योजना का ब्यौरा योजना की अवधि एक वर्ष है, जिसका नवीकरण प्रत्येक वर्ष किया जा सकता है, दुर्घटना बीमा योजना के तहत दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में बीमा कवर की सुविधा है। शुरुआत में सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कम्पनियों द्वारा इस योजना को उपलब्धपरिचालित किया जाएगा/तथा अन्य साधारण बीमा कम्पनियां भी समान निर्धारित शर्तो पर आवश्यक अनुमोदन के उपरांत बैंकों को संलग्न करके ऐसे उत्पाद के उपलब्ध करवा सकती हैं। इसके साथ ही, इस योजना में सहभागिता रखने वाले बैंक भी अपने पात्र ग्राहकों हेतु योजना के कार्यान्वयन के लिए ऐसी किसी भी साधारण बीमा कम्पनी की सेवाएँ लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कार्यक्षेत्र सहभागी बैंकों के बचत बैंक खाताधारी इस योजना में शामिवर्ष की आयु वाले समस्त 70 वर्ष से 18 होने के हकदार होंगे। यदि किसी व्यक्ति के एक अथवा विभिन्न बैंकों में कई बचत बैंक खाते हैं तो वह व्यक्ति केवल एक बचत बैंक खाते के द्वारा ही इस योजना में शामिल हो सकता है ।बैंक खाते के लिए आधार कार्ड प्राथमिक के.वाई.सी. होगा। नामनिवेश साधन अवधि बीमा कवर की अवधि एक वर्ष है, जो भुगतान हेतु/मई तक होगी ।योजना में शामिल होने 31 जून से 1 राशि: तनामित बचत बैंक खातों से स्वनामे करने हेतु प्रत्येक वर्ष तक मई तक निर्धारित प्रपत्र प्रस्तु 31 तक बढ़ सकती है।इस योजना में शुरुआत 31 करने होंगे।शुरू में यह अवधि शामिल होने की अवधि को भारत सरकार द्वारा आगे और रनवम्ब 30 माह अर्थात 3, तक बढ़ाया जा सकता है।2015 शर्तों के तहत पूर्ण वार्षिक प्रीमियम की अदायगी पर बाद में योजना में शामिल हो सकते हैं।विनिर्दिष्ट हालांकि, आवेदक अपने नामांकननामे राशि हेतु खाते से स्वत: अपना अनिश्चितकाल समय के लम्बे कर सकता है प्रस्तुलिए विकल्प, जो विगत अनुभाव के आधार पर संशोधित शर्तों के साथ योजना के जारी रहने के तहत होगा।ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने किसी भी स्तर पर योजना को छोड़ा हो, वे भविष्य में इस प्रणाली के तहत योजना में पुन: शामिल हो सकते हैं। प्रत्येक वर्ष, उपर्युक्त वर्ग के नये सदस्य अथवा वर्तमान में ऐसे पात्र व्यक्ति, जो इस योजना में पहले शामिल नहीं थे वे भी भविष्य में योजना के जारी रहने पर शामिल हो सकते हैं। लाभ: क्र.सं. लाभ की तालिका बीमित राशि क मृत्यु लाख 2 रूपये ख दोनों आँखों की कुल तथा अपूर्णनीय क्षति या दोनों हाथों अथवा दोनों पैरों का काम करने में अक्षम होना या एक आँख की नजर खो जाना और एक हाथ अथवा एक पैर का काम करने में अक्षम होना। लाख रूपये 2 ग एक आँख की नजर की कुल तथा अपूर्णनीय क्षति या एक हाथ अथवा एक पैर का काम करने में अक्षम होना। लाख रूपये 1 प्रीमियम प्रत्यके सदस्य द्वारा 12/- रूपये प्रतिवर्ष।यह प्रीमियम राशि खाताधारी के बचत बैंक खाते से “स्वत: नामे” सुविधा के अनुसार एक किश्त में ही प्रत्येक वार्षिक कवरेज अवधि पर योजना के तहत दिनांक जून को अथवा इससे पूर्व काट ली जाएगी।1 परन्तु यदि स्वत:1 नामे की सुविधा से जून के बाद प्रीमियम राशि काटी जायेगी तो योजना के तहत बीमा कवर की सुविधा खाते से ‘स्वतनामे’: राशि के कटने के आगामी माह के पहले दिन से ही उपलब्ध होगी। वार्षिक दावा अनुभव के आधार पर प्रीमियम की समीक्षा की जाएगी ।