राष्ट्रीय सेवा योजना (राज्यांश) इस योजना के अंतर्गत कॉलेज छात्र-छात्राओं को समाज-सेवा से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इन योजनाओं को विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के माध्यम से कार्यान्वित किये जाते हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त अनुदान का अनुपात 7:5 है। इसके अंतर्गत दो प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं (क) नियमित गतिविधियाँ इन गतिविधि के अंतर्गत कार्यरत प्रत्येक स्वयं सेवक को 160/रु. प्रतिदिन के दर से पारिश्रमिक उपलब्ध कराया जाता है। (ख) विशेष शिविर एन.एस.एस के स्वयंसेवकों की कुल संख्या का 50% स्वयंसेवकों को विशेष शिविरों के लिए चयनित किये जाते हैं, जिनमें से प्रत्येक को 300 रु. की दर से प्रतिदिन भुगतान किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 42 लाख रु. का उपबंध प्रस्तावित था जिसमें से 30 लाख रु. जनजातीय उपयोजना एवं 12 लाख रु. अन्य क्षेत्रीय उपयोजना अंतर्गत व्यय किये जाने की योजना थी। PYKKA – पंचायत युवा खेल कूद अभियान (राज्यांश) पाईका योजना के माध्यम से खेलकूद की जमीनी स्तर (grass root) पर लाये जाने का प्रयास आगामी पांच वर्षों में किये जायेगा। इसके अंतर्गत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्थित युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाता है। यह योजना क्रीड़ा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों को हासिल करते हुए रास्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिए जाने की दृष्टी रखता है। राष्ट्रीय क्रीड़ा निति 2011 के अनुसार जमीनी स्तर से खेल को जोड़कर उत्कृष्टता प्राप्त करना क्रीड़ा योजनाओं का मौलिक दर्शन रहा है। क्रीड़ा को प्रोत्साहित कर बेहतर सामाजिक परिवेश का निर्माण करना भी इस योजना का उद्देश्य है, जिससे युवा पीढ़ी सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ्य के प्रति सजग हो सकेगी। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण/प्रखंड/पचायत स्तर पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अंतर्गत दी जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच 75:25 के अनुपात में विभाजित की जायेगी। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 176 लाख रु० का उपबंध प्रस्तावित था जिसमें से 130 लाख रु० जनजातीय उपयोजना क्षेत्र 10 लाख रु० विशेष अंगीभूत योजना एवं 36 लाख रु० अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय किया जाना था। खिलाड़ी कल्याण कोष/खेल छात्रवृति/खिलाड़ियों को सम्मानित करना: 2204 राज्य सरकार प्रत्येक वर्ष ऐसे खिलाड़ियों को, जो आर्थिक रूप से कमजोर है, उनकी उपलब्धि के अनुरूप आर्थिक सहायता, उनकी खेल गतिविधियों में सहभागिता, चिकित्सकीय आवश्यकताओं आदि की पूर्ति के लिए उपलब्ध कराती है। इसके अंतर्गत 500-600/- रु. की राशि प्रत्येक खिलाड़ी को मासिक वृत्ति के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनके राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय क्रीड़ा आयोजनों में हासिल की गईउपलब्धियों के अनुरूप नगद पुरस्कार देती है। राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए एक निर्णय के अनुसार ओलंपिक गेम्स में स्वर्ण पदक प्राप्त विजेताओं को 75.00 लाख रु, विश्व प्रतियोगिता (वर्ल्ड चैम्पियनशीप) में स्वर्ण पदक विजेताओं को 10.00 लाख रु, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 5.00 लाख रु, सैफ खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 3.00 लाख रु और राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को 0.50 लाख रु० की नगद राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। राज्य की खेल निति के अनुसार खेल कोटा के प्रावधान के अंतर्गत नौकरी में खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 100 लाख रु. का उपबंध प्रस्तावित था जिसमें से 65 लाख रु० जनजातीय उपयोजना क्षेत्र, 5 लाख रु विशेष अंगीभूत योजना एवं 30 लाख रु अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय किया जाना था। खिलाड़ी प्रशिक्षण केंद्र/प्रतिभा खोज/खिलाड़ी किट/खेल सामग्री/अनुदान/कार्यशाला राज्य के विभिन्न जिलों में 28 आवासीय एवं 104 डे-बोर्डिंग क्रीड़ा केंद्र कार्यशील है। यहाँ आवासीय क्रीड़ा प्रशिक्षण के अतिरिक्त छात्रों को उनकी शिक्षा/भोजन/क्रीड़ा किट/बीमा/चिकित्सा एवं अन्य व्ययों के लिए आर्थिक सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं। विभाग ने एन.आई. एस.से डिप्लोमा प्राप्त प्रशिक्षकों की सुविधा आवासीय केन्दों एवं बी.पी.ई.डी./ एम.पी.ई.डी./ एम.पी.ल. केन्द्रों पर मुहैया कराया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर योग्यता प्राप्त प्रशिक्षकों को पर प्रशिक्षण डे-बोर्डिंग क्रीड़ा केन्द्रों पर प्रशिक्षण के लिए रखे गए हैं। क्रीड़ा प्रशिक्षकों की नियुक्ति सरकार अन्य प्रशिक्षण केन्द्रों पर भी निकट भविष्य में करगी। एन. आई. एस. पटियाला एवं अन्य प्रसिद्ध क्रीड़ा संस्थाओं की सहायता से प्रशिक्षकों के लिए कार्यशाला के आयोजन नई योजनाओं के अंतर्गत किये जाने हैं। राज्य क्रीड़ा उपस्करों को विभिन्न क्रीड़ा संघों, विद्यालय स्तर के विजेता टीमों, सुब्रोतो मुखर्जी, नेहरु कप, हॉकी टूर्नामेंट/ सी.एम. एवं एस.एम. फुटबॉल/अंतरविद्यालय क्रीड़ा प्रतिस्पर्द्धाओं के विजेताओं को उपलब्ध कराए जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए प्रखंड स्तर से विभिन्न क्रीड़ाओं की टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों को क्रीड़ा उपस्कर एवं अन्य सुविधाएँ मुहैया कराई जा रही हैं। जिला एवं राज्य स्तर के चैम्पियनशिप के आयोजन किये जा रहे हैं, जिनके लिए जिला स्तर के इन चयनित टीमों को शामिल किये जाते हैं। चैम्पियनशिप के प्रत्येक स्तर पर नगद पुरस्कार प्रदान किये जाते है। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 600 लाख रु० का उपबंध प्रस्तावित था जिसमें से 375 लाख रु० जनजातीय उपयोजना क्षेत्र 50 लाख रु० विशेष अंगीभूत योजना एवं 175 लाख रु० अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय किये जाने की योजना थी। युवा गतिविधियाँ/युवा आयोग राज्य में प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर का एक युवा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इसमें विभिन्न राज्यों से युवा प्रतिभागियों को आमंत्रित किये जायेंगे। इस महोत्सव के दौरान युवा को एक दूसरे को जानने और अपने हुनर की योग्यता को प्रदर्शित/विकसित करने का अवसर प्राप्त होंगे। इस अवसर पर प्रतिभागियों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर भाईचारे की भावना भी विकसित होगी। युवा कल्याण एवं युवा गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य द्वारा एक युवा आयोग की स्थापना की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के पुरुष एवं महिला युवाओं की प्रतिभाओं की दिशा देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2011-12 से किशोर-किशोरी योजना प्रारंभ की है। इसके अंतर्गत 100 चयनित ग्रामों में पुरुष एवं महिला युवा संस्थाओं को 50.000/रूपये की राशि प्रत्येक वर्ष ग्रामीण क्षेत्र में युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुदानित की जाएगी। अब सरकार इस योजना को पूरे राज्य में लागू कराने के लिए प्रयत्नशील