प्रस्तावना मध्यप्रदेश शासन, सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत दीनदयाल अन्त्योदय मिशन प्रदेश के नि:शक्त, निर्धन और कमजोर परिवारों की सहायता के लिए आम लोगों की भावना और उनकी भागीदारी को दृष्टिगत रखते हुए स्थापना की गई थी। इसके अंतर्गत निराश्रित, निर्धन कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना तैयार कर वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के नाम से प्रांरभ की गई। इसके पूर्व आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत सामूहिक विवाह प्रोत्साहन योजना 1988, मध्यप्रदेश अस्पृश्यता निवारणार्थ अंतर्जातीय विवाह प्रोत्सहन योजना 1978, मध्यप्रदेश बांछड़ा – बेड़िया जाति सजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 1984 प्रचलित थी। उक्त योजनाओं के अतिरिक्त श्रमिक संवर्ग के हितग्राहियों के लिए भवन एंव अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना मुख्यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना 2009, मुख्यमंत्री हाथठेला एवं साईकिल रिक्शा चालक योजना 2009, मुख्यमंत्री मंडी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना 2008 एवं नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के विभिन्न अवयवों में विवाह प्रोत्साहन भी था। इन श्रमिक संवर्ग की योजनाओं में दरें मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से भिन्न ही तथा मानदंडों में भी अंतर था। एक से अधिक योजनायें प्रचलित होने के कारण हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए असमंजस्य की स्थिति का सामना करना पड़ता था और दरों में एकरूपता न होने से हितग्राहियों में अंसतोष भी रहता था। इन सभी बिन्दुओं को समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम संकल्प – 37 में विचार किया गया। श्रमिक संवर्ग की योजनाओं के अंतर्गत सामूहिक विवाह योजना के अवयवों को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में समेकित किया गया तथा सभी विवाह संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया सरलीकृत करते हुए एक साथ से ही विवाह सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के संशोधित नियम निम्नानुसार हैं – उद्देश्य मध्यप्रदेश शासन द्वारा गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित/निर्धन परिवारों की निर्धन एवं श्रमिक संवर्ग की योजनाओं के अंतर्गत पंजीकृत हितग्राहियों के परिवार की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्याक्तता के विवाह हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना का विस्तार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में वर्ष 2006 से प्रभावशाली है। संशोधित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना वर्ष 2013 से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में आदेश दिनांक से प्रभावशाली होगी। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत पात्रता की शर्तें 4.1 कन्या/कन्या के अभिभावक मध्यप्रदेश के मूल निवासी हो। 4.2 कन्या/कन्या के अभिभावक गरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करते हों/या जरूरतमंद हों। 4.3 कन्या स्वयं निराश्रित हो अथवा गरीब हो और स्वयं के विवाह हेतु आर्थिक रूप से सक्षम न हो। 4.4 ऐसी विधवा महिला जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती हो अथवा निराश्रित हो और स्वयं के पुनर्विवाह के लिए आर्थिक रूप से सक्षम न हो। 4.5 ऐसी परित्यक्ता महिला जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती हो और निराश्रित हो जो स्वयं के पुनर्विवाह के लिए आर्थिक रूप से सक्षम न हो, जिनका कानूनी रूप से तलाक हो गया हो। 