परिचय किसी वाटर प्यूरीफायर से मतलब है कि वह बैक्टीरिया, क्लोराइड, भारी तत्व (जैसे, पारा, तांबा और सीसा) कीटनाशक पदार्थ और इससे जुड़े सुरक्षा संबधी सभी मुद्दों समेत पेयजल में पाए जाने वाले अधिकांश सामान्य अशुद्धियों को दूर कर दें।यहाँ पर कसी उपयुक्त वाटर प्यूरीफायर के चयन के महत्व और उससे जुड़े सुरक्षा संबंधी विभिन्न मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर कहने का कोई कारण नहीं है। आरंभ में कम लागत, तुलनात्मक रूप से अच्छा प्रदर्शन और रखरखाव संबंधी कुल सुविधाओं ने सुनिश्चित किया है कि स्टोरेज टाइप नॉन-इलेक्ट्रिक रसायन आधारित वाटर प्यूरीफायर आउटपुट लागत, रिफिल/कार्टरिज की कीमत और वार्षिक रखरखाव सहायता जैसे मामलों में एक लोकप्रिय विकल्प है।कंस्यूमर वायस के लिए यह समय आज के घरों में इन अहम चीजों की लागत और उपयोगिता का मूल्यांकन करना था। देश भर में बिक रहे नियमित ब्रांडों के आधार पर हमने गैर-इलेक्ट्रिक स्टोरेज वाटर प्यूरीफायर के 10 ब्रांडों का तुलनात्मक परीक्षण किया।हमने इस मामले में प्रसांगिक भारतीय मानक ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के आधार पर परीक्षण कार्यक्रम विकसित किया।ये परीक्षण मानक परीक्षण के तौर–तरीकों के साथ ही ब्रांडों द्वारा किए गये दावों के अनुसार संचालित किये गए।इस क्रम में उत्पाद परीक्षण से जुड़े अन्य आवश्कताओं पर भी गौर किया गया। जरूरी और रासायनिक परीक्षणों के अलावा, वाटर प्यूरीफायर के मामले में दो बेहद अहम परीक्षण किये गए-गंदलापन, (टार्बिडीटी) और ई-कोलो ताकि भौर्तिक और सूक्ष्मजीव यानि बैक्टीरिया संबंधी सुरक्षा की जाँच की जा सके। सभी प्रकार के वाटर प्यूरीफायर से उम्मीद की जाती है कि ये प्रभावी के तरीके से पानी से भौतिक और माइक्रोबियल यानि बैक्टीरिया संबंधी अशुद्धियाँ/मिलावट को निकाल दें, ताकि उपभोक्ता के लिए उसकी प्रभावी अवधि के दौरान पेयजल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निदृष्टि प्रयोगशाल परीक्षण में मास्क्ड और कोडेड नमूनों के परीक्षण किये गए। कंस्यूमर वायस की सिफारिश । टॉप परफोर्मर - प्योर ईट कीमत में किफायती - एक्वा श्योर भारतीय मानक ब्यूरो आईएस 7402-1986 (समय-समय पर संशोधन किया गया) सेरामिक वाटर फिल्टर के लिए विशिष्ट निर्देश तय किये है।ये फिल्टर सस्पेंडेड मैटर्स (निलंबित पदार्थ) और बैक्टीरिया को हटा देते हैं लेकिन इनसे घुले हुए ठोस या रासायनिक पदार्थों को छानने की उम्मीद नहीं की जाती है।यहाँ याद रखें कि इन नतीजों का विश्लेषण पेयजल के लिए जरुरी आईएस 10600 के विशिष्ट निर्देशों व मापदंडों के आधार पर प्रयोगशाला में किया गया। इन दिनों वाटर फिल्टर/प्यूरीफायर की कई अन्य श्रेणियां उपलब्ध हैं जिनमें नवीनतम तकनीक जैसे युवी (अल्ट्रा वायलेट) और आरवो (रिवर्स ओसमोसिस) लगे होते हैं, जिनसे बड़ी संख्या में अशुद्धियाँ और आवांछनीय मिनरल्स, ठोस तत्व और अन्य स्थायी अशुद्धियाँ को निकाला जा सकता है, खासकर आरओं के द्वारा।