विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण (1) कोई भी बाल देखरेख संस्था, जो विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता प्राप्त करने का इरादा रखता है, निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ संबद्ध राज्य सरकार को आवेदन करेगी: (क) सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21), भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 (1882 का 12) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य तत्स्थानी विधि के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की प्रति; (ख) संगम ज्ञापन, नियमों, विनियमों और उपविधियों की प्रति; (ग) बाल देखरेख संस्था के रूप में रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र की प्रति; (घ) प्रबंध समिति या कार्यकारिणी समिति या बोर्ड के सदस्यों की सूची यह दर्शाते हुए कि ऐसी समिति या बोर्ड के अधिकांश सदस्य भारतीय नागरिक है; (ङ) गत तीन वर्षो के संपरीक्षित लेखा सहित वार्षिक रिपोर्टे; (च) अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बालकों को दत्तक-ग्रहण में स्थापन करने के विनिश्चय के समर्थन में अभिकरण का संकल्प; (छ) सुसंगत नियमों और प्रवृत्त दत्तक-ग्रहण मार्गदर्शक सिद्धांतों का पालन करने का वहनबंध; (ज) बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर आंकड़ों को नियमित रूप से अद्यतन करने और ऐसा करने की आवश्यक सुविधा रखने का वचनबंध; (झ) समर्थक दस्तावेज जो यह दर्शाते हो कि संगठन बाल संरक्षण और कल्याण के क्रियाकलापों में संलग्न रहा है; (ञ) संस्था में बालकों की सूची; और (ट) वृत्तिक और बाल देखरेख कर्मचारियों की सूची । (2) राज्य सरकार, यदि बाल देखरेख संस्था इस प्रयोजन के लिए संचालित निरीक्षण के आधार पर विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में विचार करने के लिए उपयुक्त पाई जाती है, तो आवेदन की तारीख से तीन मास के भीतर बाल देखरेख संस्था को विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता का प्रमाण-पत्र जारी करेगी । (3) यदि कोई संगठन संस्थागत देखरेख में अंतग्रस्त नहीं है लेकिन अपने पैनल पर प्रशिक्षित पोषण देखरेख कर्ताओं के माध्यम से शिशुओं और छोटे बालकों के लिए क्वालिटी गैर-संस्थागत देखरेख सुनिश्चित करने की क्षमता और विशेषज्ञता रखती है, राज्य सरकार ऐसे संगठन को भी विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता दे सकती है । (4) विशेषज्ञ दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता पाँच वर्ष की अवधि के लिए होगी, जब तक कि पैरा 26 में यथा उल्लिखित आधारों पर इस मान्यता का प्रतिसंहरण न कर लिया गया हो । विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता के नवीकरण के लिए मानदंड और प्रक्रिया (1) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता के नवीकरण के लिए अपनाए जाने वाले मानदंड निम्नलिखित होंगे- (क) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का दत्तक स्थानन में समाधानप्रद संपादन होना चाहिए; (ख) वह बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में आंकड़ों को नियमित रूप से अद्यतन करता रहा हो और मार्गदर्शक सिद्धांतों में विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के लिए विनिर्दिष्टित समय सीमा का पालन करता हो; (ग) उसने मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रावधानों के साथ-साथ राज्य सरकार या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण या केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा जारी निदेशों का भी अनुसरण किया हो; (घ) वह किसी कदाचार में संलिप्त न रहा हो; (ङ) उसने बाल देखरेख कॉरपस का उचित उपयोग किया हो; और (च) उसने अनुसूची-12 में यथा उपबंधित बाल देखरेख मानकों को बनाए रखा हो । (2) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता के नवीकरण के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया निम्नलिखित होगी, अर्थात: विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण पैरा 24 (1) में उल्लिखित दस्तावेजों के अलावा, निम्नलिखित दस्तावेजों या सूचना के साथ अपनी मान्यता समाप्त होने से छह मास पहले आवेदन करेगा: (क) पिछली मान्यता अवधि के दौरान जैव माता या पिता, नातेदारों अथवा संरक्षकों को लौटाए गए बालकों का ब्यौरा और उनकी संख्या; (ख) पिछली मान्यता अवधि के दौरान देश के भीतर और अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण में स्थानन किए गए बालकों की संख्या और उनका ब्यौरा और उनके दत्तक-पश्चात अनुवर्तन का ब्यौरा; (ग) पिछली मान्यता अवधि के दौरान बाल देखरेख कॉरपस की प्राप्ति और उसके उपयोग का वर्ष-वार ब्यौरा; (घ) बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर आंकड़ों को नियमित रूप से अद्यतन करने की घोषणा; और (ङ) यह कथित करते हुए वचनबंध कि वह इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के साथ-साथ राज्य सरकार या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण या केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जारी निदेशों का पालन करने के लिए सहमत है । (3) राज्य सरकार द्वारा विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता (विद्यमान मान्यता समाप्त होने से पहले), इस प्रयोजन से संचलित किए गए निरीक्षण के आधार पर, पाँच वर्ष की अवधि के लिए नवीकृत की जाएगी, यदि विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण उपरोक्त उल्लिखित मानदंडो को पूरा करता है । (4) यदि विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण ने मान्यता के लिए आवेदन कर दिया है और उसे कोई सूचना प्राप्त नहीं होती है, तो ऐसे विशिष्ट दत्तक-ग्रहण की मान्यता को जारी माना जाएगा । विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता का निलंबन या प्रतिसंहरण (1) राज्य सरकार, स्वप्रेरणा से अथवा राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण या केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की सिफारिश पर, किसी भी विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता को निलंबित या उसका प्रतिसंहरण कर सकती है । (2) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता को निम्नलिखित कारणों में किसी एक या अधिक कारणों से निलंबित किया जा सकता है अर्थात: (क) दत्तक-ग्रहण से संबंधित अधिनियम के किसी उपबंध अथवा उसके अधीन बनाए गए नियमों के साथ-साथ इन मार्गदर्शक सिद्धांतों का अतिक्रमण करना; (ख) राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण या संबंधित राज्य सरकार या केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को मिथ्या सूचना अथवा कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करना; (ग) बालक या दत्तक-ग्रहण से संबंधित किसी भी प्रक्रिया के बारे में भावी दत्तक माता या पिता को अधूरी या मिथ्या सूचना देना; (घ) बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में आंकड़ों को ऑनलाइन अद्यतन करने में विफल रहना या उसमें गलत सूचना देना/डालना; (ङ) इन मार्गदर्शक सिद्धांतों में यथा अनुबद्ध रिपोर्टो या आंकड़ों को समय पर प्रस्तुत करने में विफल