<h3 style="text-align: justify;">एसएजीई कार्यक्रम और एसएजीई पोर्टल</h3> <p style="text-align: justify;">सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए एसएजीई (सीनियर केयर एजिंग ग्रोथ इंजन) कार्यक्रम और एसएजीई पोर्टल की शुरुआत की गई है। मंत्रालय के अनुसार बुजुर्गों की देखभाल के लिए सेवाएं प्रदान करने के क्षेत्र में उद्यमिता में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को सहयोग देने के लिए एसएजीई कार्यक्रम और एसएजीई पोर्टल शुरू किया गया है। बुजुर्गों की देखभाल के लिए स्टार्टअप को 1 करोड़ रुपये तक दिए जाएंगे। एसएजीई के तहत चुने गए स्टार्ट-अप वे होंगे जो स्वास्थ्य, यात्रा, वित्त, कानूनी, आवास, भोजन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बुजुर्ग व्यक्तियों को नए और इन्नोवेटिंग उत्पाद और सेवाएं प्रदान करेंगे।</p> <p style="text-align: justify;">मंत्रालय द्वारा बुजुर्गों के लिए स्टार्ट-अप पर अधिकार प्राप्त समिति के सुझावों के अनुसार युवाओं की भागीदारी और बुजुर्गों की देखभाल के लिए उनके अभिनव विचारों के लिए एसएजीई कार्यक्रम तैयार किया है। इससे बुजुर्गों की देखभाल के कार्यक्रमों को सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाने में मदद मिलेगी।</p> <h3>उद्देश्य</h3> <p style="text-align: justify;">एसएजेई कार्यक्रम का उद्देश्य सीधे हितधारकों के लिए उत्पादों, समाधानों और सेवाओं की पहचान करना, मूल्यांकन करना, सत्यापित करना, एकत्र करना और वितरित करना है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का लक्ष्य चयनित स्टार्ट-अप के माध्यम से बुजुर्गों को उत्पादों तक पहुंचने में सक्षम बनाने के लिए एक सुविधा के रूप में कार्य करना है। भारत में बुजुर्गों की आबादी बढ़ रही है और सर्वेक्षणों के अनुसार, देश में कुल आबादी में बुजुर्गों की हिस्सेदारी 2001 में 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 2026 तक लगभग 12.5 प्रतिशत और 2050 तक 19.5 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है। भारत में विशेष रूप से कोविड के बाद के दौर में एक अधिक मजबूत बुजुर्ग देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की तत्काल आवश्यकता है।</p> <h3 style="text-align: justify;">एसएजीई पोर्टल-नवीन उत्पाद और सेवाएं</h3> <p style="text-align: justify;">एसएजीई पोर्टल भरोसेमंद स्टार्टअप के जरिए बुजुर्गों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों और सेवाओं को प्रदान करने वाला "वन-स्टॉप एक्सेस" होगा। एसएजीई पोर्टल 5 जून, 2021 से आवेदनों के लिए खुलेगा। स्टार्ट-अप का चयन नवीन उत्पादों और सेवाओं के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत उन्हें वित्त, खाद्य और पूंजी प्रबंधन और कानूनी सलाह और उनसे जुड़ी तकनीकी सेवाएं देने के अलावा स्वास्थ्य, आवास, देखभाल केंद्र क्षेत्रों में सेवाएं देने में सक्षम होना चाहिए।</p> <h3 style="text-align: justify;">आवेदन</h3> <p style="text-align: justify;">स्टार्ट-अप बुजुर्गों के लिए खास पोर्टल के माध्यम से एसएजीई का हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो 5 जून से खुलेगा। स्टार्ट-अप का चयन विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक चयनित स्टार्ट-अप को एकमुश्त इक्विटी के रूप में रु.1 करोड़ तक का फंड दिया जाएगा।</p> <h3 style="text-align: justify;">व्यापार के अवसर</h3> <p style="text-align: justify;">ईईसी की रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इस क्षेत्र में व्यापार के अवसर सामाजिक उद्यमों (गैर-लाभकारी, अनौपचारिक नेटवर्क), प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप (फिनटेक, एडुटेक, फूडटेक, हेल्थटेक, वेल्थटेक), कानूनी और वित्तीय सेवाओं (योजना समाधान, बीमा, मेडिको-लीगल), इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रबंधित देखभाल प्रणाली (वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास, रहने की सुविधाएं, देखभाल केंद्र) जैसे क्षेत्रों में हैं। अनुसंधान और डेटा-संचालन कंपनियां और सोशल इंटरप्राइजेज इन्क्यूबेटरों को भी एसएजेई का हिस्सा बनने के लिए आगे आने की उम्मीद है।</p> <p style="text-align: justify;">स्त्रोत : पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार।</p> <p style="text-align: justify;"> </p>