4.6 निम्नांकित श्रमिक संवर्ग के पंजीकृत हितग्राही अथवा उनकी कन्या बी पात्र होंगे – 4.6.1 मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना। 4.6.2 मुख्यमंत्री शहरी घरेलू कामकाजी महिला कल्याण योजना 2009। 4.6.3 मुख्यमंत्री हाथठेला एवं साईकिल रिक्शा चालक योजना 2009। 4.6.4 मुख्यमंत्री (पथ पर विक्रय करने वाले) शहरी गरीबों के लिए कल्याण योजना 2012 4.6.5 भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मंडल के अंतर्गत पंजीकृत। 4.6.6 मुख्यमंत्री मंडी हम्माल एवं तुलावटी सहायता योजना 2008 नोट – विधवा/परित्यक्ता महिलाओं को एक बार पुनर्विवाह होने पर योजनान्तर्गत सहायता प्राप्त करने की पात्रता आयेगी। पात्रता की पुष्टि हेतु निम्नांकित दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत किये जाए 01. समग्र कोड 02. श्रमिक संवर्ग के अंतर्गत पंजीयन का कार्ड 03. गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राही हेतु बी. पी. एल. का कार्ड (केवल कन्या आवेदक के लिए) 04. अभिकथन/शपथ - पत्र विधवा/परित्यक्ता आवेदक होने की स्थिति में अतिरिक्त दस्तावेज 5.1 विधवा होने की स्थिति में पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र 5.2 परित्यक्तता होने की स्थिति में न्यायालीयन आदेश आयु कन्या के लिए 18 वर्ष तथा पुरूष के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो गई हो। इस योजना का अंतर्गत अधिकतम आयु का बंधन नहीं रखा गया है। आयु की पुष्टि हेतु दोनों पक्षों (कन्या और वर) द्वारा निम्नांकित दस्तावेज में से कोई एक आवेदन पत्र के साथ प्रस्तुत किया जाये- स्कूल का प्रमाण पत्र (टी.सी.)। अथवा अंक सूची जिसमें जन्म तिथि अंकित हो। अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया, जन्म प्रमाण पत्र। अथवा मतदाता सूची/मतदान परिचय पत्र जिसमें आयु अंकित हो। अथवा शासकीय चिकित्सा विशेषज्ञ का प्रमाण पत्र। अथवा महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम का जाब कार्ड अन्य मापदंड 6.1 हितग्राही कन्या को आर्थिक सहायता केवल सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर उपलब्ध कराई जाएगी। 6.2 सामूहिक विवाह कार्यक्रम में न्यूनतम 5 जोड़ों का होना अनिवार्य रहेगा। 6.3 सामूहिक विवाह में सम्मिलित होने वाली कन्याओं एवं विवाह करने वाले लड़के को संयूक्त रूप से पंजीयन हेतु निर्धारित प्रपत्र में आवेदन सम्बन्धित निकाय को 15 दिन पूर्व करना होगा/आवेदन पत्र नि:शुल्क जिला पंचायत/जनपद पंचायत/नगरीय निकाय में उपलब्ध होगे। आवेदन पत्र विभाग की बेवसाइट पर भी उपलब्ध है। 6.4 मुख्यमंत्री कन्यादान योजना मध्यप्रदेश की कन्या के लिए हैं। यदि वर पक्ष प्रदेश के बाहर का भी है तो उसे कन्या को लाभ प्राप्त करने के अधिकार होगा लेकिन जब कन्या प्रदेश के बाहर की है तो योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त नहीं होगा। सहायता राशि 7.1 कन्या की गृहस्थी की स्थापना हेतु रूपये 13,000/- 7.2 सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन हेतु अधिकृत निकायों को रू.2000/- (प्रति कन्या के मान से) नोट – यदि कन्या नि:शक्त श्रेणी की है, या उसने अंतर्जातीय विवाह किया है या बेड़ियायोज्नार्त्र्गत समाज की कन्या ने सजतीय विवाह प्रोत्साहन विवाह प्रोत्साहन योजनांतर्गत विवाह किया है तो उसको सम्बन्धित योजना के अंतर्गत पृथक से विवाह प्रोत्साहन सहायता प्राप्त करने की पात्रता होगी। कायर्क्रम के आयोजन हेतु अधिकृत संस्था मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन हेतु निम्नांकित संस्थाएं अधिकृत रहेगी – 8.1 नगरीय निकाय (नगर/निगम/नगर पालिका/नगर परिषद्) 8.2 जनपद पंचायत 8.3 जिला पंचायत 8.4 ऐसी शासकीय संस्थाएं जिन्हें जिले के कलेक्टर द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम हेतु अधिकृत किया गया हो। विवाह हेतु हितग्राहियों का चयन एवं पंजीयन की प्रक्रिया 9.1 वर वधू को पंजीयन हेतु निर्धारित प्रारूप में संयूक्त आवेदन पत्र संबंधित निकाय जहाँ के वे निवासी हैं अथवा जिस निकाय के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होना चाहते हैं को विवाह कार्यक्रम के आयोजन तिथि से 15 दिन पूर्व करना होगा। 