भारतीय मानक ब्यूरो ने क्कुह साल पहले युवी तकनीक को वाटर प्यूरीफायर में शामिल करने के लिए भारतीय मानक आईएस: 14724:1999 लागू किया था। रैंक 100 कुल अंक मिलाकर) ब्रांड मॉडल निर्माता.जिसके द्वारा बेचा गया एमआरपी/रिटेल कीमत (रूपये में) 1 94 प्योर इट प्योर इट एडवांस हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड 2,800/2,489 2 90 एक्वा स्योर एक्स्ट्रा टफ यूरेका फोबर्स लिमिटेड 1,899/1,688 3 89 कैट कैट गोल्ड कैट आरओं सिस्टम लिमिटेड 2,796/2,484 4 86 टाटा स्वच्छ सिल्वर नैनो तकनीक टाटा केमिकल्स लिमिटेड 1.499/1,332 5 85 जीरो बी सुरक्षा प्लस आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड 2.090/1,858 6 83 बजाज एक्सटीपी 21 बजाज इलेक्ट्रिकस लिमिटेड 1,999/1,777 7 82 उषा ब्रिटा श्रीराम ब्रिटा एफ 620 उषा श्रीराम प्राइवेट लिमिटेड 2,499/2,221 8 81 एक्वा फ्रेश वाटर पॉट इश्मीत ट्रेडर्स -/1,600 9 77 क्रिस्टल एवरप्योर इश्मीत ट्रेडर्स एन पी./1,7787 10 76 युनिटेक्स वाटर पॉट इश्मीत ट्रेडर्स 2,499/2,221 जाँच की मुख्य परिणाम पर्फोर्मंस में ब्रांड प्योर इट सबसे अव्वल रहा, इसके बाद एक्वा स्योर और कैंट गोल्ड रहे। एक्वा स्योर कीमत में किफायती ग्रांड रहा। सिर्फ प्योर इट, एक्वा स्योर और यूनिटेक्स जैसे ब्रांड विभिन्न अंतराल में किए गये परीक्षणों में ई-कोली को 100% तक कम करने में सफल रहे। सिर्फ प्योर इट ही एमएस२ वायरस को 100% कम करने में सफल रहा।बाकी सभी ने इसे 90 से 99.99% तक कम किया। आर्सेनिक जैसे भारी धातु को पूरी तरह से हटाने में कोई भी ब्रांड पूरी तरह सफल नहीं है।इसमें 9.4 से 93.05% तक कमी हालांकि, कुछ ब्रांडों ने ही इसका दावा किया है। एक्वा फ्रेश (20%), बजाज (8%0 और टाटा स्वच्छ ने 70%) तक कीटनाशक हटाये।बाकी सही ब्रांड कीटनाशक लिन्डेन को 100%तक हटाने में सफल रहे। सभी ब्रांड टार्बिडीटी यानि गंदलापन को स्वीकृत स्तर (एक एनटीयू तक होना चाहिए) तक कम किया जबकि डालने वाले पानी में यह 25 एनटीयू था) फिल्ट्रेशन यानि छनन की दर सबसे अधिक युनिटेक्स और कैट गोल्ड में पायी गई। रिफिल और कार्टरिज खुदरा दुकानों पर आसानी से उपलब्ध है। परिक्षण के नतीजे प्रमुख परीक्षण मानकों के लिए एमएस वायरस परीक्षण/माइक्रोबियल टेस्ट (टीपीसी/कीटनाशक(लेंडेन) भारी धातु (आर्सेनिक एमएस२ वायरस परीक्षण वायरस एक छोटा संक्रामक एजेंट है जो अन्य जीवों की जीवित कोशिकाओं के अंतर होता है।वायरस जीव जन्तुओं से लेकर पेड़-पौधों तक सभी तरह के जीवन रूपों को संक्रामक बना सकते हैं। हाल में पयेजल संबंधी जरूरी मानक (आईएस 10500) के आधार पर एमएस२ वायरस क परीक्षण किया गया। आउटपूट सैंपल का तब फिर परीक्षण किया गया, ताकि प्यूरीफेरों की वायरस हटाने संबंधी कार्य कुशलता की जाए की जा सके। - परीक्षण किये गए अधिकाँश ब्रांड ने एमएस२ वायरस के % में 99% से अधिक की कमी की।प्योर इट ब्रांड ने इसे पूरी तरह से हटा दिया युनिटेस्क ने इसे सिर्फ 90% हटाया, जो किसी प्यूरीफायर द्वारा पेयजल के शुद्धिकरण के मामले में वांछित नहीं है। माइक्रोबियल यानि सूक्ष्मजीव परीक्षण (टीपीसी) पयेजल की सुरक्षा पर विचार करते समय बैक्टीरिया और बिमारी पैदा करने वाले जीवाणुओं की उपस्थिति चिंता का विषय होता है।