है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए वर्ष 2012 -13 में 200 ग्रामों में इस योजना के अंतर्गत 200 लाख रूपये की राशि की व्यवस्था कर रही है । वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 420 लाख रु० का बजटीय उपबंध था जिसमें से 300 लाख रु० जनजातीय उपयोजना एवं 120 लाख रु० अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय करने की योजना थी। अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय/राज्य/जिला/प्रखंड स्तरीय एवं अन्य खेल प्रर्तियोगिताओं का आयोजन/खेल संघों को अनुदान राज्य में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राज्य में राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन किये जांयेंगे। विभाग विद्यालय स्तर की क्रीड़ा प्रतियोगिताओं, यथा सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल, नेहरु कप हॉकी सदृश प्रतियोगिताओं के आयोजन कराता है। इसके अतिरिक्त सी.एम., एस.एम. कप फुटबॉल प्रतियोगिताओं एवं महिला क्रीड़ा उत्सव के भी आयोजित प्रत्येक वर्ष किये जाते हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को उभारने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर के भी आयोजन विभाग द्वारा किये जायेंगे। विभिन्न राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन विभाग द्वारा किये जाते हैं, जिसकी विवरणी निम्नांकित सारणी में दी गई है:- क्रम.सं. खेल/विद्या प्रतियोगिता १. फुटबॉल U-14/17 बालक प्रखंड/जिला सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता २. फुटबॉल U-14/17 बालक प्रखंड/जिला सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता ३. हॉकी U-15/17 बालक एवं U-17 बालिका प्रखंड/जिला नेहरु हॉकी प्रतियोगिता ४. हॉकी U-15/17 बालक एवं U-17 बालिका स्टेट नेहरु हॉकी प्रतियोगिता ५. फुटबॉल U-14/17 बालक अनुमंडल जिला सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता ६. 20 विधाएं U-14/17 /19 बालक एवं बालिका ब्लॉक/जिलाविद्यालय खेल प्रतियोगिता ७. 20 विधाएं -14/17 /19 बालक एवं बालिका राज्य स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता ८. 10 विधाएं (महिला) प्रखंड जिला महिला क्रीड़ा उत्सव ९. 10 विधाएं (महिला) राज्य स्तरीय महिला क्रीड़ा उत्सव १०. हॉकी (बालक एवं बालिका) फुटबॉल (बालक एवं बालिका) क्रॉस कंट्री रेस 29 अगस्त, राष्ट्रीय क्रीड़ा दिवस के अवसरपर आयोजित खेल प्रतियोगिता। ११. तीरंदाजी. खो-खो, कबड्डी, बॉलीबॉल, टेबल, टेनिस, लॉनटेनिस,बैंडमिंटन, बॉक्सिंग, कुश्ती 9वीं खेल प्रतियोगिता पूर्व स्वतंत्रता सेनानियों के लिए नोट :- अन्य खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन भी अन्य वर्षों में किये जायेंगे। इनके अतिरिक्त विभाग खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन अन्य महत्वपूर्ण अवसरों यथा, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्रता दिवस, राज्य स्थापना दिवस, राष्ट्रीय खेल क्रीड़ा दिवस, 3 जनवरी, जयपाल सिंह का जन्मदिवस आदि पर किया करता है। विशेष अवसरों पर पूर्व-सैनिकों एवं डे-बोर्डिंग प्रतियोगिता भ आयोजित की जाती है। राज्य ने प्रतिभा खोज कार्यक्रम का प्रारंभ वित्तीय वर्ष 2011 -12 से किया है। इसके अंतर्गत प्रखंड स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन किये जाते है, जिसके अंतर्गत 19 वर्ष आयु के भीतर बालक/बालिकाओं , जो सरकारी अथवा गैर-सरकारी विद्यालयों से सम्बन्ध हैं, भाग लेते है। खेल के प्रत्येक विधा में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को लेकर प्रखंड स्तर के टीम का निर्माण किया जाता है। इसके उपरांत जिला स्तर पर अंतर-प्रमंडलीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। ऍस आधार पर जिला स्तर के टीम का चयन किया जाता है, जिसे राज्य स्तर पर होने वाली क्रीड़ा प्रतिभा खोज प्रतियोगितओं में भाग लेने का अवसर मिलता है। इस तरह प्रत्येक वर्ष खेल की प्रत्येक विधा में श्रेष्ठतम प्रतिभाएँ चयनित होती हैं। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 700 लाख रु० का उपबंध प्रस्तावित किया गया था जिसमें से 450 लाख रु० जनजातीय उपयोजना क्षेत्र 50 लाख रु० विशेष अंगीभूत योजना एवं 200 लाख रु० अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय करने की योजना थी। झारखंड खेल प्राधिकरण राज्य में खेल की गतिविधियों को प्रात्साहित किये जाने एवं 34वें राष्ट्रीय खेल की आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव को दृष्टी में रखते हए एक राष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में सरकार विचार कर रही है। यह संस्था खेल के सर्वागीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार की खेल प्रर्तियोगिताओं का आयोजन, क्रीड़ा उपस्करों की व्यवस्था, खेल सम्बन्धी राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रकाशन एवं पुस्तकालय विकसित करेगी। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 100 लाख रु० का बजटीय उपबंध था जिसे जनजातीय उपयोजना क्षेत्र के अंतर्गत व्यय करना था। साहसिक खेल इस योजना के अंतर्गत पर्वतारोह, पारा ग्लाइडिंग, जल क्रीड़ा, केनोईग आदि क्रीड़ा सम्मिलित हैं। इनक्रीडाओं के विभिन्न संम्भावित स्थलों में रुका डैम, धुर्वा डैम, सिकदिरी आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 10 लाख रु० का बजटीय उपबंध था जिसे जनजातीय उपयोजना क्षेत्र के अंतर्गत व्यय किया जाना था। खेल विश्वविद्यालय(नई योजना) मेगा स्पोर्टस कम्पलेक्स की आधारभूत संरचनाओं के उपयोग एवं रख-रखाव को दृष्टि में रखते हुए एक राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय की स्थापना विचारधीन है, जो पी.पी.पी. के आधार पर विकसित किया जायेगा। इसमें झारखण्ड राज्य के छात्र-छात्रओं के लिए 40% सीट आरक्षित रहेगा। इसकी स्थापना की प्रक्रिया एवं स्वरुप (मॉडेलिटी) के लिए एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया गया है, जो विश्व के सर्वश्रेष्ठ खेल विश्वविद्यालयों की संरचना एवं संचालन का अध्ययन करेगी। इसके अतिरिक्त एन.एस.यू. की स्थापना के लिए वितीय वर्ष 2012-13 के दौरान विभाग परामर्श की सेवाएं भी ली जाएँगी। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 100 लाख रु० का बजटीय उपबंध करके जनजातीय उपयोजना क्षेत्र के अंतर्गत व्यय किया जाना था। सेंटर ऑफ एक्सेलेंस (नई योजना) इस नई योजना के अंतर्गत जिला मुख्यालयों में खेल के विभिन्न विधाओं के लिए उत्कृष्टता के केन्द्रों में की स्थापना की जाएगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों को इन केन्दों में विशेष प्रशिक्षण एवं सुविधाएं प्रदान की जांएगी। इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को आधुनिकतम तकनीकी से युक्त प्रशिक्षण प्रदान किये जांएगे। इस उद्देश्य के लिए वित्तीय वर्ष 2012-13 के दौरान 250.00 लाख रूपये की राशि की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त इन्हें अंत अन्तर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों, यथा, ओलंपिक, कॉमन्वेल्थ गेम्स, फुटबॉल वर्ल्ड कप, आदि को देखने के आवसर दिए जायेगे। इस तरह के दलों का नेतृत्व विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा किये जायेगे। इस उद्देश्य के लिए 75.00 लाख रूपये की राशि का प्रस्ताव रखा गया था। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 315 लाख रु० का बजटीय उपबंध है, जिसमें से 450 लाख रु० जनजातीय उपयोजना एंव 75 लाख रु० अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय किया जाना था। जिला एवं प्रखंड स्तर पर स्टेडियम/खेल संरचनाओं का निर्माण वर्तमान पंचवर्षीय योजना के अंत तक राज्य सरकार प्रत्येक जिला एवं प्रखंड में स्टेडियम एवं खेल की आधारभूत संरचनाओं के निर्माण किये जाने के उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रयत्नशील है। स्टेडियम एवं खेलकूद संरचना निर्माण कार्य धनबाद जिला अंतर्गत बाघमारा प्रखंड में, चतरा जिला अंतर्गत प्रतापपुर, हंटरगंज. ईटखोरी एवं चतरा प्रखंड में, रामगढ़ जिला अंतर्गत मांडू प्रखंड में, गिरिडीह जिला अंतर्गत रंका प्रखंड में गोपीनाथ सिंह जनसेवा ट्रस्ट इंडोर स्टेडियम एवं डुमरी प्रखंड में, सरायकेला जिला अतर्गत ईचागढ प्रखंड में, हजारीबाग जिला के अंतर्गत चौपारण एवं ईचाक प्रखंड में, खूँटी जिला अंतर्गत तोरपा एवं कर्रा प्रखंड में, सिमडेगा जिला अंतर्गत कोलेबिरा एवं ठेठईटांगर प्रखंड स्तरीय स्टेडियम निर्माण एवं आउटडोर स्टेडियम सिमडेगा जिला में, चाईबासा जिला अंतर्गत सोनवा प्रखंड में, पलामू जिला अंतर्गत राज्यकृत हाई स्कूल नरसिंह एवं छतरपुर प्रखंड में, दुमका जिला अंतर्गत सरैयाहाट, रानेश्वर, काठीकुंड एवं गोपीकांदर प्रखंड में, पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत माउभंडार प्रखंड में, लोहरदग्गा जिला अंतर्गत बी. एस. कॉलेज लोहरदग्गा, एवं कैरो प्रखंड एम, पाकुड़ जिला अंतर्गत हिरणपुर प्रखंड में, गुमला जिला का अंतर्गत घाघरा, पालकोट, अल्बर्ट एक्का जारी (वुमतेल) एवं बसिया प्रखंड में तथा अल्बर्ट एक्का स्टेडियम गुमला जिला में, राँची जिला के अंतर्गत राहे, बुढ़मू, सिल्ली स्टेडियम, नगड़ी प्रखंड में, गोड्डा जिला के अंतर्गत ठाकुरगंगटी एवं पोड़ेयाहाट प्रखंड में तथा बोकारो जिला अंतर्गत कसमार एवं सोनाबाद (चास) प्रखंड में प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में कीड़ा क्षेत्रों के निर्माण मनरेगा (MNREGA) एवं पाइका (PYKKA) की योजनाओं के द्वारा कराये जांएगे। इन क्रीड़ा क्षेत्रों में विभाग द्वारा अन्य क्रीड़ा सम्बन्धी सुविधाएँ, यथा, घड़ी के स्टैंड, पेयजल, स्नानगृह, परिवर्तन-गृह आदि की सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएँगी। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 1572 लाख रु० का उपबंध प्रस्तावित था जिसमें से 900 लाख रु० जनजातीय उपयोजना 100 लाख रु० विशेष अंगीभूत योजना एवं 572 लाख रूपये अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय करना था। खेल छात्रावास एवं प्रशिक्षण केन्द्र निर्माण वर्तमान में राज्य के अंतर्गत 28 आवासीय कीड़ा केन्द्र निर्मित किये गए हैं, जिनमें 4 की वर्ष 2012-13 तक पूर्ण हो जाने की संभावना देखी गयी थी। अन्य के निर्माण कार्य 12वें पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत पूरे कर लिए जांएगे। प्रत्येक जिला में कम-से-कम एक आवासीय क्रीड़ा केंद्र के निर्माण की योजना है। ये आवासीय क्रीड़ा केंद्र विद्यालयों से संलग्न हैं। वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए इस मद में 100 लाख रु. का उपबंध प्रस्तावित है जिसमें से 70 लाख रु० जनजातीय उपयोजना 30 लाख रु. अन्य क्षेत्रीय उपयोजना में व्यय किया जाना था । एन.सी.सी. हेतु प्रशासनिक भवन का निर्माण एन.सी.सी. के सुचारू रूप से संचालन के लिए एक प्रशासनिक भवन के निर्माण की योजना है, जो ग्रुप मुख्यालय में निर्मित होगा। इसके लिए वितीय वर्ष वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में 20 लाख रु० का बजटीय उपबंध किया गया है। इसे जनजातीय उपयोजना क्षेत्र के अंतर्गत व्यय किया जाना था। स्रोत:- जेवियर समाज सेवा संस्थान, राँची।