9.2 आवेदन पत्र के साथ कन्या की पात्रता सबंधी दस्तावेज़ तथा कन्या एवं लड़के का आयु संबंधी दस्तावेज़ संलग्न करना होगा। 9.3 आवेदन पत्र के अलावा विवाह पंजीयन हेतु कन्या व वर को दो – दो प्रति फोटो पृथक से देना होगा। 9.4 विवाह हेतु हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया योजना की व्यापकता को देखते हुए तथा नगरीय निकाय एवं जनपद पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह कार्यक्रम को देखते हुए पात्र आवेदक का चयनजिला स्तरीय कार्यक्रम के लिए दीनदयाल अन्त्योदय मिशन की कार्यकारिणी समिति द्वारा तथा जनपद पंचायत नगरीय निकाय स्तर पर आयोजित होने वाले विवाह कार्यक्रम के लिए चयन समिति जनपद/नगरीय निकाय स्तर के लिए गठित दीनदयाल अन्त्योदय मिशन की समिति द्वारा किया जायेग। यदि समिति प्रभावशाली नहीं है, तो ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी हितग्राहियों की पात्रता के लिए चयन समिति गठित कर सकेंगे, जो कि पात्रता के मापदंड को ध्यान में रखते हुए हितग्राहियों का चयन करेगी। चयन समिति के समक्ष प्रत्येक आवेदक हितग्राही के द्वारा प्रस्तुत किये गये आवेदन पत्र और उसके साथ संलग्न दस्तावेजें का परीक्षण एवं सत्यापन ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी तथा नगरीय क्षेत्र के आयुक्त नगर निगम/मुख्य नगर पालिका अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी के द्वारा विवाह कार्यक्रम आयोजन होने के पूर्व सत्यापन हेतु सक्षम समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जायेंगे। 9.5 आवेदन पत्र प्रस्तुत करने एवं सत्यापन की समय सीमा आवेदन पत्र विवाह कार्यक्रम आयोजित होने के 15 दिन पूर्व प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा ताकि संबंधित निकायों को हितग्राहियों के आवेदन पत्र के सत्यापन तथा उनके लिए, सामग्री की व्यवस्था करने और आवंटन प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। अपरिहार्य कारणों से यदि ऐसे हितग्राही जो सामूहिक विवाह कार्यक्रम के 1-2 दिन पहले ही आवेदन प्रस्तुत करते है तो उनके सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित करने का निर्णय संबंधित निकाय स्वयं लेगी। ऐसी कन्याओं को योजनांतर्गत लाभ विवाह कार्यक्रम के पश्चात उसी शर्त पर देय होगा जब कि योजना अंतर्गत पात्रता रखती हो इसके लिए सत्यापन अधिकारी से सत्यापन करना अनिवार्य होगा। स्वयं सेवी संस्थाओं का पंजीयन एवं भूमिका 10.1 ऐसी स्वयंसेवी संस्थाएं जो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन पैरा – 8 में उल्लेखित निकायों के साथ सम्मिलित होना चाहती है उनका पंजीयन, यदि पूर्व में वैवाहिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निर्विवाद एवं उत्कृष्ट छवि के साथ करती आ रही है, कलेक्टर की अनुशंसा पर जिले के प्रभावी मंत्री के अनुमोदन से संयूक्त संचालक/उप संचालक सामाजिक न्याय पंजीयन किया जायेगा। इस हेतु निर्धारित आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होगा। पंजीकृत संस्था को जब तक उनको अपंजीकृत नहीं कर दिया जाता तब तक वे कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकेगी। 