल्यांकन प्रशिक्षणार्थी को रोजगार पाने में सहयोग करना अंतराष्ट्रीय संगठन उत्कृष्ट अंतरांष्ट्रीय कार्यवाहियों का प्रदर्शन करना अनौपचारिक अर्थव्यवस्था हेतु योजना, क्रियान्वयन के क्षत्र में क्षमता निर्माण तथा दक्षतता विकास कार्यक्रम की निगरानी करना प्रचुरता मानकों, अध्ययन सूची, शिक्षण सामग्री, मूलयांकन मानकों इत्यादि के विकास के क्षेत्र में क्षमता निर्माण पायलट प्रोग्राम लागू करना राज्य सरकार प्रशिक्षण प्रदाताओं और मूल्यांकन निकायों की पहचान करना मूल्यांकन निकायों को पूर्ण सहयोग प्रदान करनार श्रम बाजार मांग और अध्ययन सूची विकास का मूल्यांकन करना व्यापक प्रचार-प्रसार करना आईटीआई/आईटीसी में एमईएस कार्यक्रम लागू करना प्रशिक्षण उपरान्त सहयोग प्रदान करना गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सूक्ष्म निगरानी और मूल्यांकन समर्पित एमईएस सेल की स्थापना करना एनजीओ/ व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रदाता і. परामर्श एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन ii. गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करना iii. प्रशिक्षणार्थियों की आवश्यकतानुसार उदार तरीके से प्रशिक्षएण प्रदान करना iv. प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के उपरान्त सहयोग प्रदान करना v. प्रशिक्षित प्रशिक्षणार्थियों और प्रशिक्षण के परिणाम के विषय में सूचना तैयार करना स्त्रोत: रोज़गार एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, भारत सरकार