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किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना

भूमिका

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (के. वी. पी. वाई.) मूलभूत विज्ञान के क्षेत्रों में शिक्षावृत्ति का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसकी पहल एवं वित्त पोषण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा मूलभूत विज्ञान में अनुसंधान की दिशा में करियर जारी रखने के इच्छुक, असाधारण रूप से अभिप्रेरित विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए की गई है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसंधान के लिए आवश्यक प्रतिभा और अभिवृत्ति वाले विद्यार्थियों को पहचान कर, अध्ययन में उनकी प्रतिभा को पहचानने में मदद करना, विज्ञान में शोध को अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना और देश में अनुसंधान एवं विकास कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक प्रतिभा का विकास सुनिश्चित करना है।

सभी राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में के. वी. पी. वाई. शिक्षावृत्ति के लिए विज्ञापन सामान्य रूप से प्रौद्योगिकी दिवस (मई 11) एवं जुलाई के दूसरे रविवार को प्रकाशित किया जाता है।

अध्येताओं का चयन उन विद्यार्थियों में से किया जाता है जो अभी XI, XII तथा प्रथम वर्ष स्नातक (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S.) कक्षा में मूलभूत विज्ञान (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीव-विज्ञान) का अध्ययन कर रहे हैं और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अभिरुचि रखते है। भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में गठित विशेष समितियाँ आवेदनों की छंटनी एवं देश में विभिन्न केन्द्रों पर अभिक्षमता परीक्षा को संचालित करतीं हैं। अभिक्षमता परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों की एक लघु-सूची तैयार की जाती है और इन विद्यार्थियों को साक्षात्कार, जो चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण है, के लिए आमंत्रित किया जाता है। अभिक्षमता परीक्षा एवं साक्षात्कार, दोनों में प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का शिक्षावृत्ति हेतु चयन किया जाता है।

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (के. वी. पी. वाई.) क्या है ?

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (के. वी. पी. वाई.) की शुरुआत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 1999 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रतिभावान एवं अभिप्रेरित विद्यार्थियों की खोज कर उन्हें मूलभूत विज्ञान में अनुसंधान में करियर बनाने लिए प्रोत्साहित करना है।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अध्धयन में उनकी प्रतिभा को पहचानने में मदद करता है एवं देश की सर्वश्रेष्ठ योग्यता को शोध और विकास के लिए तैयार करता है। चयनित के. वी. पी. वाई. अध्येता को पूर्व-पीएचडी स्तरों तक छात्रवृति एवं आकस्मिक अनुदान प्रदान किया जाता है । इसके अतिरिक्त, के. वी. पी. वाई. अध्येताओं के लिए देश के प्रतिष्ठित शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों में ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन किया जाता है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जो भारत सरकार की एक मुख्य संस्था है, ने के. वी. पी. वाई. कार्यक्रम के आयोजन एवं कार्यान्वयन की सभी जिम्मेदारियाँ भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु को प्रदान की है। इस योजना के कार्यान्वयन की देख-रेख के लिए एक प्रबंधन समिति एवं एक राष्ट्रीय सलाहकार समिति (NAC) स्थापित की गयी है । के. वी. पी. वाई. कार्यक्रम के दिन-प्रतिदिन एवं शैक्षणिक पहलुओं को एक मूल समिति संचालित करती है।

कार्यकारी समितियाँ

  • राष्ट्रीय सलाहकार समिति (NAC)
  • प्रबंधन समिति
  • मूल समिति

राष्ट्रीय सलाहकार समिति

के. वी. पी. वाई. की राष्ट्रीय सलाहकार समिति का गठन इस प्रकार किया गया हैं:

सचिव, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार: अध्यक्ष

निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु: सह-अध्यक्ष

सदस्यगण हैं:

  • प्रो. के. एन. गणेश, निदेशक, भा. वि. क्षि. अ. सं., पुणे
  • प्रो. दिनेश सिंह, उप-कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय
  • प्रो. बिमल रॉय, निदेशक, भा. सां. सं., कोलकाता
  • प्रो. आर. वी. होसुर, निदेशक, मौ. वि. प्र. कें, मुंबई विश्वविद्यालय
  • प्रो. राम रामास्वामी, हैदराबाद विश्वविद्यालय
  • डॉ. चंद्रिमा शाहा, निदेशक, रा. प्र. सं., नई दिल्ली
  • मुख्य, इंस्पायर (INSPIRE),विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
  • संयोजक, के. वी. पी. वाई., भा. वि. सं., बेंगलुरु