10.2 जिन स्वयं सेवी संस्थाओं का पंजीयन किया जायेगा उनके लिए यह अनिवार्य होगा कि वे – 10.2.1 म. प्र. सोसायटी रजिस्ट्रीकरण नियम 1973 के अंतर्गत पंजीकृत हो। या भारत सरकार सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 (1860 का 21) के अंर्तगत पंजीकृत। या 10.2.2 संस्था ब्लेक लिस्टेड न हो। 10.2.3 संस्था की छवि जिले में अच्छी हो और किसी तरह की शिकायत तथा अपराधिक प्रकरण उसके विरूद्ध पंजीकृत न हो। 10.2.4 संस्था के विरूद्ध गंभीर आर्थिक अनियमितता की जाँच लंबित न हो। 10.2.5 संबंधित निकाय की सहमति भी लेना आवश्यक होगा। ऐसी पंजीकृत संस्थाएं सामूहिक विवाह कार्यक्रम संबंधित निकायों के माध्यम से आयोजित कर सकेगी ऐसी संस्थाओं को शासन द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन के लिए राशि प्रदान नहीं की जाएगी। योजनान्तर्गत सामूहिक विवाह कायर्क्रम के लिए आवंटन केवल निकायों को ही दिया जायेगा। अपील जनपद पंचायत/नगरीय निकाय स्तर पर यदि किसी हितग्राही का आवेदन पत्र मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत निरस्त किया गया है तो उसकी सुनवाई मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा की जायेगी। नगरीय निकाय के मामले में आयुक्त नगर निगम स्तर से निरस्त प्रकरण की अपील जिला कलेक्टर तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी/नगर परिषद् के अधिकारी के द्वारा निरस्त किये गये प्रकरण की अपील परियोजना अधिकार,जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा की जायेगी। ऐसे अपील के प्राप्त आवेदन पत्र का निराकरण 30 दिवस के भीतर किया जायेगा। संस्थाओं के पंजीयन के प्रकरण में जिला स्तर पर निरस्त आवेदन पत्रों की सुनवाई संभागीय आयुक्त के द्वारा की जाएगी। संभागीय आयुक्त का निर्णय अंतिम व मान्य होगा। कम्प्यूटराईजेशन ऑन लाईन एप्लीकेशन 12.1 भविष्य में राज्य शासन द्वारा यदि ऑन लाईन एप्लीकेशन के लिए प्रोग्राम तैयार का लागू किये जाने पर विवाह हेतु आवेदन करने वाली कन्याओं एवं विवाह कार्यक्रम के लिए पंजीयन करने वाली संस्थाएं ऑनलाईन आवेदन भी विभाग की बेवसाइट पर कर सकेगी 12.2 ऑन लाईन आवेदन पत्र में आवेदकों को वे सभी औपचारिकताएं पूरी करना होगी जो ऑफ लाईन के लिए निर्धारित है। 12.3 ऑन लाईन से प्राप्त आवेदन पत्रों के लिए सभी निकायों के लिए एक समान कार्यक्रम और बेवसाईट का नाम पृथक से दिया जायेगा। इस पर प्राप्त आवेदन पत्र को देखते हुए निकायों को आवेदनों का सत्यापन करना होगा और सत्यापन उपरांत उनका विवाह हेतु पंजीयन करना होगा ताकि वे शासन की विवाह योजना के लाभ से वंचित नहीं होवें। अभिलेखों का संधारण हितग्राहियों की जानकारी निकाय द्वारा कम्प्युटर की बेवसाइट पर अपलोड की जाने के अतिरिक्त जिन जिन निकाय द्वारा जो कार्यक्रम आयोजित किये गये उसका तिथिवार पूर्ण विवरण, व्यय की गई राशि, कार्यक्रम में सम्मिलित हुए नागरिकों आदि अभिलेख के साथ में एवं छायाचित्र 5 वर्ष तक अनिवार्य रूप से रखना होंगे। जिन कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ है उनका जानकारी बेवसाइट पर स्थाई रूप से उसके पूर्ण जीवनकाल तक रखी जायेगी। संपादित विवाहों की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में आयुक्त, सामाजिक न्याय को प्रेषित की जायेगी। ऑडिट मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत स्थानीय निकायों को उपलब्ध कराई गी राशि और उनके द्वारा किये गये व्यय आदि का लेखा परिक्षण महालेखाकार से प्रतिवर्ष कराना होगा। वर्ष के अंत में जो राशि अनुपयुक्त रहेगी उसे तत्काल जिले को वापस करना होगी ताकि उसका उपयोग अन्य निकाय में किया जा सके। सम्बन्धित निकाय द्वारा कराये गये ऑडिट की प्रति जिले के उप संचालक/संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। बजट आवंटन हितग्राही (लड़के/लड़की) के आवेदन पत्र जिनकी जाँच पूर्ण हो गई