टोटल प्लेट काउंट (गैर रोगजनक) का परीक्षण किया गया, ताकि आउटपुर पानी में प्यूरीफायर की कार्य कुशलता को तय किया जा सके। सूक्ष्मजीव संबंधी क्षमता तय करने वाले संबधी मुख्य परीक्षण निदृष्टि नियमित अंतराल पर एंडयोरेंस टेस्ट किया गया। - प्योर इट और उषा ब्रिटा के अलावा किसी भी अन्य ब्रांड ने पूरी तरह से इनपुट पानी से सूक्ष्मजीवों को नहीं निकाला।हालांकि, टीपीसी का स्तर 4-18 के बीच रहा जो उच्च नहीं है और गैर-रोगजनक भी है। ब्रांड टोटल प्लेट काउंट (टीपीसी) अंदर का पानी निकलने वाल पानी प्योर इट 160 शून्य उषा ब्रिटा 160 शून्य युनिटेक्स 160 4 जीरो बी 160 5 कैंट गोल्ड 160 8 बजाज 160 9 एक्वा फ्रेश 160 10 एक्वा स्योर 160 14 क्रिस्टल 160 16 टाटा स्वच्छ 160 18 कीटनाशक (लिंडेन) विभिन्न पेयजल स्रोतों जैसे, भूजल, वर्षाजल, धाराएं आदि में आने वाले कीटनाशक पदार्थों को ध्यान में रखते हुए यह परीक्षण किया गया।क्योंकि कुछ ब्रांडों ने दावा किया था कि वे कीटनाशक पदार्थो को हटाने में असरदार है इसलिए यह परीक्षण शामिल किया गया।0.5 पीपीएम सांद्रता के कीटनाशक लिंडेन की इनपुट पानी में मिलाया गया।आउटपूट पानी का बचे हुए अतिरिक्त कीटनाशक के लिए परीक्षण किया गया। अधिकाँश ब्रांडों ने कीटनाशकों को हटा दिया।बजाज प्यूरीफायर सिर्फ 8% कीटनाशकों को ही हटा सके। भारी तत्व (आर्सेनिक) राष्ट्रीय मानक के अनुसार पारा, कैडमियम, आर्सेनिक, सायनाइड सीसा, क्रोमियम और निकल को पयेजल में उपस्थित नहीं होना चाहिए।परीक्षण में शामिल कुछ ब्रांडों ने भारी धातुओं को हटाने का दावा किया था।भारी धातुओं को हटाने की कुशलता के परीक्षण के लिए हमें इनपुट के तौर पर आर्सेनिक का उपयोग किया और आउटपुट वाटर में इसकी उपस्थिति के लिए ब्रांडों का परीक्षण किया। वाटर प्यूरीफायर का कोई भी ब्रांड परीक्षण में भारी धातु यानि आर्सेनिक को पूरी तरह से हटाने में सफल नहीं रहा। अवशिष्ट क्लोरीन पेयजल में क्लोरीन अवशिष्ट की उपस्थिति बताता है कि क्लोरीन की पर्याप्त मात्रा उन बैक्टीरिया और वायरस को सक्रिय या निष्क्रिय करने के लिए आरंभ में पानी में डाली गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी पुनः प्रदूषित होने से बचा है। अवशिष्ट क्लोरीन पेयजल को संक्रमण से बचाने और पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के उसमें वास्तव में क्लोरीन डाली जाती है, लेकिन स्वाद और सुगंध में इसका आसानी से अहसास किया जा सकता है और गौण-उत्पाद का रोगाणुनाशन चिंता का विषय है। ब्रांड मानक भारांक प्योर इट जीरो बी एक्वा स्योर कैंट गोल्ड क्रिस्टल उषा ब्रिटा एक्वा फ्रेश बजाज टाटा स्वच्छ युनिटेक्स रासायनिक परीक्षण 32 30.98 30.53 29.39 29.01 28.88 26.82 25.27 24.31 24.31 23.1 अवशिष्ट क्लोरीन 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 भारी धातु (आर्सेनिक) 6 499 5.51 