अतिशय प्रकार के अनपेक्षित प्रतिकूल परिणामों के अलावा या प्रयास किया जाएगा कि प्रथम तीन वर्षों में प्रीमियम को बढ़ाया न जाए। पात्रता की शर्ते सहभागी बैंकों के (वर्ष 18 पूर्ण दिन के जन्म) की आयु 70 और (निकटतम आयु के बीच के बचत बैंक) तरीकों के अनुसार – तौरने उपर्युक्त खाता धारको को इस योजना में नामांकित किया जाएगा जिन्होंने योजना में शामिल होने हेतु/स्वत: नामे हेतु अपनी सहमति दी है। मुख्य पॉलिसी धारक सहभागी सदस्यों की ओर से सहभागी बैंक मुख्य पॉलिसी धारक होगा ।सहभागी बैंकों के परामर्श से संबंधित साधारण बीमा कंपनी द्वारा सरल और सदस्य हितैषी प्रशासन और दावा निपटान प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। कवर की समाप्ति निम्नलिखित में से किसी भी स्थिति में सदस्य का दुर्घटना कवर समाप्त हो जाएगा और उस के अंतर्गत कोई लाभ देय नहीं होगा: (प्राप्त दिन के जन्म) वर्ष की आयु 70 निकटतम आयु करने पर। बैंक खाते की समाप्ति या बीमा जारी रखने के लिए शेष राशि की अपर्याप्तता। यदि सदस्य एक से अधिक-खातों से कवर होता है और बीमा कंपनी को प्रीमियम अनजाने में प्राप्त होता है, तो बीमा कवर को सिर्फ एक खाते तक सीमित कर दिया जाएगा और प्रीमियम को जब्त किया जा सकता है। यदि देय तिथि पर अपर्याप्त राशि शेष होने अथवा किसी अन्य संचालन मुद्दे के कारण बीमा कवर समाप्त हो गया है तो उसे निर्धारित की गई शर्तो के अनुसार पूर्ण वार्षिक प्रीमियम की प्राप्ति पर फिर से चालू किया जा सकता है ।इस अवधि के दौरान जोखिम कवर समाप्त सस्पेंड कर दिया जाएगा तथा जोखिम कवर को फिर से शुरू करना बीमा कंपनी के पूर्ण विवेक पर होगा। जब स्वनामे: विकल्प दिया गया हो तो भागीदार बैंक उसी माह में, वांछनीय होगा कि प्रत्येक वर्ष के मई माह में, प्रीमियम की राशि की कटौती करके उसी माह ही देय राशि को बीमा कंपनी के खाते में प्रेषित कर देंगे। संचालन योजना का संचालन,उपर्युक्त शर्तों के अनुसार, बीमा कम्पनी द्वारा निर्धारित मानक प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।आंकड़ा प्रवाह प्रक्रिया तथा आंकड़ा प्रोफार्मा अलग से उपलब्ध कराया जाएगा ।निर्धारित अवधि के भीतर स्वत: नामे प्रक्रिया के माध्यम से खाताधारकों से उचित वार्षिक प्रीमियम वसूल करना भागीदार बैंक का उत्तरदायी होगा। भागीदार बैंक द्वारा निर्धारित प्रपत्र में नामांकन फ़ार्म स्वत:नामे प्राधिकरण प्राप्त किया तथा रखा जाएगा।दावा प्राप्त होने की स्थिति में, बीमा कम्पनी उसे प्रस्तुत करने को कह सकती है। बीमा कम्पनी द्वारा किसी भी समय इन दस्तावेजों को मंगाने का अधिकार सुरक्षित होगा| पावती को पावती बीमा प्रमाण पत्र के रूप में जारी किया जा सकता है। सह-पुन: अंशाकन के लिए, आवश्यकतानुसार,योजना के अनुभव की वार्षिक आधार पर निगरानी की जाएगी। प्रीमियम का विनियोजन रूपये प्रति वर्ष 10 प्रति सदस्य को बीमा प्रीमियम बीमा कम्पनी सूक्ष्म/बीमा कॉर्पोरेट रूपये प्रति वर्ष 1 प्रति सदस्ययों की प्रति पूर्ति एजेंट को व्यय रूपये की प्रति पूर्ति भागीदार बैंक को संचालन व्यय प्रति सदस्य रूपये प्रति वर्ष 1 योजना प्रारंभ होने की प्रस्तावित तिथि जून 01, होगी।अगली वार्षिक नवीकरण तिथि आने वाले 2015 जून 01 प्रत्येक वर्ष में होगी। यदि ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न होती है तो योजना को नयी भावी नवीकरण तिथि के शुरू होने से पहले ही समाप्त किया जा सकता है। स्रोत: भारत सरकार, वित्त मंत्रालय