है और वे विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु पदाधिकारी द्वारा अनुशंसित कर दिए गये है के मान से रूपये 15,000/- जिसमें रूपये 13,000/- कन्या की गृहस्थी की सामग्री हेतु रूपये 2,000/- कार्यक्रम के आयोजन पर व्यय हेतु स्वीकृत किए जाकर संबंधित निकायों को उपलब्ध कराए जायेंगे जो कि मांग संख्या 34, 41, 64 शीर्ष 2235 के अंतर्गत विकलनीय होगा। मांग संख्या का विवरण इस प्रकार हैं – सामान्य मद मांग संख्या – 34 – शीर्ष – 2235 – सामाजिक सुरक्षा और कल्याण – 02 – समाज कल्याण – 800 – अन्य व्यव – 0101 – राज्य सामान्य – 6710 दीनदयाल अन्त्योदय मिशन – 42 – सहायक अनुदान – 007 – अन्य मद आदिवासी मद मांग संख्या – 41 –शीर्ष – 2235 सामाजिक सुरक्षा और कल्याण – 02 – समाज कल्याण – 800 – अन्य व्यव – 0102 - अनुसूचित जनजाति उपयोजना – 6710 – दीनदयाल मिशन – 42 – सहायक अनुदान – 007 – अन्य मद अनुसूचित जाति मद मांग संख्या – 64 – शीर्ष – 2235 सामाजिक सुरक्षा और कल्याण – 02 समाज कल्याण – 800 – अन्य व्यव – 0103 – अनुसूचित जाति – 6710 - दीनदयाल अन्त्योदय मिशन – 42 – सहायक अनुदान – 007 – अन्य मद गैर बजटीय आवंटन भवन संनिर्माण कर्मकार मंडल, मंडी बोर्ड की योजनाओं में पंजीकृत श्रमिक वर्ग के हितग्राहियों की कन्याओं के विवाह की जानकारी प्रत्येक त्रैमास में संचालक, मिशन को दी जाएगी जो कि संबंधित बोर्ड/मंडल से राशि क्लेम करेंगे तथा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से व्यय की गई राशि का समायोजन करेंगे। कार्यक्रम के आयोजन एवं व्यय 16.1 कार्यक्रम के आयोजन हेतु संबंधित निकाय द्वारा एक विवाह कार्यक्रम समिति गठित की जाएगी। समिति द्वारा ही विवाह कार्यक्रम के लिए स्थल चयन, टेंट, की व्यवस्था, पानी की व्यवस्था, भोजन की व्यवस्था करेगी। इन पर व्यय निर्धारित राशि के भीतर ही करना होगा। 16.2 समिति विवाह कार्यक्रम के लिए तिथि निर्धारित करेगी और उसके आने वाले क्षेत्र में तिथि एवं कार्यक्रम का प्रचार – प्रसार करेगी। 16.3 कन्या की गृहस्थी की स्थापना के लिए सामग्री का विवरण पर दिया गया है इसमें उल्लेखित सामग्री में से रूपये 13,000/- तक कीमत की सामग्री म. प्र. भंडार क्रय नियमों के तहत क्रय कर कन्या को सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दिन उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। दरों के निर्धारण हेतु समिति मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम जाने तथा के अंतर्गत आरक्षित सूची से हटकर अन्य सामग्री क्रय की जाने तथा कार्यक्रम के आयोजन पर किये जाने वाले व्यय जो अनिवार्य रूप से किया जाना है, के लिए कलेक्टर प्रतिवर्ष अपने जिले के लिए दरें निर्धारित कर सकेंगे। दरों का निर्धारित भंडार कार्य नियमों में गई प्रक्रिया के तहत किया जायेगा। इस हेतु एक समिति का गठन निम्नानुसार किया जाए – मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला पंचायत अध्यक्ष परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण सदस्य जिला कोषालय अधिकारी सदस्य महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र सदस्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी सदस्य महिला बाल विकास अधिकारी संयूक्त संचालक/उपसंचालक सामाजिक न्याय सदस्य सदस्य/सचिव उक्त गठित समिति में महिला अधिकारी न होने पर कलेक्टर जिले की 2 महिला अधिकारीयों का नाम विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप खरीदी जाने वाली सामग्री के चयन के विकल्प और गुणवत्ता पर सुझाव दे सकें। विवाह उपरांत पंजीयन मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत जिन कन्याओं का विवाह सम्पन्न हुआ है उनके विवाह कार्यक्रम सम्पन्न होने के तुरंत पश्चात