परिवारिक स्तर पर वसीयत का महत्व बहुतायत हिन्दू परिवारों में विल या वसीयत के बारे में खुले में बातचीत नहीं की जाती. लेकिन क्या यह वास्तव में ज़रूरी है? इस बात पर वीडिया के माध्यम से विस्तार से चर्चा की गयी है। कोई भी यह नहीं चाहेगा कि किसी की गाढ़ी कमाई, या चल या अचल संपत्ति उसकी मौत के बाद गलत हाथों में चली जाए। अगर आप ने समय रहते अपनी वसीयत नहीं की, तब हो सकता है कि आप की जीवनभर की कठोर मेहनत से कमाई हुई धनसंपत्ति पराए हाथों में चली जाए अथवा आप के बच्चों के बीच में मनमुटाव और झगड़े पैदा कर दे। वसीयत कैस बनाएं-समाधान इसलिए, इस भाग में यह समझाया गया है कि वसीयत लिखने के लिए किन चरणों की आवश्यकता होती है। वसीयत बनाने के चरण वसीयत को कैसे शुरू करें? क्या कोई सादे कागज पर वसीयत लिख सकता है? क्या इसे पंजीकृत करवाना आवश्यक है? अन्य समान कानूनी पहलू क्या हैं? किसी के जीवन में कितनी बार कोई वसीयत लिख सकता है? आदि। अधिकांश सामान्य प्रश्नों को वीडियाे के माध्यम से हल करने की कोशिश की गई है। इस विषय पर वीडियाे देखने के लिए क्लिक करें-