के.वी.पी.वाई.प्रबंधन समिति

निदेशक, भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु   अध्यक्ष (पदानुसार)
प्रो. टी. के. चंद्रशेखर, सचिव, एस. इ. आर. बी.     सदस्य
डॉ. ऐ. मुखोपाध्याय, मुख्य, इंस्पायर (NSPIRE), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग   सदस्य
प्रो. आर. एन. मुखर्जी, निदेशक, भा. वि. क्षि. अ. सं., कोलकाता   सदस्य
प्रो. एन. सत्यमूर्ति, निदेशक, भा. वि. क्षि. अ. सं., मोहाली  सदस्य
प्रो. एम. के. चौधरी, उप-कुलपति, तेजपुर विश्वविद्यालय, असम   सदस्य
प्रो. राम राजशेखरन, निदेशक, के. खा. प्रौ. अं. सं.  सदस्य
प्रो. बी. के. थेलमा, दिल्ली विश्वविद्यालय  सदस्य
प्रो. डब्लू. एन. गडे, उप-कुलपति, पुणे विश्वविद्यालय      सदस्य
संयोजक, के. वी. पी. वाई., भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से    सदस्य
मूल समिति के सदस्यगण (भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु)    सदस्यगण

मूल समिति

सभी सदस्य भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु से है ।

प्रो. पी. के. दास (संयोजक, के. वी. पी. वाई.),अकार्बनिक एवं भौतिक रसायन विज्ञान विभाग
प्रो. अंजलि ऐ. करांडे,जैव-रासायनिक विज्ञान विभाग
प्रो. पी. कोंडया,एम. आर. डी. जी. विभाग
प्रो. कौशल वर्मा,गणित विभाग
प्रो. सत्यम सुवास,पदार्थ अभियांत्रिकी विभाग
प्रो. आभा मिश्रा,उपकरण एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग
प्रो. जी मुगेश,अकार्बनिक एवं भौतिक रसायन विज्ञान विभाग
प्रो. अरिंदम  घोष,भौतिक विभाग
श्री एस. राजू,आण्विक जैव इकाई

शिक्षावृत्ति की निरंतरता एवं नवीकरण

शिक्षावृत्ति के वार्षिक नवीकरण हेतु के. वी. पी. वाई. अध्येता द्वारा प्रत्येक वर्ष में विज्ञान विषयों में प्रथम श्रेणी (60 % अंक) अथवा समतुल्य औसत ग्रेड (50 % अ.ज./अ.ज.जा./पी.डब्लू.डी.) प्राप्त करना आवश्यक है । असफल विद्यार्थियों को शिक्षावृत्ति प्रदान नहीं की जायेगी । हालाँकि यदि आगामी वर्ष में विद्यार्थी इतने अंक हासिल कर ले कि सभी पूर्व वर्षों का औसत प्राप्तांक 60 % अथवा समतुल्य (50 % अ.ज./अ.ज.जा./पी.डब्लू.डी.) हो जाए तो उनकी शिक्षावृत्ति का नवीकरण कर दिया जाएगा । यह नियम 2012 बैच के अद्येताओं से मान्य है । अभ्यर्थी के. वी. पी. वाई. शिक्षावृति पीएचडी के पूर्व स्तरों अथवा पांच साल, इनमें से जो भी पहले हो, तक ही प्राप्त कर सकते हैं ।

उपरोक्त के अतिरिक्त प्रथम वर्ष में क्षेत्रीय विज्ञान शिविर में भागीदारी एवं संतोषजनक प्रदर्शन और तत्पश्चात प्रथम वर्ष ग्रीष्मकालीन योजना में भाग लेना शिक्षावृत्ति के नवीकरण के लिए अनिवार्य है ।

के. वी. पी. वाई. अध्येता जो किसी शैक्षणिक स्तर पर विज्ञान विषयों को छोड़ने का विकल्प लेते है, उन्हें शिक्षावृत्ति एवं आकस्मिक अनुदान से वंचित कर दिया जाएगा ।

वर्ग एस.ए./ एस. एक्स./एस.बी. के तहत चयनित विद्यार्थियों के लिए शिक्षावृत्ति, कक्षा XII (+2) उतीर्ण करने के पश्चात तभी लागू होगी जब वे मूलभूत विज्ञान में स्नातक (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S.) में मूलभूत विज्ञान विषयों, जैसे रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, सांख्यिकी, जैव-रसायन, सूक्ष्म जीव विज्ञान, कोशिका जीव विज्ञान, पारिस्थतिकी विज्ञान, आण्विक जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी शास्त्र, शरीर विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, स्नायु विज्ञान, जैव सूचना विज्ञान, समुद्री जीव विज्ञान, भूविज्ञान, मानवजीवन विज्ञान, अनुवांशिकी, जैव चिकित्सा विज्ञान, अनुप्रयुक्त भौतिकी, भू-भौतिकी अथवा पर्यावरण विज्ञान का अध्यन करते है ।

ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम

के. वी. पी. वाई. अध्येताओं के मानसिक विकास एवं पोषण के लिए अनेक ग्रीष्मकालीन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है । इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य अध्येताओं को वैज्ञानिक खोज के तरीको से रूबरू कराना एवं उनमें वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए स्थायी रूचि को अंतर्निर्विष्ट कराना है । सामान्यत: इनका आयोजन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किया जाता है । इसके अंतर्गत के. वी. पी. वाई. अध्येता एक या दो सप्ताह के लिए वैज्ञानिक संस्थानों में विभिन्न मूलभूत विज्ञान एवं संबंधित विषयों के अनेक विशेषज्ञों द्वारा व्यखानों को सुनने, शोध वातावरण की परिस्थितियों को देखने, विज्ञान के कार्यान्वन में रत वैज्ञानिकों को कार्यरत देखने एवं वार्तालाप करने, समीप स्थित वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं संस्थानों का भ्रमण करने, अन्य शोध विद्यार्थियों से दृष्टीकोणों के आदान-प्रदान एवं वार्तालाप करने में व्यतीत करते है । कभी-कभी विशिष्ट रूचि वाले अध्येता वैज्ञानिकों से व्यक्तिगत रूप से जुड़ते हैं । ये वैज्ञानिक अध्येता की रुचियों के बारे में बात करते हैं, उनकी शंकाओं के समाधान में मदद करते हैं, उन्हें हल करने हेतु प्रश्न देते हैं, परीक्षण करने का अवसर प्रदान करते हैं और उनकी रूचि के क्षेत्र का भविष्य में विस्तार के बारे में जानकारी देते हैं ।

के. वी. पी. वाई. अध्येताओं के लिए ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), कोलकाता, पुणे, भोपाल एवं त्रिवेंद्रम में एक सप्ताह के लिए आयोजित किये जाते हैं ।

अन्य सुविधायें

प्रत्येक के. वी. पी. वाई. अध्येता को एक ऐसा पहचान पत्र जारी किया जाता है जिसको प्रस्तुत करने से वे उन्हें उन सभी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं/ विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं, आदि, का इस्तेमाल कर पायेंगे जिन्होंने इस योजना को स्वीकृति दी है ।

शिक्षावृत्ति का उद्देश्य

एक विद्यार्थी को शिक्षावृत्ति का अनुदान उन्हें मूलभूत विज्ञान में उनकी रूचि के विषयों में अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित एवं प्रेरित करे और विद्यार्थी को शोध करियर को चयनित करने के लिए प्रेरित करे ।

आयोजित चयन परीक्षा

के. वी. पी. वाई. 2015 की ऑनलाइन योग्यता परीक्षा निम्न शहरों में आयोजित की गई:

बैगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, देहरदून, दिल्ली, हैदराबाद, जयपुर, जमशेदपुर, कोच्ची, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पुणे, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम

अधिक जानकारी के लिए सहायता केंद्र से संपर्क करें

आवेदन पत्र से संबंधित जानकारी के लिए प्रातः 10. 00 से सायं 5.00 के बीच में दूरभाष संख्या 080 -22932975/76, 080 -23601008 और 080 -22933536 पर संपर्क करें अथवा application@kvpy.iisc.ernet.in पर ई-मेल भेजें।

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना पर नियमित पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरे विद्यालय/कॉलेज के दोस्त के. वी. पी. वाई. अभिक्षमता परीक्षा देने के इच्छुक है क्या  हमारे विद्यालय/कॉलेज के अधिकारी हमारे लिए थोक में आवेदन पत्र आग्रह कर सकते है ?