6.16 5.53 4.10 5.17 2.28 1.77 2.36 4.86 कीटनाशक (लिन्डेन ) 6 6.0 6.0 6.0 6.0 6.0 6.0 3.84 3.24 5.1 6.0 एमएस 2 वायरस परीक्षण 12 12 11.4 11.28 10.08 111.98 7.65 11.90 11.98 10.2 4.8 माइक्रोबायोजिकल परीक्षण 6 6 5.62 4.95 5.4 4.8 6 5.25 5.32 4.65 5.7 वाटर प्यूरीफायर से निकलने वाले पानी में निश्चित रुप से नहीं होनी चाहिए। २ पीपीएम क्लोरीन को वाटर प्यूरीफायर के अंदर के पानी में डाला गया और प्यूरीफायर से निकाले गए पाने का संग्रह किया गया। - किसी भी ब्रांड में क्लोरीन नहीं पाया गया। ई-कोली पानी का जैविक या माइक्रोबायोलोजिकल प्रदुषण लोगों के लिए चिंता का विषय रहा है पर्यावरण में पाए जाने वाले ब्रांड 20 अंक में से प्योर इट 20 एक्वा स्योर 20 युनिटेक्स 20 क्रिस्टल 19.61 बजाज 19.51 कैंट गोल्ड 16.49 एक्वा फ्रेश 19.31 उषा ब्रिटा 19.24 टाटा स्वच्छ 19.21 जीरो बी 18.31 वाले कई सारे संक्रमण सूक्ष्मजीव जिनमें शिन्गेला, ई-कोली, सालमोनेला, एस आयरियस, यीस्ट और मोल्ड शामिल है, से जी मिचलाने, उलटी, डायरिया और पेट में मरोड़ जैसे लक्षण व बीमारियाँ पैदा होती है। इस परीक्षण के संचालन के दौरान ई-कोली को नियमित अंतराल पर विभिन्न अन्तराल 300. 600, 900 और 1200 लीटर के बाद मिलाया गया। मिलावट के स्तर को उच्च रखा गया ताकि उत्पादों की कुशलता को विपरीत परिस्थितयों में जाया जा सके। आउटपुट वाटर का परीक्षण फिल्टर की कार्यकुशलता के परीक्षण के लिए किया गया। गंदलापन (टार्बिडिटी) इसका मतलब पाने में घुले हुए ठोस पदार्थ से है और जिनसे हल्की प्रकाश की किरणें निकलती और पानी में फैलती है। इस तरह गंदलापन पानी में धुंधला कर देता है और यहाँ तक कि अधिक खराब मामलों में यह पानी को अपारदर्शी बना देता है।पेयजल में गंदलापन 3 एनटीयू से अधिक नहीं होना चाहिए, और आर्दश रूप में इसे 1 एनटीयू से नीचे ही होना चाहिए।वाटर फिल्टर/प्यूरीफायर के लिए यह एक प्रमुख गुणवत्ता संकेतक है और इस मामले में आईएस:7402 की जरूरतों व मानकों को ध्यान में रखते हुए परीक्षण किया गया। - वाटर प्यूरीफायर के सभी ब्रांड उस स्तर तक गंदलेपन को हटाने में सक्षम थे पयेजल के लिहाज से उन्हें सुरक्षित और उपयुक्त बनाता है। भौतिक या पदार्थ संबंधी मानक क्षमता/छनने की दर/निलंबित कण/संवेदी परीक्षण क्षमता स्टोरेज या भंडारण वाले वाटर प्यूरीफायर के अकसर दो भंडारण पात्र होते हुए एक ऊपर का जिसमें शुद्ध करने वला पानी जमा होता है और शुद्ध होकर नीचे की पात्र में जमा हो जाता है। ऊपर और नीचे के पात्रों की क्षमता दावे की करीब थी। छनने की दर यह एक खास समय के दौरान प्यूरीफायर से निकलने वाले शुद्ध पानी की मात्रा होती छनन की दर जितनी अधिक होती, प्यूरीफायर से निकलने वाली पानी मात्रा उतनी ही अधिक होगी। सबसे अधिक छनन दर युनिटेक्स में पाई गई, उसके बाद कैंट और उषा ब्रिटा की रही। क्रिस्टल में यह सबसे कम रही। छनने की दर ब्रांड नतीजे (लीटर/घंटे) प्योर इट 3.24 एक्वा स्योर २.4 युनिटेक्स 8.30 क्रिस्टल 0.730 बजाज 1.25 कैंट गोल्ड 4.52 एक्वा