रहना; (च) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के कार्यकरण के बारे में, राज्य सरकार या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण के निरीक्षण दल अथवा केन्द्रीय सरकार या केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के निरीक्षण दल के प्रतिकूल निष्कर्ष; (छ) यदि वृत्तिक सामाजिक कार्यकर्ता और अर्हित बालक देखरेख कर्मचारी नियोजित नहीं किए गए है; (ज) वित्तीय अनियमितता या कदाचार अथवा भावी दत्तक माता या पिता या दत्तक माता या पिता से वस्तु अथवा नकदी के रूप में कोई दान प्राप्त करना; (झ) बाल देखरेख कॉरपस या सरकार से प्राप्त अनुदान का दुरूपयोग अथवा उस प्रयोजन से जिसके लिए वे प्राप्त हुए थे, से भिन्न प्रयोजन के लिए अपयोजन; (ञ) अनैतिक पद्धतियां जिनमें एकल माताओं अथवा जैव माता या पिता को अपने बालकों का त्याग करने के लिए उत्प्रेरित करना और बालकों को अविधिमान्य रूप से प्राप्त करना भी शामिल है; (ट) गोपनीयता का सिद्धांत का अतिक्रमण करते हुए जैव माता अथवा माता या पिता या दत्तक बालक के बारे में सूचना को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करना; (ठ) केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण,राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण अथवा संबंधित राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी के गए निदेशों का अनुपालन न करना; और (ड) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण में बच्चों का दुरूपयोग या उनकी उपेक्षा करना । (3) अभिकरण को उसका स्पष्टीकरण देने के लिए एक अवसर दिए बिना प्राधिकरण के निलंबन या प्रतिसंहरण का कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाएगा । (4) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता के निलंबन के बाद, संबंधित राज्य सरकार या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण छह मास की अवधि के भीतर आवश्यक जाँच कराएगा, और आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित राज्य सरकार विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता का प्रतिसंहरण करेगी । (5) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता के प्रतिसंहरण की दशा में, संबद्ध राज्य सरकार, तीस दिन के भीतर, उस गृह के बालकों के लिए, बालकों को दूसरे विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण में स्थानांतरित करने सहित, आनुकल्पिक पुनर्वास योजना तैयार करेगी । (6) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता के निलंबलन या प्रतिसंहरण की स्थिति में, उन मामलों को जिनमें भावी दत्तक माता या पिता द्वारा रैफरल स्वीकार कर लिए गए हैं, दत्तक-ग्रहण संपन्न करने के लिए अनुमति दी जाएगी परन्तु यह कि इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के सभी अनुबद्ध शर्ते पूरी की गई हों । विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का निरीक्षण (1) संबंधित राज्य सरकार बाल देखरेख संस्था को विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण की मान्यता देने अथवा नवीकरण पर विचार करने से पहले उसका निरीक्षण करेगी । (2) संबद्ध राज्य सरकार अथवा राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण यह सुनिश्चित करने के लिए कि विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण दक्षतापूर्वक और इन मार्गदर्शक सिद्धांतों में यथा अधिकथित मानकों का पालन कर रहे हैं, उनका वार्षिक निरीक्षण संचालित करेंगे और जहाँ कहीं अपेक्षित हो, आवश्यक उपचारात्मक उपाय करेंगे । (3) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण का परिसर, उन स्थानों सहित जहाँ बालक रह रहे होते हैं, और उसके सुसंगत अभिलेख केन्द्रीय सरकार, केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण, संबद्ध राज्य सरकार, राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण, बाल कल्याण समिति और उनके द्वारा प्राधिकृत किसी भी अभिकरण अथवा व्यक्ति के लिए खुले रहेंगे। (4) ऐसे निरीक्षण के दौरान, निम्नलिखित की संवीक्षा अथवा परीक्षा की जाएगी, अर्थात: (क) कि अभिकरण इन मार्गदर्शक सिद्धांतों में यथा अनुबद्ध अपनी भूमिका का निर्वहन और अपने कार्यो का पालन दक्षतापूर्वक कर रहा है; (ख) कि दत्तक-ग्रहण को बालकों के हित में कल्याण क्रियाकलाप के रूप में संगठन द्वारा परिशीलन किया जा रहा है न कि वाणिज्यिक क्रियाकलाप के रूप में; (ग) देश के भीतर और अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण में वास्तव में स्थानन किए गए बालकों की कुल संख्या और ब्यौरा; (घ) बालकों के दत्तक-ग्रहण से संबंधित अभिलेख (उनके प्रवेश से लेकर विधिक दत्तक-ग्रहण डिक्री और अनुवर्ती प्रगति तक) के साथ-साथ संबंधित रजिस्टर; (ङ) क्या बालकों के दत्तक –ग्रहण में स्थानन के लिए विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा शीघ्र और पर्याप्त प्रयास किए गए है; (च) क्या अभिकरण द्वारा भावी दत्तक माता या पिता की ज्येष्ठता सूची का रखरखाव और ज्येष्ठता सूची के अनुसार रोस्टर का अनुसरण किया जा रहा है; (छ) क्या अभिकरण ने नियमित रूप से और अनुबद्ध समय के भीतर संबद्ध राज्य सरकार या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण को वार्षिक रिपोर्टे, खातों का लेखापरीक्षित विवरण और मासिक रिपोर्टे और राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण या संबद्ध राज्य सरकार या केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को मासिक दत्तक-ग्रहण आंकड़े प्रस्तुत किए है; (ज) क्या विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में आंकड़ों और रिपोर्टे को नियमित रूप से अद्यतन कर रहा है; (झ) क्या विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के पास इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के अधीन यथा अनुबद्ध क्वालिटी बाल देखरेख सुविधाओं का रखरखाव कर रहा है और उन्हें प्रदान कर रहा है और बाल देखरेख के न्यूनतम मानक अनुसूची-12 में यथा विनिर्दिष्ट होंगे; (ञ) बाल देखरेख कॉरपस में अंशदान और उसके उपयोग सहित वित्तीय अभिलेख; (ट) क्या विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के विरुद्ध कदाचार का कोई वाद है । एकीकृत बालक संरक्षण स्कीम के अधीन अनुदान की हकदारी समेकित बाल संरक्षण स्कीम के अधीन विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण को, उक्त स्कीम के अधीन निबंधन और शर्तों को पूरा करने के अध्यधीन, सहायतानुदान प्राप्त करने का हक है। लेखाओं के रखरखाव के लिए अभिकरण (1) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अनुसूची-13 में विनिर्दिष्ट मानकों के अनुसार बाल देखरेख कॉरपस में उपलब्ध निधि का उपयोग करेगा । (2) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण बाल देखरेख कॉरपस और समेकित बाल संरक्षण स्कीम के अधीन सरकारी अनुदान के उपयोग सहित लेखाओं का उचित रखरखाव करेगा जिनकी लेखापरीक्षा प्रत्येक वर्ष चार्टड एकाउंटेंट द्वारा की जाएगी । (3) संगठन की लेखापरीक्षा रिपोर्ट और वार्षिक रिपोर्ट की एक प्रति के साथ इसके लेखा परीक्षित खातों की अनुप्रमाणित प्रति और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम की रिपोर्ट भी प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष समाप्त होने की तारीख से छह मास के भीतर राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण और संबद्ध राज्य सरकार को प्रस्तुत की जाएगी । 7. विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के कृत्य: विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों के दत्तक ग्रहण में स्थानन को सुकर बनाने के लिए इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के अधीन उन्हें समनुदेशित कृत्यों के अतिरिक्त निम्नलिखित कृत्यों का पालन करेगा: (1) बालकों के प्रति कृत्य – प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण – (क) यथास्थिति, इसके प्रभार में रह रहे प्रत्येक बालक की देखरेख, संरक्षण और कल्याण के लिए उत्तरदायी होगा और उनकी स्वास्थ्य आवश्यकताओं; भावात्मक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं, शैक्षिक और प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करेगा; फुरसत और आमोद-प्रमोद संबंधी क्रियाकलापों का प्रबंध करेगा; किसी भी प्रकार के दुरूपयोग, उपेक्षा और शोषण से संरक्षण प्रदान करेगा, समाज की मुख्यधारा से जोड़ेगा और प्रत्यावर्तन करेगा, अनुवर्तन करेगा; (ख) प्रवेश, प्रत्यावर्तन, स्थानांतरण, बालकों की मृत्यु दत्तक-ग्रहण के सभी मामलों केअलावा संस्था से गुम हुए बच्चों के बारे में, यदि कोई हो, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण एकक, राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण और केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली और ट्रैक चाइल्ड के माध्यम से रिपोर्ट करेगा; (ग) प्रत्येक अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालक की प्रास्थिति को बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर प्रस्तुत करेगा, जो www.adoptionindia.nic.inवेबसाइट पर सुगम है; (घ) सभी अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों की बालक अध्ययन रिपोर्ट अपने सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से तैयार कराएगा और उन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा ऐसे बालकों को दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित करने की तारीख से सात दिन के भीतर बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली डालेगा; (ङ) अपने बाल चिकित्सक या चिकित्सक के माध्यम से ऐसे सभी बालकों की चिकित्सा परीक्षा रिपोर्ट तैयार कराएगा और उन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा ऐसे बालकों को दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित करने की तारीख से सात दिन के भीतर बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर डालेगा; (च) बालक के सर्वोत्तम हित के सिद्धांत और वरीयता के निम्नलिखित क्रम में देखरेख के विकल्पों अर्थात (i) जैव परिवार और विधिक संरक्षक से प्रत्यावर्तन; (ii) देश के भीतर दत्तक-ग्रहण; (iii) अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण; (iv) पोषण देखरेख; और (v) संस्थागत देखरेख । (छ) स्मृति एलबम तैयार करेगा, जिसमें बालक की फोटो एलबम, बालकों के जीवन का इतिवृत्त और ब्यौरा (अभ्यपर्ण करने वाले माता या पिता के ब्यौरा का उल्लेख न किया जाए) और बालक की अभिरुचि शामिल की जाए, जिसे दत्तकग्रहण-पूर्व पोषण देखरेख में भावी दत्तक माता या पिता को बालक को सौंपते समय बालक के चिकित्सीय इतिवृत्त के साथ-साथ दत्तक परिवार को सौंपा जाएगा; (ज) ऐसे प्रत्येक बालक के दत्तक-ग्रहण में स्थानन का प्रयास करेगा, जिसे बाल कल्याण समिति द्वारा दत्तक-ग्रहण हेतु विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित कर दिया गया हो; (झ) भावी दत्तक माता या पिता को बालक के रैफरल और इन मार्गदर्शक सिद्धांतों में यथा उपबंधित दत्तक-ग्रहण से संबंधित विधिक प्रक्रिया के लिए उत्तरदायी होगा; (ञ) प्रत्येक दत्तक-ग्रहण योग्य बालक को दत्तक परिवार को अपनाने के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार करेगा; (ट) भावी दत्तक माता या पिता के साथ बच्चे के संवाद, जहाँ कहीं अपेक्षित हो, को सुकर बनाएगा; (ठ) यह सुनिश्चित करेगा कि जुड़वां बालकों अथवा भाई-बहन का, जहाँ तक संभव हो, एक ही परिवार में स्थानन हो; (ड) दत्तक-ग्रहण के अभिलेख को इस प्रकार से परिरक्षित रखेगा कि ऐसे अभिलेख तक केवल प्राधिकृत व्यक्ति की ही पहुंच हो; (ढ) पैरा 45 यथा उल्लिखित रीति से दत्तकों द्वारा अपने मूल परिवार की खोज को सुकर बनाएगा । जैव माता या पिता के प्रति कृत्य – प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण (क) अभ्यर्पित बच्चे के माता या पिता के साथ पूरी दत्तक-ग्रहण प्रक्रिया के दौरान सम्मान और गरिमा के साथ बर्ताव करेगा; (ख) अविवाहित माँ और जैव माता या पिता की गोपनीयता बनाए रखेगा; (ग) अभ्यर्पण करने वाले माता या पिता को परामर्श देगा और उन्हें भविष्य में उनके बालक द्वारा मूल परिवार की खोज की संभावना के बारे में बताएगा; (घ) अभ्यर्पण करने वाले माता या पिता को उनके स्वयं के स्वास्थ्य के साथ-साथ बच्चे की पृष्ठभूमि और विकास के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करेगा; (ङ) माता या पिता को अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण की संभावना सहित अभ्यपर्ण की विवक्षा के बारे में बताएगा; (च) यह सुनिश्चित करेगा कि अभ्यपर्ण और दत्तक-ग्रहण हेतु माता या पिता द्वारा सहमति किसी प्रपीडन अथवा आर्थिक या भौतिक प्रतिफल के बिना दी गई है; (छ) बालक के जन्म से पहले बालक के दत्तक-ग्रहण के संबंध में जैव माता या पिता के साथ कोई वचनबद्धता या करार नहीं करेगा; (ज) माता या पिता को सूचित करेगा कि उनके पास अभ्यपर्ण की तारीख से साठ दिन की पुनर्विचारण अवधि होगी जिसके दौरान वे बालक को वापस ले जा सकते है । भावी दत्तक माता या पिता के प्रति कृत्य – प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण (क) भावी दत्तक माता या पिता के साथ सम्मान के साथ बर्ताव करेगा और सम्यक शिष्टाचार, सहायता और सलाह देगा; (ख) भावी दत्तक माता या पिता को, यदि उनके सामने कोई कठिनाई आ रही है, बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर रजिस्ट्रीकरण करने में सहायता करेगा; (ग) भावी दत्तक माता या पिता को दत्तक-ग्रहण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने और उसके लिए उनकी तैयारी का स्तर अभिनिश्चित करने के लिए प्राधिकृत वृत्तिक सामाजिक कार्यकर्ता अथवा सलाहकार के माध्यम से परामर्श देगा जिसमें निम्नलिखित शामिल होगा, अर्थात:- (i) अपने वंश को बनाए रखने के लिए एक अनुकल्पिक तरीके के रूप में दत्तक-ग्रहण की स्वीकृति;(ii) दत्तक-ग्रहण किए जाने वाले बालक के लिए अधिमान;(iii) ऐसे बालक को दत्तक लेने के लिए भावात्मक तैयारी, जो उनका रिश्तेदार नहीं है;(iv) बालक की सामाजिक पृष्ठभूमि और आनुवंशिक कारकों के बारे में सरोकार;(v) पालन-पोषण और अनुशासन के प्रति रुख;(vi) दत्तक बालक द्वारा मूल परिवार की खोज पर व्यवहार करना, जब वह बड़ा हो जाए;(vii) कोई अन्य विवाधक, जो पारस्परिक संवाद के दौरान उठ सकता है । (घ) उनके पास रजिस्ट्रीकृत भावी दत्तक माता या पिता की, उनके रजिस्ट्रीकरण और अपेक्षित दस्तावेज