के. वी. पी. वाई. इस प्रकार के थोक आवेदन पत्रों के निवेदन को हतोत्साहित करता है । अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर स्वयं आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है । आवेदन की प्रकिया के लिए विस्तृत निर्देश के वी पी वाई की वेबसाइट से प्राप्त किये जा सकते है । यदपि एक प्रबल तर्क के आधार पर विद्यालय/कॉलेज यदि थोक आवेदन पत्रों की मांग को प्रस्तुत करते है तो हम उन्हें पहले के वी पी वाई को सूचित करने का आग्रह करते है ।


वाक्यांश “ऑफलाइन अभिक्षमता परीक्षा” का क्या मतलब है ?
यह वाक्यांश के. वी. पी. वाई. अभिक्षमता परीक्षा का एक लिखित संस्करण है । जो अभ्यर्थी ऑफलाइन परीक्षा का चयन करते है उन्हें परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र पुस्तिका एवं एक ओ एम आर पत्रिका उपलब्ध करायी जाएगी जिस पर उन्हें अपने उत्तर अंकित करने के बाद परीक्षा के अंत में वापस करना होगा ।
वाक्यांश “कंप्यूटर पर आधारित परीक्षा” का क्या मतलब है ?
मैंने इससे पहले कभी इस प्रकार की परीक्षा नहीं दी है जिसके फलस्वरूप मै समझ नहीं पा रही हूँ कि मुझे ऑफलाइन परीक्षा अथवा कंप्यूटर पर आधारित परीक्षा का चयन करूं? कृपया सलाह दें ।

इस वाक्यांश का मतलब है कि यह परीक्षा एक कंप्यूटर के आसान इस्तेमाल पर आधारित पोर्टल द्वारा संचालित की जा सकती है। इस प्रकार की परीक्षा के लिए कंप्यूटर पर किसी भी पूर्व अनुभव का होना आवश्यक नहीं है । वास्तव में कंप्यूटर पर आधारित परीक्षा का चयन करने वाले अभ्यर्थी को एक वेब लिंक के लिए निर्देशित किया जायेगा जहाँ उसी पोर्टल पर एक मौक (mock) अभिक्षमता परीक्षा दी जा सकती है । यह प्रक्रिया इन अभ्यर्थियों को इस प्रणाली की सभी विशेषताओं को परीक्षा के वातावरण में अवगत कराता है । इसके अतिरिक्त ये सभी अभ्यर्थी किसी भी अवस्था में अपने आप को अन्य अभ्यर्थियों जो कि ऑफलाइन परीक्षा का चयन करते है, की तुलना में अलाभान्वित महसूस नहीं करेंगे ।

क्या मै कंप्यूटर पर आधारित परीक्षा हिन्दी में चयनित कर सकता हूँ ?
हाँ

लिखित परीक्षा का पाठ्यक्रम क्या है?
लिखीत परीक्षा के लिए कोई नियमित पाठ्यक्रम नहीं है । लिखित परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों की समझदारी और विश्लेषनात्मक योग्यता को परखना है, नाकि उनकी तथ्यात्मक जानकारी का परीक्षण करना । तदापि विद्यार्थियों का परीक्षण कक्षा X/XII/प्रथम वर्ष B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S (जो भी उपयुक्त हो) के मानक पाठ्यक्रम पर की जाती है ।
मैंने कक्षा X की मानक परीक्षा 2011 में उतीर्ण की है । क्या मैं के. वी. पी. वाई. 2013 की परीक्षा के आवेदन के लिए योग्य हूँ?
(क ) एस. ए. वर्ग : शैक्षणिक वर्ष 2013-2014 के दौरान कक्षा XI की प्रमाणिक परीक्षाओं (विज्ञान वर्ग) में नामांकित विद्यार्थी, जिन्हें कक्षा X के प्रमाणिक परीक्षाओं में गणित एवं विज्ञान के विषयों में कुल मिलाकर न्यूनतम 80 % (अ.जा./अ.ज.जा./पी.डब्लू.डी. वर्ग के लिए 70 %) अंक प्राप्त है ।
वैसे विद्यार्थी, जिनको विद्यालय द्वारा कार्यान्वित संकलानात्मक मूल्यांकन II तथा बोर्ड द्वारा उन्नयित किया गया है, इसके लिए योग्य हैं यदि वो अन्य योग्यता मापदंडों को पूरा करते है । यदि योग्यता परीक्षा में विद्यार्थी ने अक्षरांक (letter-grade) हासिल किए है, तो उनसे निवेदन है कि वो अक्षरांक को यथोचित प्रतिशत अंक में बदल कर आवेदन पत्र में भरे ।

(ख) एस. एक्स. वर्ग : शैक्षणिक वर्ष 2013-2014 के दौरान कक्षा XII (+2) (विज्ञान वर्ग) में नामांकित एवं 2014-2015 में विज्ञान स्नातक (B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S.) में प्रवेश पाने के इच्छुक विद्यार्थी, जिन्होंने कक्षा X की प्रमाणिक परीक्षा में गणित तथा विज्ञान में कुल मिला कर न्यूनतम 80 % (अ.जा./ अ.ज.जा./ पी.डब्लू.डी. वर्ग के लिए 70 %) अंक प्राप्त किये है । चयनित होने पर, शिक्षावृत्ति प्राप्त करने के लिए उन्हें गणित तथा विज्ञान के विषयों (भौतिकी, रसायन एवं जीव-विज्ञान) में XII में न्यूनतम 60% (अ.जा./ अ.ज.जा./ पी.डब्लू.डी. वर्ग के लिए 50 %) अंक प्राप्त करना होगा ।

(ग) एस. बी. वर्ग : शैक्षणिक वर्ष 2013-2014 के दौरान B.Sc./B.S./B.Stat./B.Math./Int. M.Sc./M.S. के प्रथम वर्ष में नामांकित छात्र जिन्हें कक्षा XII (+2) की प्रमाणिक परीक्षाओं में कुल मिलाकर न्यूनतम 60 % (अ.जा./ अ.ज.जा./ पी.डब्लू.डी. वर्ग के लिए 50 %) अंक प्राप्त है । चयनित होने पर, शिक्षावृत्ति प्राप्त करने के लिए उन्हें गणित तथा विज्ञान के विषयों (भौतिकी, रसायन शास्त्र एवं जीव-विज्ञान) में स्नातक प्रथम वर्ष में न्यूनतम 60 % (अ.जा./ अ.ज.जा./ पी.डब्लू.डी. वर्ग के लिए 50 %) अंक हासिल करना होगा ।

क्या विद्यार्थियों को सभी चार विषयों (भौतिकी विज्ञानं, जीव विज्ञान, रशायन विज्ञानं एवं गणित) का अध्ययन करना अनिवार्य है?एस. बी. एवं एस. एक्स. वर्गों के छात्र 4 में से किसी भी 3 विषयों का अध्ययन/चयन कर सकते है ।
के. वी. पी. वाई. का विज्ञापन समाचार पत्रों में कब प्रकाशित किया जाता है?
के. वी. पी. वाई. शिक्षावृत्ति का विज्ञापन सभी राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों में प्रौद्योगिकी दिवस (11 मई) के दिन और प्रत्येक वर्ष जुलाई के दूसरे रविवार को प्रकाशित होता है ।

क्या मैं प्रतिभा छात्रवृत्ति के साथ के. वी. पी. वाई. शिक्षावृत्ति भी ले सकती/सकता हूँ?
के. वी. पी. वाई. इसके अध्येताओं को एक साथ एक से ज्यादा माध्यमों से छात्रवृत्ति/शिक्षावृत्ति प्राप्त करने की अनुमति नहीं देता है - चाहे वो दूसरा माध्यम सरकार अथवा निजी संस्थान हो । यदि अध्येता कोई दूसरी शिक्षावृत्ति / छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं तो उन्हें के. वी. पी. वाई. शिक्षावृत्ति प्राप्त करने के लिए उसे त्यागना होगा ।

आवेदन पत्र कब प्राप्त किए जा सकते हैं?
के. वी. पी. वाई. प्रत्येक वर्ष जुलाई माह के दूसरे रविवार को एक विस्तृत विज्ञापन प्रकाशित करता है एवं आवेदन पत्र इस विज्ञापन के प्रकाशन के बाद प्राप्त किये जा सकते है ।

आवेदन पत्र कब तक जमा किये जा सकते है?
आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तारीख प्रत्येक वर्ष जुलाई माह में प्रकाशित होने विस्तृत विज्ञापन प्रकाशित करता है एवं आवेदन पत्र इस विज्ञापन के प्रकाशन के बाद प्राप्त किये जा सकते है ।

परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी कैसे प्राप्त कर सकते है?
अभ्यर्थी अपने सवालों के उत्तर ई-मेल भेज कर प्राप्त कर सकते है ।

मेरी तस्वीर/हस्ताक्षर/अंक पत्र/जाति-प्रमाण पत्र को स्कैन करने के बाद फाइल का साइज़ आवेदन पत्र में उल्लेखित सीमा से ज्यादा हो जाता है तब मुझे क्या करना चाहिए?

कृपया फाइल के साइज़ को कॉम्प्रेस करके अपलोड कर सकते हैं।

इस विषय में अधिक जानकारी के लिए भारतीय वैज्ञानिक संस्थान की वेबसाइट पर देखें।



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