योजना के उद्देश्य स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति व पोषण की स्थिति को सुधारना है। पढ़ाई को बीच में छोड़ देने वाले बच्चों की संख्या में कमी लाना है। विभिन्न वर्गों और जातियों के बच्चों द्वारा एक साथ इकट्ठा खाना खाने से समानता की भावना को विकसित करना व जाति-पाति के भेदभाव को दूर करना है। योजना के मुख्य प्रावधान मिड डे मील 6-14 आयु वर्ग के स्कूली बच्चों को मिलता है। एक वर्ष में कम से कम 200 दिनो तक प्रत्येक कार्य दिवस पर ताजा भोजन पकाया जाएगा। प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) व उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा। प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे के भोजन में 450 कैलोरी व 12 ग्राम प्रोटीन आवश्यक है। उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे के भोजन में 700 कैलोरी व 20 ग्राम प्रोटीन आवश्यक है। खाना पकाने के लिये दलित महिलाओं व विधवाओं को वरीयता दी जाएगी। 1.25 विद्यार्थियों की संख्या पर एक महिला खाना बनाने के लिए होनी चाहिए। 26-100 विद्यार्थियों की संख्या पर 2 महिला खाना बनाने के लिए होनी चाहिए। प्रत्येक 100 अतिरिक्त विद्यार्थियों की संख्या पर 1 अतिरिक्त महिला खाना बनाने के लिए होनी चाहिए। यह योजना सभी सरकारी स्कूलों, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों, मदरसों, शिक्षा गांरटी योजना व वैकल्पिक अभिनव शिक्षा योजना के तहत चल रहे केन्द्रों में पढ़नें वाले बच्चों पर लागू होती है। सूखा घोषित क्षेत्र में गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी यह योजना बन्द नहीं होगी। मिड डे मील कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक स्तर पर प्रतिदिन व्यय 3.77रू. प्रति बच्चा तथा उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रतिदिन व्यय 5.65 रू. प्रति बच्चा निर्धारित है। मिड डे मील के अंतर्गत 13 प्रकार के भोजन का विवरण क्र.स. व्यंजन सूची कच्चे अनाज की मात्रा (कक्षा 1 से 5 तक) कच्चे अनाज की मात्रा (कक्षा 6 से 8 तक) 1 मीठी खीर 210 ग्राम 210 ग्राम 2 सब्जियों का पुलाव 165 ग्राम 252.5 ग्राम 3 पौष्टिक खिचड़ी 175 ग्राम 272.5 ग्राम 4 राजमा चावल 170 ग्राम 262.50 ग्राम 5 कढ़ी पकोड़ा और चावल 203 ग्राम 292.5 ग्राम 6 मीठे चावल 181 ग्राम 227.5 ग्राम 7 मिस्सी रोटी और मौसमी सब्जी 175 ग्राम 262.5 ग्राम 8 आटे का हलवा और काले चने 148 ग्राम 218 ग्राम 9 रोटी और दाल धिया/कद्दू 175 ग्राम 162.5 ग्राम 10 मीठा दलिया 204 ग्राम 317.50 ग्राम 11 गेहूँ सोया पूरी और सब्जी 170 ग्राम 252.5 ग्राम 12 पौष्टिक दलिया 165 ग्राम 248 ग्राम 13 मीठा पूडा 140 ग्राम 207.5 ग्राम उपरोक्त व्यंजनों में से सोमवार व मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में 3 दिन दूध से बना व्यंजन परोसा जाये। सभी व्यंजन स्कूल में मुख्याध्यापक की देख-रेख में बनेंगें। खाना बनाने में सिर्फ आयोडाईज्ड नमक का प्रयोग होगा। प्रत्येक स्कूल में प्रतिदिन इस स्कीम का लाभ उठाने वाले विद्यार्थियों के लिए उपस्थिति रजिस्टर, राशन के लिए स्टाक बुक व कैश बुक का होना अनिवार्य है। स्कूल में रसोई घर, स्टोर, पीने, खाना पकाने व बर्तन धोने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता तथा खाना बनाने व परोसने के लिए बर्तन होने चाहिए। स्कूल प्रबंधन समिति (एस.एम.सी.) के सदस्यों को प्रत्येक दिन खाना पकाने व परोसने के समय स्कूल में उपस्थित होना चाहिए। अधिक जानकारी के सम्पर्क करें जिला स्तर - • जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ई.ओ.) कार्यालय • उपायुक्त (डी.सी.) कार्यालय राज्य स्तर - • डायरेक्टर (मौलिक शिक्षा निदेशालय) हरियाणा, प्लाट नंबर - 1-बी, पहली मंजिल, शिक्षा सदन, सेक्टर-5, पंचकूला-134190, फोन नंबर - 0172-2560188, 2560453 • आर.टी.ई. हेल्प लाईन नंबर - 180030100110 स्रोत: एस एम सहगल फाउंडेशन