प्रस्तुत करने की तारीख से एक मास के भीतर, गृह अध्ययन रिपोर्ट पूरी करेगा; (ङ) भावी दत्तक माता या पिता के आवेदन की प्रास्थिति को बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर निरंतर अद्यतन करेगा; (च) भावी दत्तक माता या पिता को बालक की वीडियो क्लिप प्रदान करेगा और रैफरल के बाद बालक के साथ उनके वीडियो कॉल को सुकर बनाएगा; (छ) भावी दत्तक माता या पिता को बालक के चिकित्सीय इतिवृत्त के बारे में जानकारी देगा, विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बालक के स्वास्थ्य की प्रतिस्थिति के बारे में भावी दत्तक माता या पिता को जानकारी देगा यदि ऐसा कोई बालक दत्तक-ग्रहण के लिए प्रस्तावित है; (ज) बालक की खाद्य और सामाजिक आदतों सहित उससे संबंधित प्रतिरक्षण अभिलेख और हाल की नैदानिक रिपोर्टों के साथ-साथ कोई अन्य महत्वपूर्व सूचना, स्मृति एलबम भावी दत्तक माता या पिता को प्रदान करेगा; (झ) न्यायालय से दत्तक-ग्रहण आदेश की एक प्रति और जन्म प्रमाणपत्र अथवा शपथपत्र, जब कभी उपलब्ध हो, भी भावी दत्तक माता या पिता को प्रदान किया जाएगा; (ञ) रैफरल पूरा होने पर और इन मार्गदर्शक सिद्धांतों में यथा अभिकथित आवश्यक औपचारिकताओं का अनुपालन करने के बाद बालक को दत्तकग्रहण-पूर्व पोषण देखरेख में रखेगा; (ट) भावी दत्तक माता या पिता को, यदि अपेक्षित हो, परामर्श सहित दत्तकग्रहण-पश्चात सेवाएँ प्रदान करेगा; (ठ) अनुसूची-13 में यथा विनिर्दिष्ट भुगतान के अलावा, कोई भुगतान प्राप्त नहीं करेगा; (ड) दत्तक-ग्रहण की प्रक्रिया समझने के लिए भावी दत्तक माता या पिता को दत्तक परिवारों से संपर्क करने की सलाह देगा । परामर्श से संबंधित कृत्य: विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के परामर्श से संबंधित कृत्यों में निम्नलिखित कृत्य शामिल होंगे:- (i) अभ्यर्पण की दशा में जैव माता या पिता को परामर्श; (ii) भावी दत्तक माता या पिता को दत्तकग्रहण-पूर्व परामर्श; (iii) अधिक आयु के बालकों को दत्तक-ग्रहण से पहले और दत्तक-ग्रहण के दौरान परामर्श; (iv) दत्तक बालकों को दत्तक-पश्चात परामर्श, जब उनके द्वारा अपने मूल परिवार की खोज में संपर्क किया जाता है । प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण परित्यक्त बालकों को प्राप्त करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य देखरेख केन्द्रों, अस्पतालों, परिचर्या गृहों, अल्पावास एवं स्वाधार गृहों और अपने स्वयं के गृह में शिशु पालना स्थल स्थापित करेगा । प्रलेखीकरण और अभिलेख अनुरक्षण (क) प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण प्रत्येक बालक के लिए आयु और निम्नलिखित से संबंधित लिंग विशिष्ट जरूरतों के आधार पर व्यक्तिगत देखरेख योजना तैयार करेगा अर्थात – (i) स्वास्थ्य और चिकित्सा जरूरतें; (ii) भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक जरूरतें; (iii) शैक्षिक और प्रशिक्षण जरूरतें; (iv) फुरसत, सृजनात्मकता और खेल; (v) लगाव और नातेदारी; (vi) सभी प्रकार के दुरूपयोग, उपेक्षा और बुरे वर्ताव से संरक्षण; (vii) परिवार के साथ पुनर्मिलन, दत्तक-ग्रहण और अन्य गैर-संस्थागत देखरेख सहित पुनर्वास; (viii) समाज की मुख्यधारा से जोड़ना; और (ix) पुनर्वास और प्रत्यावर्तन के बाद अनुवर्तन । (ख) प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण प्रत्येक बच्चे की केस फाइल में निम्नलिखित दस्तावेज रखेगा, अर्थात (i) बालक का मामला इतिवृत्त और सामाजिक जाँच रिपोर्ट; (ii) अंतरिम देखरेख आदेश के साथ-साथ बाल कल्याण समिति द्वारा बालक को दत्तक-ग्रहण हेतु विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित करने का आदेश और बालक को त्यागने के मामले में अभ्यपर्ण विलेख; (iii) बालक की बालक अध्ययन रिपोर्ट, चिकित्सा परीक्षा रिपोर्ट और प्रतिरक्षण अभिलेख; (iv) प्रत्येक छह मास के अंतराल पर लिए गए बच्चे की फोटो; (v) भावी दत्तक माता या पिता का आवेदन प्रपत्र, दस्तावेज और गृह अध्ययन रिपोर्ट; (vi) दत्तक-ग्रहण याचिका, दत्तक-ग्रहण आदेश और बालक का जन्म प्रमाणपत्र; (vii) बालक की स्थानन पश्चात प्रगति रिपोर्टें । (ग) प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण निम्नलिखित अभिलेख रखेगा, अर्थात: (i) मास्टर प्रवेश रजिस्टर; (ii) बालक चिकित्सा और विकास फाइल; (iii) बालक की केस फाइल; (iv) बालकों और कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर; (v) ब्यौरे के साथ भावी दत्तक माता या पिता का रजिस्टर (रजिस्ट्रीकरण की तारीख, गृह अध्ययन रिपोर्ट की तारीख, बालक अथवा बालकों के रैफरल की तारीख (तारीखें), न्यायालय के आदेश की तारीख, भावी दत्तक माता या पिता को बालक सौंपने की तारीख, आदि); (vi) वाउचर्स, रोकड़ बही, खाता, जरनल और वार्षिक लेखे; (vii) अनुदान उपयोग रजिस्टर; (viii) स्टॉक रजिस्टर; और (ix) धन समिति और दत्तक-ग्रहण समिति की बैठकों के कार्यवृत्त का अभिलेख (अलग-अलग रखा जाए) । अन्य कृत्य: प्रत्येक विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण निम्नलिखित कृत्य भी करेगा (1) दत्तक-ग्रहण कार्यक्रम के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए प्रशिक्षण और अभिसंस्करण क्रियाकलापों का आयोजन; (2) इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के बारे में अपने बाल देखरेख और वृत्तिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना । प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण के कृत्य प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण निम्नलिखित कृत्यों का पालन करेगा, अर्थात: (1) भारत से बालक का दत्तक-ग्रहण करने की अभिरुचि रखने वाले भावी दत्तक माता या पिता का रजिस्ट्रीकरण करना और शीघ्र उनकी गृह अध्ययन रिपोर्ट पूरी करना; (2) बालक दत्तक-ग्रहण सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में भावी दत्तक माता या पिता के दत्तक-ग्रहण आवेदन की अनुप्रमाणित प्रतियां डालना और उसकी मूल प्रति आबंटित विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों को अग्रेषित करना; (3) केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण से दत्तक-ग्रहण हेतु निरापेक्ष प्रमाण-पत्र मिलने के बाद शीघ्र दत्तक-ग्रहण सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों के साथ अनुवर्तन करना; (4) दत्तक बालक जिस स्थान का रहने वाला है, उस स्थान की संस्कृति अथवा भाषा अथवा खाद्य का अभिसंस्करण भावी दत्तक माता या पिता के देना; (5) दत्तक-ग्रहण किए गए बालक की प्रगति के दत्तकग्रहण-पश्चात अनुवर्तन की प्रस्तुति सुनिश्चित करना और पैरा 20 में यथा उल्लिखित भंग के मामलों का निपटान करना; (6) संबंधित भारतीय राजनयिक मिशन की अंतर्गस्तता से समय-समय पर भारतीय मूल के बालकों और उनके दत्तक परिवारों के सम्मिलन समारोहों का आयोजन करना; (7) दत्तक-ग्रहण के गए बड़े बालकों की अपने मूल परिवार की खोज में सहायता करना; (8) मेजबान देश की विधिक अपेक्षाओं के साथ-साथ केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा दिए गए प्राधिकार की निबंधनों और शर्तो को पूरा करना । विदेशी अभिकरण के प्राधिकरण के मानदंड और प्रक्रिया (1) भारतीय बालक का दत्तक-ग्रहण करने के लिए विदेशी भावी माता या पिता के आवेदनों को प्रायोजित