जनवरी 2015 से डायरेक्टर एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी बेनीफिट ट्रांसफर स्कीम (पहल) एक योजना है जिससे रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी के पैसे सीधे लोगों के खाते में पहुँचते हैं। खास बात यह है कि इस योजना का नाम दूसरी बार बदला गया है। शुरुआत में इसका नाम डीबीटीएल था, फिर एमडीबीटीएल हुआ और अब यह योजना "पहल' के नाम से जानी जाएगी। इस योजना से जुड़ने के लिये घरेलू एल.पी.जी. उपभोक्ताओं को बैंक और संबंधित गैस एजेंसी में आवश्यक जानकारी देना होगी। अब मार्केट रेट पर सिलेंडर इस स्कीम के तहत मार्केट रेट पर एलपीजी सिलेंडर मिलेगा जिस पर सब्सिडी सीधा आधार लिंक बैंक एकाउंट में जाएगा। स्कीम के तहत जिन लोगों अपने बैंक एकाउंट आधार लिंक किए होंगे उनको स्कीम ज्वाइन करने के बाद पहली बुकिंग से पहले ही 568 रुपए का वन टाईम परमानेंट एडवांस भेजा जाएगा। बैंक के माध्यम से मिलेगी सब्सिडी सिलेंडर की डिलिवरी के बाद चार दिन के अंदर कस्टमर को सिलेंडर पर सब्सिडी उसके एकाउंट में भेज दी जाएगी। इस स्कीम को ज्वाइन करने के लिए लोगों को अपना आधार नंबर बैंक और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को देना पड़ेगा। माईएलपीजी पर लोग अपनी सब्सिडी के बारे में और खाते व एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के बारे में और जानकारी हासिल कर सकेंगे। बिना आधार कार्ड के भी मिल जाएगी सब्सिडी जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है उनको उनके बैंक एकाउंट में सीधे ही कैश मिल जाएगा। ऐसे लोगों को एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास अपना बैंक एकाउंट देना होगा साथ ही बैंक में कस्टमर आईडी देनी होगी। इसके लिए सभी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास फॉर्म मुहैया करवाए गए हैं। फार्म से संबंधित जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेच्यूरल गैस ने सब्सिडी के लिए फार्म नंबर पांच जारी किया है। यह फार्म "पहल डीबीटीएल' योजना के तहत तीन चार दिन पहले जारी हुआ है। डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर टू एलपीजी कस्टमर (डीबीटीएल) का लाभ लेने के लिए अब केवल इस फार्म को भरना है। उपभोक्ता को एजेंसी में जाकर "पहल डीबीटीएल' फार्म लेना है। जो एजेंसी संचालक बिल्कुल फ्री देंगे। फार्म में तीन कॉलम हैं। पहला एलपीजी कनेक्शन से संबंधित है, जिसमें एजेंसी का नाम, कनेक्शन नंबर की जानकारी भरनी है। दूसरा कॉलम बैंक एकाउंट को लेकर है। तीसरे कॉलम में आधार कार्ड को लेकर जानकारी भरनी है। इनमें से दो कॉलम भरना जरूरी है। अगर किसी के पास आधार कार्ड नहीं है तो वह उस कॉलम को खाली छोड़ सकता है। उसके बाद फार्म एजेंसी संचालक को जमा करवा दें। इसके बाद आप "पहल' नामक स्कीम से जुड़ जाएंगे। सहायता सेवा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये उन्हें टोल फ्री नम्बर 1800-2333-555 पर भी जानकारी देने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा वेबसाइट माईएलपीजी से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बैठक में इस योजना के क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। स्त्रोत: भास्करडाटकाम