फ्रेश 3.9 उषा ब्रिटा 4.41 टाटा स्वच्छ 3.8 जीरो बी 0.825 संवेदी पैनल परीक्षण इसका संचलन सभी ब्रांडों के लिए आउटपूट पानी के संवेदी गुणों की जाँच के लिए किया गया। जीरो बी को छोड़कर सभी ब्रांड पूरी तरह से स्वीकृत है। ब्रांड मानक भारांक प्योर इट जीरो बी एक्वा स्योर कैंट गोल्ड क्रिस्टल उषा ब्रिटा एक्वा फ्रेश बजाज टाटा स्वच्छ युनिटेक्स भौतिक परीक्षण 18 15.23 11.11.85 15.04 15.75 11.78 15.66 15.59 14.67 15.18 14 क्षमता 4 3.65 3.5 3.82 3.69 1.27 3.58 3.72 3.94 3.56 1.1 छनने की दर 5 3.38 2.35 3.02 4.06 2.31 3.88 3.67 2.53 3.62 5.0 निलंबित तत्व 3 3 9 3 3 3 3 3 3 3 3 संवेदी परीक्षण 6 5.2 3.0 5.2 5.0 5.2 5.2 5.2 5.2 5.0 4.9 सामान्य मानदंडों के लिए पैकेजिंग/मार्किंग/यूजर मैनुअल/निर्माण व बनावट/सुविधा पैकेजिंग राष्ट्रीय मानक के अनुसार प्यूरीफायर की पैकिंग मजबूत होनी चाहिए ताकि यातायात के दौरान क्षति से उसकी पर्याप्त रक्षा की जा सके। मार्किंग वाटर प्यूरीफायर पर ब्रांड का नाम, उत्पादन का सीरियल नंबर, निर्माता का नाम और निर्माण की तारीख और एमआरपी लिखी होनी चाहिए। क्रिस्टल और यूनिटेक्स को ये जानकारियाँ देने के मामले से अक्षम पाया गया।निर्मित/विपणन संबंधी जानकारियाँ लिखी नहीं थी। उपयोगकर्त्ता पुस्तिका (यूजर मैनुअल) इंस्टालेशन यानि लगाने, रखरखाव और सफाई संबंधी जानकारियाँ संचालन संबंधी निर्देश, वांरटी, तकनीकी जानकारियाँ दोनों भाषाओँ में होनी चाहिए। प्योर इट , बजाज, टाटा स्वच्छ और एक्वा स्योर ने सभी जानकारियाँ दी है। क्रिस्टल, उषा और यूनिटेक्स ने आवश्यक जानकारियाँ नहीं दी है। निर्माण और बनावट परीक्षण किए गए सभी ब्रांडों के निर्माण और बनावट ऊतम है। सुविधा पैनल के सदस्यों ने देखा कि प्यूरीफायर लगाने, फिल्टर सफाई और इसे बदलने के मामले में कितने सुविधायुक्त है। सुविधा से जुड़े तत्वों में थोड़ा अंतर होता है, कुछ सुविधाजनक है तो कुछ अधिक सुविधाजनक है। ब्रांड दावे/खासीयतें प्योर इट प्योर इट एक्वा स्योर टाटा स्वच्छ कैंट गोल्ड शुद्धिकरण क्ष मता (लिटर में) कार्टरिज 1,500 1,500 3,000 4,000 फिल्टर की सफाई नहीं दिया गया/प्रक्रिया उपलब्ध तलछट छनन, कण, छनन और कार्बन छनन 15 दिनों में ऊपर को सप्ताह में एक बार हिलाएं और निचले हिस्से को महीने में एक बार हिलाएं तलछट, और कार्बन छनन 30 दिनों में बार फिल्टर की बदलना लाल संकेत देता है कि जर्म किल किट यानि कीटाणु मारे वाली किट को बदलें 1500 लीटर के बाद कार्टिज को बदले 3,000 लीटर या छह महीने के बाद 3 महीनों के बाद सेडीमेंट या तलछट और 6 महीनों के बाद कार्बन फिल्टर और 12 महीनों के बाद यूएफ मेम्ब्रेन सिस्ट और बैक्टीरिया को हटाना 1 लीटर पानी में एक करोड़ वायरस बैक्टीरिया और वायरस 100 करोड़ बैक्टीरियाऔर एक करोड़ वायरस हाँ, सिस्ट का हटाना 99,99% भारी धातु और कीटनाशक खतरनाक कीटनाशकों को हटाना नहीं नहीं नहीं अतिरिक्त खासियतें/दावे कार्टिज के खत्म हिने के बाद उन्नत ऑटो शट-ऑफ़ सिस्टम यानि बंद करने की व्यवस्था मजबूत निर्माण, दोगुनी भंडारण क्षमता ऑटो शट ऑफ़ व्यवस्था जो पानी के प्रवाह को शुद्धिकरण होने के बाद रोक देती है। टैंक नहीं टूटने वाले फुड ग्रेड मैटिरियल से बना है।