प्रारूप में वर – वधु को सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजन करने वाली सम्बंधित निकाय द्वारा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जायेगा। यह प्रमाण पत्र कन्या के विवाह को प्रमाणित करने में सहायक होगा। प्रचार – प्रसार योजना का प्राचार – प्रसार जिला प्रशासन द्वारा एवं जिन निकायों में विवाह कार्यक्रम आयोजित किये जाने है के द्वारा किया जायेगा। इस हेतु ग्राम पंचायतों के मकानों की दिवार पर लेखन, पम्पलेट और बैनर, भी लगाये जा सकेंगे। विधिक मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के चलते किसी तरह का विवाद/शिकायत प्राप्त होती है, तो उसका निराकरण कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। कलेक्टर का निर्णय अंतिम और सभी पक्षों को मान्य होगा। अन्य बिन्दु ग्रामीण क्षेत्र हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत तथा नगरीय निकाय हेतु आयुवत/मुख्य नगरपालिका/नगर पंचायत अधिकारी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लिए नोडल अधिकारी होंगे। आवेदन पत्र पूर्णता की स्थिति में ही स्वीकार किये जाये। अपूर्ण आवेदन को पूर्ण कराया जाये आवेदक द्वारा पूर्ण न करने पर विचार नहीं किया जाए। स्वीकृत/अस्वीकृत आवेदनों को सूचना पटल पर प्रकाशित कराया जाये। वर एवं वधु के परिवार से किसी प्रकार का कोई पंजीयन शुल्क अथवा दान नहीं लिया जाये। विवाह नि:शुल्क होगा यदि कोई कन्या को कोई उपहार देना चाहते हो तो उसकी सूची तैयार की जाएगी जिसमें उपहार देने वाले का नाम, उपहार का नाम, उपहार की मात्रा/संख्या अनुमानित मूल्य आदि को सूचीबद्ध कर सूचना पटल प्रदर्शित कराना होगा तथा ऐसी उपहार सामग्री की सूची समिति अपने अभिलेख में पृथक से रखेगी। वर एवं वधु की निर्धारित आयु पूर्ण नहीं की स्थिति में बाल विवाह अवरोध अधिनियम 1929 की धारा 6 के अंतर्गत वर- वधु के दोषी माता/पिता/अभिभावक/ प्रायोजक संस्था प्रमुख तथा धारा 5 के तहत बाल विवाह (अनुष्ठान) सम्पन्न कराने वाले व्यक्ति के लिए नियमानुसार कानूनन दण्ड एवं जुर्माने का प्रावधान है । विवाह समारोह में सम्मानीय जन प्रतिनिधयों/गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति अनिवार्यतः सुनिश्चित की जाए उनको सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया जाए और यथासंभव उन्हीं के हाथों से कन्याओं को उनकी गृहस्थी हेतु दी जाने वाली सामग्री का वितरण कराया जावे। कन्या को प्रदान की गई गृहस्थी की विधिवत प्राप्ति/अभिस्वीकृति/ रसीद अवश्य प्राप्त की जावे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजनान्तार्गत सम्मिलित होकर सामूहिक विवाह का लाभलेने वाले वर वधु के परिवारों के घर में शौचालय निर्मित होकर निरंतर उपयोगरत हो। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच/सचिव एवं ग्रामसभा स्वास्थ्य ग्राम तदर्थ समिति के अध्यक्ष से निर्धारित प्रारूप में दोनों पक्षों से यह प्रमाणित करवाएगा कि उनके घर में शौचालय निर्मित है एवं निंरतर उपयोगरत है। यह प्रमाण पत्र संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच/सचिव द्वारा संबंधित मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जनपद पंचायत को प्रस्तुत किया जायेगा। न होने की स्थिति में वर पक्ष के घर में तीन माह के भीतर शौचालय निर्मित कराने का अभिकथन प्राप्त किया जाये और सरपंच/सचिव के दायित्व होगा कि उस घर पर शौचालय का निर्माण दी गई समयावधि में हो अन्यथा वर पक्ष को प्राप्त सामग्री वापिस लेने की दिशा में जिले के कलेक्टर द्वारा ही कार्यवाही की जा सकेगी। तदोपरांत ही दोनों पक्ष मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ ले सकेंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजनान्तर्गत