भूमिका हरियाणा सरकार ने लोगों की समस्याओं के जल्द व उचित समाधान के लिए ’मुख्यमंत्री शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली’ को 25 दिसम्बर 2014 से शुरू की है। हरियाणा के प्रत्येक जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर पर सी.एम. विन्डो के नाम से कार्यालय खोले गए हैं। मुख्यमंत्री शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सी.एम.विन्डो) का उद्देश्य नागरिकों और सरकारी अधिकारियों के बीच जवाब देही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना ताकि ग्रामीणो को प्रत्येक सरकारी स्कीमों का लाभ एक निश्चित समयसीमा में पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली का प्रावधान यहां पर व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से सादे कागज पर लिखकर शिकायत किसी भी कार्य दिवस पर दर्ज करवाई जा सकती है। इसके बाद आपकी श्किायत को सी.एम. विन्डों में नियुक्त कर्मचारी द्वारा स्केन करके सी.एम. सैल को भेज दी जाती है शिकायत दर्ज करवाने के तुरन्त पश्चात आपके मोबाईल पर एक शिकायत नंबर भेजा जाता है व इस शिकायत नंबर की लिखित रसीद भी दी जाती है। सी.एम. सैल से शिकायत संबंधित विभाग को भेज दी जाती है। जिसकी कार्यवाही की रिपोर्ट विभाग को 30 दिन के अन्दर सीएम सैल में भेजनी होती है। इस प्रणाली की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत है। आप अपने शिकायत नंबर से इन्टरनेट के माध्यम से जान सकते है कि आज तक आपकी शिकायत पर क्या कार्यवाही हुई है और कौन सा अधिकारी कार्यवाही कर रहा है। शिकायतकर्ता को जो रसीद दी जाती है, उस पर यह भी लिखा होता है कि इस समस्या का समाधान 30 दिनों के अन्दर करने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री (सी.एम.) कार्यालय से शिकायतकर्ता की संतुष्टि की जानकारी के लिए कई बार फोन भी किये जाते हैं। आर.टी.आई. से संबंधित आवेदन नही कर सकते है। किसी भी कोर्ट में चल रहे केस से संबंधित शिकायत नही डाल सकते हैं। सरकारी नौकरी पाने के लिए शिकायत नही कर सकते है। आवश्यक दस्तावेज अपनी शिकायत को ए-4 साईज के एक सादे कागज पर लिखित में दे। लिखित शिकायत के साथ शिकायतकर्ता को अपनी पहचान का प्रमाण (जैसे आधारकार्ड, वोटर पहचान पत्र, राशनकार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस, पासपोर्ट) देना होता है। यदि आपको किसी भी सरकारी कार्यक्रम से संबंधित कोई समस्या है तो आप जिला व ब्लाक स्तर पर लघु सचिवालय में शिकायत कर सकते हैं। स्रोत: एस एम सहगल फाउंडेशन