कसी रसायन का उपयोग नहीं (क्लोरीन, ब्रोमिन आदि) दावे/खासियतें बजाज एक्वा फ्रेश उषा ब्रिटा जीरो बी क्रिस्टल 1,500 4,200 1,500 3, 000 नहीं दिया गया 15 दिनों में तलछट और कार्बन छनन, युएफ मेम्ब्रेन की सफाई 15 दिनों में नहीं दिया गया सफ्ताह में एक बार नहीं दिया गया लाल बैंड विजुअल संकेत (कार्टिज के टिकाऊपन को बताता है) 3 महीने में सेडीमेंट फिल्टर, 6 महीनों में कार्बन फिल्टर और 12 महीनों में यूएफ मेम्ब्रेन 6 महीने 3,000 लीटर/छह महीनों में नहीं दिया गया बैक्टीरिया हटाना 9 लॉग , वायरस का हटाना 3 लॉग सिस्ट का हटाना 3 लॉग हाँ हाँ हाँ बैक्टीरिया को हटता है नहीं नहीं नहीं नहीं भारी धातुयों को हटाता है। लॉक सिस्टम के साथ कार्टरिज का बदलना कोई उबलना या बिजली नहीं, कीटाणुमुक्त बिजली नहीं 19 प्राकृतिक कच्ची सामग्रियों को मिलाता है। आफ्टर सेल्स सर्विस यानि विक्रय बाद सेवा कंस्यूमर वायस की टीम में अधिकाशं ब्रांडों की विक्रय बाद सेवा का परीक्षण किया।इन ब्रांडों में क्रिस्टल, युनिटेक्स, उषा ब्रिटा, कैंट गोल्ड, एक्वा फ्रेश, एक्वा स्योर, और प्योर इट शामिल है।संबधित निर्माताओं के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज की गई,। उषा ब्रिटा, कैंट गोल्ड, एक्वा फ्रेश, एक्वा स्योर, और प्योर इट के मामलों का निपटान शिकायत दर्ज होने के दिनों के भीतर कर दिया।चूँकि क्रिस्टल, एक्वा फ्रेश और युनिटेक्स ने निर्माता/विपणनकर्त्ता का नाम और अन्य समाधान में एक सप्ताह से अधिक का समय लगा और यह भी कई दफा पहल करने के बाद । वाटर प्यूरीफायर खरीदने के दौरान उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि विक्रय बाद सेवाओं के लिए निर्माता और विपणनकर्त्ता के सम्पर्क नंबर और पते जरुर देखें। विश्लेषण उपरोक्त परीक्षण नतीजों के आधार पर निष्कर्ष यह है कि रसायन आधारित वाटर प्यूरीफायर साफ और लगभग पूरी तरह से सुरक्षित पयेजल उपलब्ध कराते हैं जहाँ नलकूप/भूजल की गुणवत्ता पर हम निर्भर नहीं होते हैं। इस तरह के प्यूरीफायर भारी धातुओं और कीटनाशक पदार्थों को हटाने का दावा नहीं करते हैं, हालंकि परीक्षण करने पर भारी धातु की कमी 9.4 से 00% के बीच पाया गया। कीटवाहक पदाथों को हटाने में 90 से 90% पाया गया।बैक्टीरिया को हटाने में मामले में ईकोली 9% से 100% और वायरस में कमी 90% से 100% के बीच रही। ये प्यूरीफायर ग्रामीण और कस्बे दोनों क्षेत्रों के लिए अनुशंसित किये जा सकते हैं, जहाँ बिजली की समस्या है और कीमत का महत्व है।उत्पादों की कीमत 1300 से लेकर 2500 रूपये के बीच है और इसके संचालन की कम लागत अन्य प्यूरीफायर (आरओ और युवी सिस्टम) की तुलना की तुलना में काफी कम होती है।आरओ सिस्टम की अनुशंसा वहाँ के लिए की जाती है जहाँ टोटल डिज्ल्ड सॉलिड (टीडीएस) उच्च होता है और युवी सिस्टम का उपयोग कम टीडीएस वाटर के लिए किया जाता है। गैर बिजली वाले भंडारण वाटर प्यूरीफायर के लिए नियमित रखरखाव और साफ सफाई की आवश्यकता होती है।