सम्मिलित होकर सामूहिक विवाह का लाभ लेने वाले वर – वधु यदि अलग – अलग जिले के है तथा यदि ग्रामीण क्षेत्र के है तो संबंधित जनपद पंचायत से उनके सम्बन्ध में जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करना होगा इसी प्रकार यदि शहरी क्षेत्र के है तो उनके संबंध में संबंधित नगरीय निकाय से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त करना आवश्यक है। आवश्यक संशोधन मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धन जरूरतमंद निराश्रित परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परित्यक्ता के सामूहिक विवाह हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नाम से चलाई जा रही है। अब यह योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नाम से जानी जाएगी। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना/निकाह योजना के अंतर्गत निर्धन, जरूरतमंद, निराश्रित, विधवा, परित्याक्तता (विधवा एवं परित्याक्तता को एक बार पुन: विवाह हेतु) के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हलकर करने वाली कन्याओं की गृहस्थी की स्थापना हेतु आर्थिक सहायता राशि रू. 13,000/- एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजन करने वाले निकायों को रू. 2000/- कुल रू. 15.000/- के मान से उपलब्ध कराये जाने के प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर निम्नानुसार किया जाता है – विवरण राशि ( प्रति कन्या के मान से) 1. कन्या की गृहस्थी की स्थापना हेतु सामग्री के लिए रू. 16,000/- (रू. सोलह हजार मात्र) 2. कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली के लिए 5 वर्ष तक के लिए सावधि जमा। रू. 6,000/- (रू. छ: हजार मात्र) 3. सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने वाले निकाय यथा – नगरीय निकाय, ग्रामीण को व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु रू. 3,000/- (रू. तीन हजार मात्र) कुल योग रू. 25.000/- (रू. पच्चीस हजार मात्र) यह आदेश दिनांक 01 जनवरी 2014 से प्रभावशाली था। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना/निकाह योजना के अंतर्गत निर्धन, जरूरतमंद, निराश्रित, विधवा, परित्याक्तता (विधवा एवं परित्याक्तता को एक बार पुन: विवाह हेतु) के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित हलकर करने वाली कन्याओं की गृहस्थी की स्थापना हेतु आर्थिक सहायता राशि रू. 25,000/- की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। कन्या को उपलब्ध कराई जा रही सहायता के विभिन्न मदों को यूक्तियुक्तरण करते हुए कन्या की खुशहाली और उसको दी जा रही सहायता, राशि के सदुपयोग करते हुए कन्या की खुशहाली और उसको दी जा रही सहायता राशि के सदुपयोग की दृष्टि से दी जा रही सहायता का पुनर्निर्धारण किया जाता है – 1. कन्या के दाम्पत्य जीवन की खुशहाली के 5 वर्ष तक के लिए सावधि जमा रूपये 6,000/- के स्थान पर रूपये 10,000/-। 2. विवाह के लिए आवश्यक सामग्री (मंगलसूत्र, विचिया, पायजेब [चांदी के] तथा 7 बर्तन) रूपये 5000/- । (सामग्री की गुणवत्ता और मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा। 3. कन्या की गृहस्थी की स्थापना हेतु अन्य सामग्री क्रय करने के लिए रू. 7,000/- (यह राशि कन्या के स्वयं के बचत खाते में विवाह के एक दिन बाद अनिवार्य रूप से हस्तांतरित की जाये) 4. सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने के लिए निकाय यथा – नगरीय निकाय, ग्रामीण निकाय को व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु रूपये 3000/-। यह आदेश दिनांक 01 जुलाई 2014 से प्रभावशील होगा। स्रोत: सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश सरकार