करने के इच्छुक विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण उस देश के केन्द्रीय प्राधिकरण अथवा संबद्ध सरकारी विभाग की सिफारिश के साथ भारतीय राजनयिक मिशन के माध्यम से केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को आवेदन करेगा । (2) आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज लगाए जाएँगे, अर्थात: (क) ज्ञापन अथवा उपविधियां, रजिस्ट्रीकरण प्रास्थिति की प्रतियां, अंतर्राष्ट्रीय दत्तक-ग्रहण कराने के लिए संबद्ध सरकारी विभाग द्वारा जारी नवीनतम अनुज्ञप्ति, बोर्ड या कार्यकारी सदस्यों की सूची, उन देशों की सूची जिनके साथ वह कार्य कर रहा है, प्रत्यायन प्रमाण-पत्र, और पिछले दो वर्षो की इसकी वार्षिक रिपोर्टे और लेखापरीक्षित खाते; (ख) यह कथित करते हुए कि अभिकरण इन मार्गदर्शक सिद्धांतों का अनुपालन का संगठन के प्रमुख अथवा मुख्य कार्यकारी द्वारा हस्ताक्षरित एक वचनबंध; (ग) अभिकरण द्वारा एक वचनबंध कि अवरोध वाले या दत्तक बालकों के संप्रत्यावर्तन की दिशा में, वह इन मार्गदर्शक सिद्धांतों में अधिकथित विशिष्ट प्रावधानों का पालन करेगा; (घ) भारत से दत्तक-ग्रहण में स्थानन किए गए बालकों की प्रास्थिति पर प्रत्येक वर्ष और अप्रैल मास में केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को वार्षिक रिपोर्ट भेजने का अभिकरण द्वारा वचनबंध; (ङ) उनके देश की दत्तक-ग्रहण या दत्तक-ग्रहण मार्गदर्शक सिद्धांतों या दत्तक-ग्रहण नियमों की प्रति; (च) अभिकरण के कर्मचारिवृंद की सूची, भारत में कार्य करने के लिए केन्द्रीय प्राधिकरण अथवा सक्षम प्राधिकारी की सिफारिश/अनुमोदन; (छ) विदेश में भारतीय राजनयिक मिशन और प्राप्तकर्ता देश के केन्द्रीय प्राधिकरण अथवा सरकारी विभाग से सिफारिश पत्र । (3) संबंधित भारतीय राजनयिक मिशन के माध्यम से ऐसे प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण से आवेदन तथा केन्द्रीय प्राधिकरण यस्र्कारी विभाग द्वारा इसके लिए सिफारिश प्राप्त होने पर केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा पाँच साल के लिए नवीकरण के अध्यधीन रहते हुए विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण को प्राधिकृत किया जा सकता है । आवेदन के साथ निम्नलिखित संलग्न होना चाहिए – (क) ऐसे प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण के माध्यम से दत्तक-ग्रहण में बालकों की नागरिकता की प्रास्थिति के साथ उनके स्थानन की सूची; और (ख) अवरोध, यदि कोई हो । (4) प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण की दशा में, दत्तक-ग्रहण मामलों को सुकर बनाने के लिए भारत में एक प्रतिनिधि की नियुक्ति अपेक्षित होगी, जिसके लिए केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण का पूर्व अनुमोदन आवश्यक होगा । प्राधिकरण का निलंबन या प्रतिसंहरण वे आधार जिन पर प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण के प्राधिकरण का प्रतिसंहरण किया जा सकता है, निम्नलिखित हैं, अर्थात: (क) यदि अभिकरण इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या पालन नहीं करता है; (ख) यदि अभिकरण की अनुज्ञप्ति या मान्यता या प्रत्यायन उस देश के समुचित प्राधिकारी द्वारा निलंबित कर दी जाती है या उसका प्रतिसंहरण कर दिया जता है; (ग) यदि अभिकरण समय-समय पर बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर दत्तक-ग्रहण के आवेदनों या दत्तकग्रहण-पश्चात अनुवर्ती रिपोर्टो को अपलोड नहीं करता है और इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के किसी प्रावधान का उल्लंघन करता है । राज्य सरकार और राज्य-ग्रहण संसाधन अभिकरण की भूमिका (1) इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के क्रियान्यन के लिए, प्रत्येक राज्य सरकार केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के समायोजन से दत्तक-ग्रहण और गैर-संस्थागत देखरेख को बढ़ावा देने और उनका मानीटर करने के लिए राज्य में नोडल निकाय के रूप में कार्य करने के लिए एक राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण की स्थापना करना । (2) राज्य सरकार अथवा राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण की दत्तक-ग्रहण में निम्नलिखित भूमिका होगी, अर्थात: (क) राज्य में दत्तक-ग्रहण कार्यक्रम को बढ़ावा देना, मानीटर करना और विनियमन करना; (ख) सभी बाल गृहों को अधिनियम के अधीन बाल देखरेख संस्थाओं के रूप में रजिस्ट्रीकरण करना; (ग) प्रत्येक जिले में इन बाल देखरेख संस्थाओं में से एक या अधिक संस्थाओं को विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता प्रदान करना; (घ) वर्ष में कम से कम एक बार दत्तक-ग्रहण अभिकरणों का संपर्क ब्यौरा प्रकाशित करना; (ङ) ऐसे विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के संतोषजनक अनुपालन के अध्यधीन प्रत्येक पाँच वर्ष पर रजिस्ट्रीकरण का नवीकरण; (च) ऐसी बाल देखरेख संस्थाओं को जिन्हें विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है, परिलक्षित करना और ऐसी संस्थाओं में पात्र बालकों के दत्तक-ग्रहण को सुकर बनाने के लिए उन्हें विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण से जोड़ना; (छ) अपनी अधिकारिता में सभी विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों के दत्तक-ग्रहण कार्यक्रमों और क्रियाकलापों को मानीटर करना; (ज) अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बच्चों के लिए अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन यथा परिकल्पित मानकों और उपायों का प्रवर्तन; (झ) ऐसे विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों या बालक देखरेख संस्था को, जिनके पास एचआईवी/एड्स से प्रभावित या संक्रमित और मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम बालकों सहित विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों को दीर्घकालिक आधार पर क्वालिटी देखरेख और उपचार प्रदान करने की क्षमता है, परिलक्षित करना और इन अभिकरणों में ऐसे बालकों का स्थानांतरण सुकर बनाना; (ञ) दत्तक-ग्रहण और अन्य गैर-संस्थागत विकल्पों के माध्यम से बालकों के गैर-संस्थानीकरण में तेजी लाना; (ट) ज्ञान आधार, अनुसंधान और प्रलेखीकरण, बालक खोज प्रणाली का सुदृढ़ीकरण, प्रशिक्षण और विकास कार्यकलाप, समर्थन और संसूचना, मानीटरी और मूल्यांकन जैसे उपाय करना जो राज्य में दत्तक-ग्रहण कार्यक्रम का विस्तार करने के लिए अपेक्षित है; (ठ) राज्य की सभी बाल कल्याण समितियों को दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए गए अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बच्चों तथा ऐसी घोषणा के लिए प्रतीक्षारत बालकों से संबंधित आंकड़ों को विहित फार्मेट में मासिक आधार पर जिला बाल संरक्षण एकक या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण को देने के लिए निर्देश देना; (ड) बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में यथा विहित फार्मेट और कालिकत: दत्तक-ग्रहण आंकड़ों को ऑनलाइन प्रस्तुत करना और उनको विधिमान्य करना; (ढ) बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में दत्तक-ग्रहण योग्य बालकों, भावी दत्तक माता या पिता, विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों, बाल