इनमें 15 से 30 दिनों में कार्टिज का बदलना आवश्यक होता है।इसलिए ऐसे प्यूरीफायर के कुशल संचालन के लिए ध्यान रखने के आवश्कता है और उपयोगकर्त्ता पुस्तिका (यूजर मैनुआल) को अवश्य पढ़ना चाहिए।अंत में, सिर्फ वे प्यूरीफायर ही खरीदें जिन पर उनके निर्माता/विपणनकर्त्ता का विस्तार से उसकी पैकेजिंग पर जिक्र हो, ताकि आप अपने घर में और समय पर विक्रय के बाद सेवा ले सकें। निर्माताओं की प्रतिक्रियाएँ परीक्षण नतीजों पर आधारित इस लेख के प्रकाशन से पूर्व नीतिगत आधार पर इसे संबंधित निर्माता/विपणनकर्त्ता से शेयर या साझा किया गया है और इस संबंध में उनके विचार/टिपण्णी आमंत्रित की गिया उनकी प्रतिक्रियाएं संक्षेप दी गिया है। ब्रांड निर्माता/विपणनकर्त्ता की टिप्पणी वायस सोसायटी के जवाब 1) 27x10 (2700 x10 ) सीएफयू/ मी.ली. स्पाईकिंग के बाद ई कोली में कमी के % का परीक्षण किया गया।आईएस 10:500:2012, के अनुसार स्पाइकिंग स्तर 10 x10 तक होना चाहिए स्पाइकिंग का यह बहुत उच्च स्तर है।स्पाईकिंग के इस उच्च स्तर से कमी का % घट जायेगा। २) शोधक की क्षमता पर प्रशन 1) इसका कोई विशिष्ट मानक नहीं है।ई-कोली परीक्षण के लिए स्पाईकिंग स्तर कुछ प्रमुख निर्माताओं द्वारा किए गये दावों पर आधारित है।स्पाईकिंग स्तर को उच्च रखा गया ताकि खराब/विपरीत परिस्थितियों में उत्पाद गुणवत्ता की जांच की जाए २) पुष्टि करने के बाद जबाब दिया गया। एक्वा स्योर 1) टीपीसी (टोटल प्लेट काउंट) 14 है, जो चिता का विषय नहीं, लेकिन हमारा सुझाव है, कि आप इसे सूची से हटाने का विचार करें ताकि भ्रम से बचा जा सकें। २) स्वाद रेटिंग कम है और इसलिए गंदलापन में कमी है।हमारा आग्रह इसका दुबारा परीक्षण करें। 1) उपभोक्ता की चिंताओं को ध्यान में रखे हुए परीक्षण किया गया।लेकिन जो नतीजे सामने आये, हैं, वे उच्च नहीं है।रिपोर्टिंग करते समय हम इसका ध्यान रखेंगे। २) स्कोर या अंक पैनल के सदस्यों के अध्ययन पर आधारित है।परीक्षण 4 अंतरालों में किया गया। बजाज 1) छनन की दर से जुड़े सवालों और मानकों आदि का अनुसरण किया गया। २) हम कीटनाशकों और भारी धातुओं को हटाने का दवाव नहीं क्र रहे हैं। 1) पुष्टि करने के बाद जबाब दिया गया। २) कुछ ब्रांडों ने दावा किया, इसलिए जाँच की गई ताकि साफ हो कि अन्य ब्रांड इसे एक कर सकते हैं या नहीं प्योर इट 1) हमारे प्रयोगशाला परीक्षणों के नतीजों की प्रवाह दर के मामले महत्वपूर्ण अंतर देखे गये 1) परीक्षण किये गये सभी ब्रांडों के लिए समान तरीके से आरंभिक चरण में प्रयोगशाला में बहाव की दर को नापा गया। क्रिस्टल, एक्वा फ्रेश, युनिटेक्स रिपोर्ट सामान्य लगती है।सुझाव दीजिये अगर उत्पाद की गुणवत्ता में और सुधार की कोई गुंजाइश है। उत्पाद में उपभोक्ताओं का विश्वास कायम करने के लिए उपभोक्ताओं के लिए विक्रय बाद सेवा महत्वपूर्ण है। सुरक्षित है फिल्टर्ड वाटर पीना आज के दौर में फिल्टर का चलन आम हो रहा है।