<div id="MiddleColumn_internal"> <h3 style="text-align: justify; "><span style="text-align: justify; ">राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून <span style="text-align: justify; ">का उद्देश्य</span></span></h3> <p style="text-align: justify; ">राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून <span style="text-align: justify; ">(एन.एफ.एस.ए.)</span>का उद्देश्य लाभान्वित परिवारों को समुचित मात्रा में सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराना तथा महिलाओं व बच्चों के लिये भोजन के साथ पोषण सुनिश्चित कराना है ताकि वो सब अपना जीवन गरिमापूर्ण तरीके से व्यतीत कर सकें।</p> <p style="text-align: justify; ">इस कानून के तहत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टी.पी.डी.एस.), मध्याह्न भोजन योजना (मिड डे मील) तथा समेकित बाल विकास सेवाओं (आंगनवाड़ी) से संबंधित कार्यक्रमों को एक साथ कर दिया गया है। लाभार्थी परिवारों की पहचान की जिम्मेदारी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">दो स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली</h3> <p style="text-align: justify; ">इस कानून में जिला और राज्य स्तर पर दो स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में जिला शिकायत निवारण अधिकारी (डी.जी.आर.ओ.) व राज्य स्तर पर खाद्य आयोग होगा। डी.जी.आर.ओ. नागरिकों की शिकायतों को दर्ज करेगा तथा खाद्य सुरक्षा कानून के दिशा निर्देशों के अनुसार उनको हल करेगा। यदि कोई शिकायतकर्ता डी.जी.आर.ओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह राज्य खाद्य आयोग में निर्णय के खिलाफ अपील कर सकता है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">खाद्य आयोग का मुख्य कार्य</h3> <p style="text-align: justify; ">इस कानून के दिशा निर्देशों को सही तरीके से लागू करवाना, राज्य सरकार व उसकी सहायक शाखाओं को इसके क्रियान्वयन के लिए समय समय पर सलाह देना तथा इसके प्रावधानों के उल्लंघन होने की स्थिति में जांच पड़ताल करके कार्यवाही करना है। राज्य खाद्य आयोग को जुर्माना लगाने का अधिकार है तथा यह जिला शिकायत निवारण अधिकारी (डी.जी.आर.ओ.) द्वारा पारित आदेश की पालना न करने वाले संबंधित अधिकारी पर 5000 रू. तक का जुर्माना भी लगा सकता है।</p> <h3 style="text-align: justify; ">राज्य सरकार द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही</h3> <p style="text-align: justify; ">इस कानून के तहत अनाज की आपूर्ति न होने पर राज्य सरकार लाभार्थी परिवारों को केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित दर से खाद्य सुरक्षा भत्ता देगी। राज्य सरकार द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टी.पी.डी.एस. से संबंधित रिकार्ड और जानकारियाँ सार्वजनिक रखी जाएगी तथा समय समय पर टी.पी.डी.एस.व अन्य सरकारी कार्यक्रमों का सोशल ऑडिट किया जाएगा। इसके अलावा राज्य, जिला,ब्लॉक व गांव स्तर पर सतर्कता कमेटियों का गठन किया जाएगा तथा शिकायत निवारण प्रणाली में काल सेंटर व हेल्पलाईन का भी प्रावधान किया जाएगा।</p> <p style="text-align: justify; "><strong>स्रोत: </strong><strong>एस</strong><strong> </strong><strong>एम</strong><strong> </strong><strong>सहगल</strong><strong> </strong><strong>फाउंडेशन</strong><strong> </strong></p> <p style="text-align: justify; "> </p> </div>