कल्याण समितियों और जिला बाल संरक्षण एककों के राज्य विनिर्दिष्ट आंकड़ा आधार का रखरखाव; (ण) अवैध दत्तक-ग्रहण कार्य में अंतर्गस्त परिचर्या गृहों और अस्पतालों सहित व्यक्तियों और संस्थाओं के विरुद्ध समुचित विधिक कार्रवाई करना; (त) यह सुनिश्चित करना कि सभी दत्तक-ग्रहण और स्थानन इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रावधानों के अनुसार किए जाएँ; (थ) भावी दत्तक माता या पिता को परामर्श देने और उनकी गृह अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने के साथ-साथ, स्थानन-पश्चात अनुवर्ती रिपोर्टे तैयार करने के लिए वृत्तिक रूप से अर्हित और प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं के पैनल का रखरखाव करना । (सामाजिक कार्यकर्ताओं के पैनल में नाम लिखवाने हेतु विचार किए जाने के लिए, व्यक्ति के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से समाज कार्य या मनोविज्ञान या समाज-विज्ञान या बाल विकास गृह विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए); (द) दत्तक-ग्रहण से संबंधित विवाधकों के समाधान के लिए विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों तिमाही आधार पर बैठकों का आयोजन करना । जिला बाल संरक्षण एकक अधिनियम जिला बाल संरक्षण एकक अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों और एकीकृत बालक संरक्षण स्कीम में यथा परिकल्पित कृत्यों के अतिरिक्त, जिला बाल संरक्षण एकक निम्नलिखित कार्य करेगा – (1) जिले में अनाथ, परित्यक्त और अभ्यर्पित बालकों की पहचान करना और दत्तक-ग्रहण के लिए उन्हें बाल कल्याण समिति द्वारा वैध रूप से स्वतंत्र घोषित कराना; (2) यह सुनिश्चित करना कि दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित कराने की तारीख से सात दिन के भीतर विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर बालक अध्ययन रिपोर्ट और चिकित्सा परीक्षा रिपोर्ट डाल दी गई है; (3) दत्तक-ग्रहण को सुकर बनाने के लिए बाल गृहों को उसी जिले अथवा दूसरे जिले के विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों के साथ जोड़े जाने को सुकर बनाना; (4) दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित प्रत्येक बालक के दत्तक-ग्रहण की प्रगति का पता लगाना और मामले में शीघ्रता लाने के लिए, जहाँ कहीं अपेक्षित हो, आवश्यक कार्रवाई करना; (5) जिले से बालक अथवा बालकों के दत्तक-ग्रहण के लिए बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में रजिस्ट्रीकृत प्रत्येक भावी दत्तक माता या पिता के आवेदन की प्रगति का पता लगाना और मामले में शीघ्रता लाने के लिए, जहाँ कहीं अपेक्षित हो, आवश्यक कार्रवाई करना; (6) भावी दत्तक माता या पिता को परामर्श देने, उनकी गृह अध्ययन रिपोर्ट तैयार करने और दत्तक-पश्चात अनुवर्ती सेवाएँ प्रदान करने के लिए वृत्तिक सामाजिक कार्यकर्ताओं के पैनल का रखरखाव करने में राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण की सहायता करना; (7) जिले में दत्तक-ग्रहण कार्यक्रम का पर्यवेक्षण और मानीटर करना; (8) यह सुनिश्चित करना कि विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में समय पर और सही रीति से दत्तक-ग्रहण आंकड़े अद्यतन किए जा रहे हैं; (9) दत्तक-ग्रहण से संबंधित सभी मामलों में राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण और केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की सहायता करना; (10) परित्यक्त बालक के प्रत्यावर्तन प्रयासों और समाचार पत्र में बालक की सूचना को प्रकाशित कराने, परिवीक्षा अधिकारी से सामाजिक जाँच रिपोर्ट और पुलिस से नहीं खोज पाने की रिपोर्ट प्राप्त करने सहित उसे विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित करने की प्रक्रिया पूरी करने में बाल कल्याण समिति की सहायता करना; (11) दत्तक-ग्रहण हेतु बालकों को विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित करने वाले बाल कल्याण समिति के प्रमाणपत्र को अपलोड करना । बाल कल्याण समिति बाल कल्याण समिति इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के पैरा 6 और 7 में यथा उपबंधित कार्य करेगी । जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले प्राधिकारी जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 (1969 का 18) के अधीन अधिसूचित स्थानीय रजिस्ट्रार विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा दत्तक माता या पिता द्वारा आवेदन करने पर दत्तक-ग्रहण किए गए बालक के पक्ष में जन्म प्रमाणपत्र जारी करेगा जिसमें माता या पिता के रूप में दत्तक माता या पिता का नाम और न्यायालय के दत्तक-ग्रहण आदेश में यथा उल्लिखित बच्चे की जन्म की तारीख सम्मिलित की जाएगी । केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण देश में दत्तक-ग्रहण के मामलों में नोडल निकाय के रूप में कार्य करेगा और निम्नलिखित कृत्यों का निर्वहन करेगा, अर्थात: (1) भारतीय बच्चों के दत्तक-ग्रहण के लिए नियम और मार्गदर्शक सिद्धांत विरचित करना; (2) देश के भीतर दत्तक-ग्रहण को बढ़ावा देने और अंतरराज्यीय दत्तक-ग्रहण को सुकर बनाने के ली राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरणों के साथ समन्वय करना; (3) देश के भीतर दत्तक-ग्रहण कार्यक्रम का मानीटर और विनियमन करना; (4) बालकों के अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण के लिए निरापेक्ष प्रमाणपत्र जारी करना; (5) निम्नलिखित से संबंधित समान मानक और सूचक स्थापित करना – (i) दत्तक-ग्रहण प्रक्रिया; (ii) क्वालिटी बाल देखरेख मानक; (iii) मानीटर और पर्यवेक्षण; (iv) दस्तावेजों का मानकीकरण; (v) रक्षोपाय और नीतिपरक पद्धतियां । (6) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरणों, राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरणों, जिला बाल संरक्षण एककों, बाल कल्याण समितियों और प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरणों की सहायता से दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध सभी बालकों, दत्तक-ग्रहण के इच्छुक सभी भावी दत्तक माताओं या पिताओं और दत्तक-ग्रहण में स्थानन किए गए सभी बच्चों का केंद्रीकृत आंकडा आधार तैयार करना; (7) दत्तक-ग्रहण प्रणाली में निरंतर सुधार लाने के उद्देश्य से दत्तक-ग्रहण पर अनुसंधान और प्रलेखीकरण करना; (8) दत्तक-ग्रहण अभिकरणों और अन्य पणधारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करना; (9) दत्तक-ग्रहण और अन्य गैर-संस्थागत बाल देखरेख सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए या तो स्वयं या अपने सहबद्ध निकायों द्वारा समर्थन, जागरूकता और सूचना, शिक्षा और संसूचना क्रियाकलाप चलाना; (10) यथास्थिति, राज्य सरकारों या राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरणों के साथ समन्वय करना और दत्तक-ग्रहण संबंधी मामलों में उन्हें सलाह देना; (11) बालक संरक्षण और अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण की बाबत सहयोग पर हेग अभिसमय, 1993 के अधीन दत्तक-ग्रहण मामलों पर केन्द्रीय प्राधिकरण के रूप में कार्य करना; (12) जहाँ कहीं आवश्यक हो विदेशी केन्द्रीय प्राधिकरणों के बीच, और हेग अभिसमय के अधीन