बाजार में कई किस्म के फिल्टर आ गये है।शुरू-शुरू में जो केंडल वाला वाटर फिल्टर होता था वह पानी सिर्फ छान सकता था, एकदम शुद्ध नहीं बना पाता था।लेकिन अब जो अत्याधुनिक फिल्टर है उसे प्यूरीफायर कहते हैं, उससे होकर जो पानी निकलता है वह पूरी तरह से शुद्ध होता है यानि अपनी तमाम बैक्टीरिया, वायरस और अन्य अशुद्धियों से मुक्त।आरओ वाले फिल्टर भी बेहद प्रभावी माने जा रहे हैं।जल जनित बीमारियों से सभी विशेषज्ञों ने भी कहा है कि स्टैंडर्ड प्यूरीफायर हो तो उसका पानी एकदम सुरक्षित है।लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में दोयम दर्जे के फिल्टर भी मिल रहे हैं, उसके पानी के सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है।फिल्टर्ड पानी पीने से जल जनित बीमारियों से बेशक बचा जा सकत है, बशर्ते फिल्टर सही हों। कैसे अशुद्ध होता है पयेजल हमारी पयेजल आपूर्ति की पद्धति में इतने छिद्र है कि कहीं से भी बैक्टीरिया, वायरस या दूसरे प्रदुषण उसमें दाखिल हो सकते है। इसलिए जो पानी आप पीते हैं उसको लेकर खासे एहतियात की जरूरत है। पानी अमृत है तो यह विष भी है।पानी वह चीज है कि भरपेट पीकर निकलें तो प्रचंड गर्मी भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।लेकिन अगर प्रदूषित हो तो फिर रोगों को खान भी।राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को बीमार बनाए रखने में पानी की सबसे बड़ी भूमिका है। इसलिए इसे सिक वाटर (बीमार पानी) की संज्ञा दें तो अतिशयोक्ति कतई नहीं होगी। ये न समझें कि सप्लाई में गंगा वाटर आ रहा है तो कोई फिक्र नहीं।अब गंगा का पानी कितना प्रदूषित हैं लोगों लो बताने की जरूरत नहीं, इसलिए पानी को हमेशा फिल्टर या उबाल कर ही पियें । जब पानी अधिक जो जाता है तो वह पेयजल को प्रदूषित करने का कारण बनता है।जैसे बाढ़ आ गई, खूब बारिश हो गई, शहर के नाले भर गये, ऐसे में स्वच्छ पानी के पाइप में लिक के जरिये प्रदूषित पानी आ जाता है।सीवेंज का पानी भी पेयजल में मिल जाता है।ये प्रदूषित पानी कुँए में जाकर मिल जाता है।दिल्ली में 50% आबदी को ही ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया हुआ पानी मिलता है।25% लोग टुब्युबवेल से पानी पीते हैं बाकी लोग हैंडपंप से, दिल्ली जल बोर्ड के टैंकरों से और निजी सप्लायरों के पानी पीते हैं।पानी सप्लाई के पाइप लाईन भी पुराने हैं।दिल्ली की झुग्गियाँ पानी की वजह से फैलने वाली बीमारियों से हमेशा त्रस्त रहती है। पानी को उबालना जरूरी जिनके पास कीमती फिल्टर खरीदने के पैसे न हों, वे क्या करें? उन्हें भी निराश होने की जरूरत नहीं।आप पीने वाले पानी को अच्छी तरह उबाल लें।सिर्फ गर्म कर देने से काम नहीं चलेगा।उबालने का साथ उपलब्ध साधन न हो तो पानी नहीं पीना बेहतर है।पानी से भींगी सब्जी को कभी कच्ची नहीं खाएँ, उसे उबालकर पकाकर ही खाएँ, चाय-काफी भी गर्म ही पीनी चाहिए।बाजार में मिलने वाले गन्ने के रस या कटे फल में भी पानी है, उनसे भी परहेज करें। स्त्रोत: उपभोक्ता कार्यों के मंत्रालय,भारत सरकार