सारांश यह वीडियो पोषण अभियान के तहत स्वस्थ और पौष्टिक आहार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव देता है। इसमें स्थानीय और मौसमी फलों और सब्जियों के सेवन, और आहार में बाजरा, ज्वार एवं रागी जैसे मोटे अनाजों (मिलेट्स) को शामिल करने पर ज़ोर दिया गया है। साथ ही, तेल, नमक और चीनी के सीमित उपयोग और पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने के लिए भाप में पकाने एवं अंकुरण जैसी विधियों को अपनाने की सलाह दी गई है। प्रतिलिपि क्या आप चाहते हैं कि आपका खाना न सिर्फ स्वादिष्ट हो बल्कि सेहतमंद भी? तो चलिए अपनाते हैं कुछ आसान आदतें जो आपके रोज़ के खाने को बना देंगी और भी ज़्यादा पोषक और लाभकारी। जो सब्जियां और फल आपके आसपास के बाज़ार में मिलते हैं, वही सबसे ताज़े और पोषण से भरपूर होते हैं। हर मौसम की अपनी खास सब्जियां होती हैं। इन्हें रोज़ की थाली में शामिल करना बहुत फायदेमंद होता है। थाली में जितने अलग-अलग रंग होंगे, जैसे हरे, पीले, बैंगनी और नारंगी फल और सब्जियां, शरीर को उतने ही विविध और ज़रूरी पोषक तत्व मिलेंगे। जूस की जगह फल को साबुत खाएं। इससे फाइबर भी मिलेगा और पेट भी भरेगा। हर दिन सिर्फ गेहूं या चावल न लें। बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मोटे अनाज या मिलेट्स को भी अपने खाने में शामिल करें। ये पौष्टिक होते हैं और शरीर को मज़बूत बनाते हैं। तेल, नमक और चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें। एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल न करें। ये सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। दालों और अनाज को पकाने से पहले भिगोना, अंकुरित करना या खमीर उठाना, ये सभी तरीके सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। सब्जियों को उबालने की जगह भाप में पकाएं। इससे उनके पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। थाली रंग-बिरंगी हो, खाना ताज़ा हो और पकाने का तरीका समझदारी भरा हो, तो सेहत अपने आप घर आ जाएगी।