यथा विनिर्दिष्ट द्विपक्षीय समझौते करना; (13) भारतीय बालकों के अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण के लिए अनिवासी भारतीय अथवा विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा भारतीय मूल के व्यक्तियों अथवा विदेशी भावी दत्तक माता या पिता के आवेदनों को प्रायोजित करने के लिए विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरणों को प्राधिकृत करना; (14) दत्तक-ग्रहण प्रणाली में अधिक पारिदर्शिता के लिए बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली (केयरिंग्स) का रखरखाव । क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय न्यायालय द्वारा जारी किए गए दत्तक-ग्रहण आदेश के अनुसरण में, अपेक्षित दस्तावेजों के साथ किए गए आवेदन के आधार पर, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण किए गए बालकों को पासपोर्ट जारी करने के संबंध में विदेश मंत्रालय के सीपीवी प्रभाग के तारीख 16 मई, 2013 के परिपत्र संख्या VI/401/2/3/2010; तारीख 08 जनवरी, 2015 के परिपत्र संख्या VI/401/2/3/2010; तारीख 19 मार्च, 2015 के परिपत्र संख्या VI.I/401/2/3/2010 और समय-समय पर जारी ऐसे ही अन्य परिपत्रों के अनुसरण में, आवेदन की प्राप्ति की तारीख से दस दिन के भीतर दत्तक बालक को पासपोर्ट जारी करेगा । विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रीकरण कार्यालय विदेशी क्षेत्रीय रजिस्ट्रीकरण कार्यालय भावी दत्तक माता या पिता की राष्ट्रीयता वाले देश द्वारा जारी पासपोर्ट पर दत्तक बालक को बाहर जाने के लिए भावी दत्तक माता या पिता द्वारा सभी समर्थित दस्तावेजों के साथ इस प्रयोजन के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख से तीन कार्य दिवस के भीतर निकासी बीजा जारी करेगा । अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण में भारतीय राजनयिक मिशन भारतीय बालकों के अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण में विदेशों में भारतीय राजनयिक मिशनों की निम्नलिखित भूमिका होगी, अर्थात: (1) अनिवासी भारतीयों, विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा विदेशी माता या पिता द्वारा दत्तक-ग्रहण किए भारतीय मूल के बालकों की उपेक्षा, दुर्व्यवहार, शोषण अथवा दुरूपयोग के विरुद्ध रक्षोपाय सुनिश्चित करने के लिए संबंधित केन्द्रीय अथवा सरकारी प्राधिकारी से संपर्क बनाना; (2) अपनी अधिकारिता के भीतर प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरणों और केन्द्रीय प्राधिकरणों के साथ संवाद करना और दत्तक-ग्रहण किए गए बालकों और उनके माता या पिता के सम्मिलन समारोहों का आयोजन करना अथवा उनमें भाग लेना; (3) भारतीय बालकों के दत्तक-ग्रहण के लिए आवेदन प्रायोजित करने के प्रयोजन के लिए विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरणों को प्राधिकृत करने के प्रस्तावों की सिफारिश करना; “(3)(क) ऐसे विदेशी भावी दत्तक माता या पिता को जो दत्तक-ग्रहण से पहले, केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण द्वारा उनका आवेदन अनुमोदित कर दिए जाने के बाद, बालक से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं और न्यायालय की कार्यवाही में उपस्थित होने के अलावा बाद में बालक को प्राप्त करने के लिए आने हेतु वीजा जारी करना ।” (4) विदेश में, जहाँ दत्तक-ग्रहण पर व्यवहार करने के लिए कोई प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा सरकारी विभाग नहीं है, गृह अध्ययन रिपोर्ट सहित दत्तक-ग्रहण के आवेदन की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं का पैनल बनाना और उन्हें प्राधिकृत करना; (5) अनिवासी भारतीय भावी दत्तक माता या पिता हैं, उनके दत्तक-ग्रहण के आवेदनों को अनुसूची-5 में यथा विनिर्दिष्ट अपेक्षित दस्तावेजों के साथ बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर रजिस्ट्रीकृत करना और इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के पैरा 20 में यथा अनुबद्ध दत्तकग्रहण-पश्चात अनुवर्तन रिपोर्टों को अपलोड करना; (6) सीधे अथवा प्राधिकृत संगठन अथवा व्यक्ति के माध्यम से प्राप्त दत्तक-ग्रहण आवेदनों पर कार्रवाई करने वाला भारतीय राजनयिक मिशन प्राप्तकर्ता देश में बालक के आगमन की तारीख से पहले वर्ष तिमाही आधार पर और दूसरे वर्ष छमाही आधार पर प्रगति रिपोर्ट भेजेगा और दत्तक-ग्रहण में अवरोध के मामले में, इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के पैरा 20 में यथा अनुबद्ध कार्रवाई भी करेगा; (7) दत्तक-ग्रहण के भंग के मामलों में, अनिवासी भारतीयों अथवा विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा विदेशी माता या पिता द्वारा दत्तक-ग्रहण किए गए भारतीय मूल के बालकों के रक्षोपाय सुनिश्चित करने के लिए प्राप्तकर्ता देशों के केन्द्रीय प्राधिकरणों अथवा अन्य प्राधिकारियों से संपर्क करना और इस संबंध में केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को शीघ्र ही रिपोर्ट भी भेजेगा; (8) यदि अपेक्षित हो, आवश्यक सहायता करेगा और स्थानीय प्राधिकारियों, संबंधित दत्तक-ग्रहण अभिकरणों और केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के परामर्श से बालक के संप्रत्यावर्तन को सुकर बनाएगा; (9) भारतीय मूल के दत्तक बालक द्वारा अपने मूल परिवार की खोज को सुकर बनाना, यदि संपर्क हो; (10) केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को कोई भी रिपोर्ट अथवा टीका-टिप्पणी भेजना, जिसे वे अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण के मामले में महत्वपूर्ण और सुसंगत समझें। केन्द्रीय प्राधिकरण जिन देशो ने अंतर-देशीय दत्तक-ग्रहण हेग अभिसमय, 1993 का अनुसमर्थन किया है उनके केन्द्रीय प्राधिकरण इस अभिसमय के उपबंधों के अनुसार सभी बाध्यताओं का निर्वहन करेंगे । 20. भावी दत्तक माता या पिता की ज्येष्ठता: (1) दो ज्येष्ठता सूची होंगी – पहली सूची निवासी भारतीय और अनिवासी भारतीय भावी दत्तक माता या पिता से मिलकर बनेगी और दूसरी सामान्य सूची निवासी भारतीय, अनिवासी भारतीय, विदेशी भारतीय नागरिक और विदेशी भावी दत्तक माता या पिता से मिलकर बनेगी । (2) निवासी भारतीयों की ज्येष्ठता बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में ऑनलाइन रजिस्ट्रीकरण और गृह अध्ययन रिपोर्ट के अलावा दस्तावेजों के समर्पण की तारीख पर आधारित होगी । (3) अनिवासी भारतीयों अथवा विदेशी भारतीय नागरिकों और विदेशी भागी दत्तक माता या पिता की ज्येष्ठता बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली में ऑनलाइन रजिस्ट्रीकरण और गृह अध्ययन रिपोर्ट सहित दस्तावेजों के समर्पण की तारीख पर आधारित होगी । समय सीमा की अनुशक्ति दत्तक-ग्रहण प्रक्रिया में अंतग्रस्त सभी अभिकरण और प्राधिकारी अनुसूची -14 में विनिर्दिष्ट समय सीमा का पालन करेंगे । मूल परिवार की खोज (1) मूल परिवार के खोज की दशा में, जब सभी भी कोई दत्तक बालक संपर्क करता है, तब संबद्ध अभिकरण या प्राधिकारी (प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण, केन्द्रीय प्राधिकरण, भारतीय राजनयिक मिशन, केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण, राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण अथवा जिला बाल संरक्षण एकक अथवा विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण) उसके मूल परिवार की खोज को सुकर बनाएँगे । (2) मूल परिवार की खोज को सुकर बनाने के उद्देश्य से, बालक की आयु और परिपक्वता पर ध्यान दिया जाए । (3) यदि जैव माता या पिता ने अभ्यर्पण के समय उनके अनामत्व का विशिष्ट रूप से अनुरोध किया है तो यथास्थिति, विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा बाल कल्याण समिति द्वारा माता-पिता की सम्मति ली जाए । (4) माता या पिता द्वारा मना किए जाने या माता या पिता को नहीं खोज पाने की दशा में, वे कारण और परिस्थितियाँ, जिनमें अभ्यर्पण किया गया, दत्तक को प्रकट की जाएँगी । (5) अनाथ अथवा परित्यक्त बालक की दशा में, उसके दत्तकग्रहण के बारे में सूचना, स्त्रोत और जिन परिस्थितियों में बालक को विशिष्ट दत्तकग्रहण अभिकरण में प्रवेश दिया गया, के साथ-साथ उसके दत्तक-ग्रहण के लिए अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में यथास्थिति, विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा बाल कल्याण समिति द्वारा दत्तक को बताया जाएगा । (6) तीसरे पक्ष द्वारा मूल परिवार की खोज की अनुमति नहीं होगी और संबंधित अभिकरण अथवा प्राधिकारी जैव माता या पिता, दत्तक माता या पिता या दत्तक बालक के बारे में कोई भी सूचना सार्वजनिक नहीं करेंगे । (7) दत्तक बालक के अधिकार के लिए जैव माता या पिता के निजता के अधिकार का अधिलंघन नही किया जाना चाहिए । दत्तक-ग्रहण रिकार्डों की गोपनीयता दत्तक-ग्रहण प्रक्रिया में अंर्तग्रस्त सभी अभिकरण या प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि दत्तक-ग्रहण रिकार्डों की गोपनीयता, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन यथा अनुज्ञात के अलावा, बनाई रखी जाए । दत्तक-ग्रहण व्यय (1) भावी दत्तक माता या पिता, अनुसूची –13 में यथा उपबंधित, दत्तक-ग्रहण हेतु व्यय वहन करेंगे । (2) अभिकरण को दत्तक-ग्रहण के लिए भावी दत्तक माता या पिता से नकद अथवा वस्तुओं के रूप में, प्रत्यक्षत: अथवा अप्रत्यक्षत: रूप से कोई भी दान स्वीकार करने की अनुमति नहीं है । दत्तक-ग्रहण की रिपोर्टिग विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण बालक दत्तक-ग्रहण संसाधन सूचना और मार्गदर्शक प्रणाली पर दत्तक-ग्रहण के आंकड़े प्रस्तुत करेंगे और अनुसूची – 15 में दिए गए फार्मेट में प्रत्येक तिमाही के पहले सप्ताह में राज्य दत्तक-ग्रहण संसाधन अभिकरण और केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण को तिमाही रिपोर्ट भी भेजेंगे । विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों का दत्तक-ग्रहण (1) विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों, जो बाल कल्याण समिति द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से निवासी भारतीयों और अनिवासी भारतीयों द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध होंगे, के दत्तक-ग्रहण की प्रक्रिया संबंधित अभिकरणों अथवा प्राधिकारियों द्वारा यथासंभव शीघ्र पूरी की जाएगी: परन्तु यह कि विशेष आवश्यकताओं वाले ऐसे बालक दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से पन्द्रह दिन के बाद विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध कराए जाएँगे । (2) विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों के दत्तक-ग्रहण के मामलों पर कार्रवाई करते समय विशेष देखरेख की जाए ताकि भावी दत्तक माता या पिता को बच्चे को वास्तविक चिकित्सा स्थिति की जानकारी रहे और बालक को आवश्यक अतिरिक्त देखरेख या ध्यान प्रदान करने को तैयार रहें । (3) विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों की श्रेणी को भारत सरकार के वेबसाइट www.adoptionindia.nic.इन पर देखा जा सकता है जो दृष्टांत स्वरूप है और नि:शेष नहीं है । (4) विशेष आवश्यकताओं वाले बालकों को, जिनका दत्तक-ग्रहण नहीं हो पाया है, विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण द्वारा पर्याप्त देखरेख और संरक्षण प्रदान किया जाएगा और यदि उनके पास उनकी दीर्घकालीन देखरेख के लिए आवश्यक सुविधाएँ और साधन नहीं हैं, तो ऐसे बालकों को किसी सरकारी अथवा गैर-सरकारी संगठन द्वारा संचालित किसी अन्य विशिष्ट संस्था में स्थानांतरित किया जाएगा । अन्य बच्चों का दत्तक-ग्रहण (1) चूँकि अधिक आयु के बालकों का उन माता या पिता के साथ समायोजन स्थापित होने में समय लगता है, जिनका उनसे कोई संबंध नहीं है, यह महत्वपूर्ण है कि संस्था छोड़ने से पूर्व, बालक और भावी दत्तक माता या पिता को एक-दूसरे से सुपरिचित करा दिया जाए । (2) विशिष्ट दत्तक-ग्रहण अभिकरण अथवा प्राधिकृत विदेशी दत्तक-ग्रहण अभिकरण के मार्गदर्शन के अधीन, भावी दत्तक माता या पिता, बालक को अभिरक्षा में लेने से पहले भी, वीडियो कॉल्स के माध्यम से अधिक आयु के बालकों से अनन्योक्रिया कर सकते हैं और भावी दत्तक माता या पिता को संस्था छोड़ने से पूर्व बालक के साथ कुछ क्वालिटी समय व्यतीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा । (3) अधिक आयु के बालकों को बाल कल्याण समिति द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से ही निवासी भारतीयों और अनिवासी भारतीयों द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध माना जाएगा और वे दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से तीस दिन के बाद विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध कराए जाएँगे । टिप्पण: पाँच वर्ष की अवधि पूरे कर लेने वाले बालक को अपेक्षाकृत बड़ा बालक माना जाएगा। जुडवां अथवा भाई-बहन का दत्तक-ग्रहण जुडवां अथवा भाई-बहन को बाल कल्याण समिति द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से ही निवासी भारतीयों और अनिवासी भारतीयों द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध माना जाएगा और वे दत्तक-ग्रहण के लिए विधिक रूप से स्वतंत्र घोषित किए जाने की तारीख से तीस दिन के बाद विदेशी भारतीय नागरिकों अथवा विदेशी भावी दत्तक माता या पिता द्वारा दत्तक-ग्रहण के लिए उपलब्ध माने जाएँगे । मार्गदर्शक सिद्धांतों में शिथिल या निर्वचन और संशोधन (1) किसी मामले अथवा मामलों के वर्ग के संबंध में इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के किसी उपबंध में छुट देने की शक्ति केन्द्रीय सरकार के साथ परामर्श से केन्द्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण में निहित होगी । (2) इन मार्गदर्शक सिद्धांतों की व्याख्या में किसी संदिग्धता या विवाद के मामले में, केन्द्रीय सरकार का निर्णय अंतिम होगा । निरसन और व्यावृत्ति (1) बालकों के दत्तक-ग्रहण को शासित करने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत, 2011 इसके द्वारा निरसित किए जाते हैं । (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी दत्तक-ग्रहण को शासित करने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत, 2011 के अधीन की गई कोई कार्रवाई इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई समझी जाएगी । (3) लंबित दत्तक-ग्रहण के मामलों में इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। स्त्रोत: महिला और बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार