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प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रमुख अनुलग्नकों की जानकारी

भूमिका

वर्ष  2015-2022 के दौरान शहरी क्षेत्र के लिए सबके  लिए आवास मिशन को कार्यान्वित किया जाएगा और यह मिशन वर्ष  2022 तक सभी पात्र परिवारों के लाभार्थियों  को आवास प्रदान करने के लिए राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के माध्यम से कार्यान्वयन अभिकरणों को केन्द्रीय सहायता प्रदान करेगा।मिशन को ऋण से जुड़ी सहायता के संघटक को छोड़ कर केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम (सीएसएस) के रूप में कार्यान्वित किया जाएगा जिसको एक केन्द्रीय क्षेत्र स्कीम के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा।

इस योजना में प्रयोग किये जाने वाले प्रमुख अनुलग्नक इस प्रकार से हैं:-

समझौता प्रारूप

अनुलग्नक-1

इस समझौता-ज्ञापन को ..................................................( तारीख शब्दों  में) को नई दिल्ली में राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी)/आवास और शहरी  विकास निगम लिमिटेड (हुडको), ............................................................... आईएचसी, परिसर, लोदी रोड़, नई दिल्ली-110003 इसके ..............................................................................( नाम और पदनाम) के माध्यम से (इसके पश्चात्  इनको प्रथम पक्ष कहा जाएगा के रुप में संदर्भित जो जब तक कि इस संदर्भ में असंगत नहीं होगा, का अर्थ उनके उत्तराधिकारी प्रतिनिधि और प्रशासक  होंगे) और प्रथम भाग में व इसमें शामिल  होंगे, के माध्यम से मैसर्स........................................................................(बैंक/एचएफसी/आरआरबी/राज्य सहकारी बैंक/प्राथमिक ऋणदाता संस्था/ऋणदाता) ................................................. .(पता)..........................(नाम और पदनाम)(इसके पश्चात्  इनको द्वितीय पक्ष/ऋणदाता जो जबतक कि संदर्भ में असंगत नहीं होगा, का अर्थ उनके उत्तराधिकारी, प्रतिनिधि और प्रशासक  कहा जाएगा) होंगे और वे द्वितीय भाग में इसमें शामिल  होंगे)

के माध्यम से निष्पादित  किया गया है।

जबकि आवास और शहरी  गरीबी उपशमन (हुपा) मंत्रालय, भारत सरकार वर्ष   2022 तक सभी के लिए आवास (एचएफए) मिशन के भाग के रुप में ऋण  से जुडी सहायता स्कीम  (सी एसएसएस) (इसके पश्चात्  इसे स्कीम  कहा जाएगा) के रुप में जानी जाने वाली ब्याज सहायता स्कीम को कार्यान्वित कर रहा है ताकि शहरी  क्षेत्रों में आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस)/निम्न आय वर्गों (एलआईजी) की आवास संबंधी जरुरतों के पूरा किया जा सके।

जबकि इस स्कीम में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी खंडों को ब्याज सहायता के प्रावधान की परिकल्पना है ताकि ऐसे उधारकर्ता/लाभार्थी को आवसों को क्रय/निर्माण करने में समर्थ बनाया जा सके अथवा उनको आवास प्रदान किया जा सके।

जबकि आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार ने इस स्कीम को कार्यान्वित करने के लिए प्रथम पक्ष को केन्द्रीय नोडल अभिकरण (सीएनए) के रुप में नामित किया है। सीएनए, द्वितीय पक्ष द्वारा इस ब्याज सहायता को इसके द्वारा विभिन्न उधारकर्ताओं/ लाभार्थियों को स्वीकृत आवास ऋण के लिए जारी किया जाएगा जैसा कि इस समझौता-ज्ञापन में विवरण दिया गया है।

जबकि ऋणदाता/द्वितीय पक्ष, अन्य बातों के साथ-साथ, आस्थगित भुगतान के आधार पर अलग-अलग लाभार्थियों को आवास ऋण देने के व्यवसाय में है और पात्र उधारकर्ताओं के लाभार्थियों  को इस स्कीम का लाभ प्रदान करने में इच्छुक हैं।

अतः अब वचनों और पारस्परिक प्रसंविदाओं को ध्यान में रखते हुए अब तक दोनों पक्ष इस प्रकार सहमत हुए हैः

क) आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार ने हाल ही में वर्ष   2022 तक सभी के लिए आवास मिशन के दिशा निर्देशों  (इसके पश्चात्  दिशा निर्देश  कहा जाएगा) के भाग के रुप में ऋण  से जुडी सहायता स्कीम  (सीएलएसएस) के लिए दिशा निर्देश  जारी किए हैं जो इस समझौता-ज्ञापन का भाग है। इस स्कीम की व्यापक विशेष ताएं, ऋण की शर्तें  और सहायता प्रतिपूर्ति, लाभार्थियों का चयन, इस स्कीम के अंतर्गत विभिन्न एजेंसियों की भूमिकाएं और दायित्व तथा इसकी निगरानी इत्यादि दिशा निर्देशों  के अनुसार होंगी।

ख)  आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार इस स्कीम और स्कीम के दिशा निर्देशों  को संशोधित  करने/असंशोधित  करने/समाप्त करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र होगा। तथापि,ऋणदाता/द्वितीय पक्ष द्वारा पहले से ही स्वीकृत और आंशिक रुप से संवितरित ऋणों के लिए पात्र सहायता धनराशि  की उपलब्धता के आधार पर इस धनराशि  को इस स्कीम के संशोधन/असंशोधन/समापन की दशा  में बजटीय आवंटन में से उपलब्ध कराया जाएगा।

ग) यह कि भारत सरकार द्वारा इस स्कीम के अंतर्गत जारी की गई सहायता में से द्वितीय पक्ष को ब्याज सहायता प्रदान करने के लिए प्रथम पक्ष हुपा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नियुक्त सीएनए है।

घ)प्रथम पक्ष के दायित्व और बाधाएँ

1.  प्रथम पक्ष आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस स्कीम के अनुसार जारी की गई निधियों में से द्वितीय पक्ष को ब्याज सहायता जारी करने के लिए उत्तरदायी होगा। पात्र उधारकर्ता/लाभार्थी को द्वितीय पक्ष द्वारा संवितरित ऋण के संबंध में सूचना प्राप्त होने पर प्रथम पक्ष द्वितीय पक्ष को सीधे सहायता धनराशि  जारी करेगा।

2.  ब्याज सहायता ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग दोनों के लिए ऋण की मूलधन धनराशि  पर 6.5 (साढे छह) प्रतिशत  की दर पर होगी जो 15 (पन्द्रह) वर्षों  अथवा ऋण की पूरी अवधि, जो भी कम हो, में कुल ऋण की धनराशि  को ध्यान में रखे बिना पहले 6.00 (छह) लाख रुपए की अधिकतम ऋण धनराशि  के लिए स्वीकार्य होगी। तथापि, यदि ऋण की धनराशि  6.00 (छह) लाख रुपए से कम है, तो इस सहायता को ऋण की धनराशि  तक सीमित कर दिया जाएगा। सहायता के निवल वर्तमान मूल्य (एनपीवी) का 9 (नौ) प्रतिशत  की सैद्धान्तिक छूट के आधार पर गणना की जाएगी और ऋणदाता/द्वितीय पक्ष को अग्रिम सहायता दी जाएगी। ऋणदाता को दी गई एनपीवी सहायता को उधारकर्ता/लाभार्थी की मूल ऋण धनराशि  से काटा जाएगा जिसको तब द्वितीय पक्ष को ऋण की सम्पूर्ण अवधि के लिए कारगर ढंग से कम किए गए आवास ऋण पर सहमत हए प्रलेखन दर पर ब्याज का भुगतान करना होगा।

3. द्वितीय पक्ष के दायित्व और उतरदायित्व

1.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष एतद्द्‌वारा अपने उधारकर्ताओंके लाभार्थियों  को इस स्कीम का सम्पूर्ण लाभ देने की वचनबद्धता देता है।

2.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष एतद्द्‌वारा इस स्कीम को इसकी शर्तों  के अनुसार कार्यान्वित करने का वचन देता है।

3.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष एतद्द्‌वारा वचन देता है कि यह इस स्कीम को कार्यान्वित करने के लिए ऋण देने की उत्तम पद्धतियों का अनुपालन और भारतीय रिजर्व बैंक राष्ट्रीय  आवास बैंक (एचएचबी) के इस स्कीम के दिशा निर्देशों  और विनियमों का अनुपालन करेगा।

4.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष जोखिम मूल्यांकन में उचित कर्मठता का पालन करेगा और उधारकर्ता/लाभार्थी की ऋण  पात्रता और पुनर्भुगतान क्षमता के मूल्यांकन समेत कर्मिष्ठ  मूल्यांकन और स्वीकृति की क्रिया निधियों को अपनाएगा।

5.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष हुपा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर ऐसे दिशा निर्देशों  में असंशोधन /संशोधनों  समेत वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास के अंतर्गत जारी किए सभी वर्तमान दिशा निर्देशों  का पालन करेगा।

6.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष प्रथम पक्ष को तिमाही आधार पर उपयोगिता/अंतिम उपयोग-प्रमाण-पत्र के साथ-साथ आवास ईकाई के पूर्ण होने तक की निर्माण की वास्तविक प्रगति के संबंध में प्रमाण-पत्र भी प्रदान करेगा।  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष निर्माण शुरु होने से एक वर्ष  की अवधि के भीतर आवास ईकाई के पूरा होने पर एक समेकित उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेगा। उपयोगिता/अन्तिम उपयोग प्रमाण-पत्र प्रदान करने मे चूक के मामले में ऋणदाता/द्वितीय पक्ष, प्रथम पक्ष को सहायता की धनराशि  वापिस करेगा। इसके अतिरिक्त सहायता की उपयोग नहीं की गई किसी धनराशि  को द्वितीय पक्ष द्वारा प्रथम पक्ष को तत्काल वापिस किया जाएगा।

7.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष भवन डिजाइन, अवस्थापना सुविधाओं इत्यादि के लिए अनुमोदनों सहित  इस स्कीम के अंतर्गत वित्त-पोषित  रिहायशी  एककों के निर्माण की गुणवत्ता को भी निगरानी करेगा तथा स्थल दौरों इत्यादि के माध्यम से निर्माण की विभिन्न स्तरों तक किए गए व्यय की भी जांच करेगा।

8.  द्वितीय पक्ष को उधारकर्ता/लाभार्थी द्वारा ऋण की वापिसी की चूक और ऋण के गैर-कार्य निष्पादित  परिसम्पत्तियां (एनपीए) बनने वाले ऋण की दशा  में ऋणदाता/द्वितीय सम्पत्ति के मोचन निषेध  समेत ऐसे उपायों, जैसे समुचित समझे जाएं, के माध्यम से देयराशियों की वसूली के लिए मुकदमा चलाएगा। ऐसे सभी मामलों में वसूलियों की धनराशि  को पहले सहायता धनराशि  (ऋण की शेष अवधि) के लिए लिया जाएगा और ऋणदाता/द्वितीय पक्ष द्वारा आगे के भुगतानों/समायोजनों के लिए नोडल एजेंसी को दी जाएगी जैसाकि आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर फैसला किया गया हो।

9.  ऋणदाता/द्वितीय पक्ष प्रत्येक उधारकर्ता/लाभार्थी को एक विवरण प्रदान करेगा जो उसको सहायता के रुप में दी गई धनराशि  की जानकारी देगा कि इस सहायता को कैसे समायोजित किया गया है और उसकी समान मासिक किस्तों (ईएमआई) पर सहायता का क्या प्रभाव पड़ा है।

10. ऋणदाता/द्वितीय पक्ष सभी अन्य सूचना विवरण और ब्यौरे प्रदान करेगा साकि प्रथम पक्ष अथवा आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस स्कीम के अंतर्गत समय-समय यथावश्यक  हों।

11. ऋणदाता/द्वितीय पक्ष ऋणियों/उधारकर्ताओंके लाभार्थियों  को स्पष्ट रुप से ब्याज की नियत/चालू दरों पर ऋण का लाभ उठाने के परिणामों को स्पष्ट करेगा।

च)विवाद और क्षेत्राधिकार

इन प्रस्तुत दस्तावेजों के भाग के रुप में उठने वाले प्रथम पक्ष और द्वितीय पक्ष के मध्य सभी विवादों और मतभेदों को यथासंभव बात-चीत के माध्यम से हल किया जाएगा। तथापि, यदि कोई मतभेदध्विवाद तब भी बना रहता है, तो उसको मध्यस्थता और सुलह, अधिनियम, 1996 के उपबंधों के अंतर्गत अध्यक्ष और प्रबंध निदेद्गाक, राष्ट्रीय  आवास बैंक/हुडको  द्वारा नियुक्त किए गए एकल मध्यस्थ को ही भेजा जाएगा। एकल मध्यस्थ (पंच) का निर्णय अंतिम होगा और पक्षों पर बाध्य होगा। मध्यस्थता का मुकदमा दिल्ली में चलाया जाएगा।

उपर्युक्त में उल्लिखित के अनुसार दिल्ली में इस तारीख को हस्ताक्षर किए गए ।

1.    कृते और की ओर से

राष्ट्रीय  आवास बैंक/आवास और

शहरी  विकास निगम लिमिटेड

(प्रथम पक्ष)

2.    कृते और की ओर से

बैंक/ एचएफडीसी/ऋणदाता/पीएलआई

(द्वितीय पक्ष)

सीएनए द्वारा एमआईएस निगरानी के लिए पीआईएस से एकत्र किये जाने वाले आंकड़े

अनुलग्नक 2

1)    आईएफएससी कोड के साथ पीएलआई का नाम*

2)    पीएलआई कोड *

3)    पीएलआई की श्रेणी (बैंक/एचएफसी/अन्य)*

4)    ऋणी का नाम*

5)    पैन कार्ड सं.:

6)    ऋणी का पता:

7)    ऋणी का मोबाइल संख्या:

8)    श्रेणी (क्या एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंखयक/निशक्तजन/सामान्य/अन्य से संबंधित है)*

9)    लिंग: पुरुष /स्त्री /उभयलिंगी*

10)   विशिष्ट पहचान (आधार/मतदाता पहचान पत्र/पैन  कार्ड लाभार्थी के निवासी जिले के राजस्व प्राधिकारी से मकान स्वामित्व की कोई अन्य संख्या  अथवा प्रमाणपत्र आदि)*

11)   संपत्ति का प्रकार' (01-फ्लैट 02-एकल तल आवास 03-मरम्मत/विस्तार)

12)   मकान का कारपेट क्षेत्र (वर्ग मीटर में ) *

  • 30 वर्ग मी. तक
  • 60 वर्ग मी. तक

13)   पिन कोड के साथ संपत्ति का पूर्ण डाक पता*

14)   स्वामित्व का प्रकार (केवल विस्तार के मामले में)।

  • क्या अपना है?
  • वंशागत  है?

15)   ऋण धनराशि

16)   ऋण लेने का प्रयोजन' (खरीद/निर्माण/विस्तार के लिए):

17)   ऋण की अवधि*

18)   आवास ऋण ब्याज*

19)   ऋणस्थगन अवधि, यदि कोई हो*

20)   पुनर्भुगतान शुरु किए जाने की तिथि'

21)   सब्सिडी की निवल वर्तमान मूल्य

22)   सब्सिडी के क्रेडिट की तिथि

23)   जमा की गई सब्सिडी की राशि

(चूंकि सहायता वितरित ऋण के अनुपात में किस्तों  में जमा की जानी है)

24)   आवेदन का स्रोत (क्या सीधा/शहरी स्थानीय निकाय/एनजीओ/विकासकर्ताओं के माध्यम से है)*

*-अनिवार्य

करार ज्ञापन

अनुलग्नक 3

यह करार आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार, इसके बाद में प्रथम पक्ष के रुप में संदर्भितय

तथा

.................... राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र  की सरकार (राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र का नाम) अपने माननीय गवर्नर/प्रशासक  के माध्यम से. इसके बाद में द्वितीय पक्ष के रुप में संदर्भित, के बीच ........ (माह), 201 .......(वर्ष ) की .............. तारीख को किया जाता है।

जबकि द्वितीय पक्ष सभी के लिए आवास योजना (एचएफए) के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रथम पक्ष के साथ भागीदारी करेगा।

तथा जबकि प्रथम पक्ष एवं द्वितीय पक्ष प्रथम पक्ष द्वारा जारी एचएफए के स्कीम दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए सहमत हो गए हैं।

तथा जबकि द्वितीय पक्ष, अनुलग्नक-क में विस्तार से तथा इंगित सहमत समयसीमा के अनुसार प्रथम पक्ष द्वारा जारी एचएफए के स्कीम दिशा –निर्देशों  में यथा निर्धारित अनिवार्य शर्तों  को क्रियान्वित करने के लिए सहमत हो गया है।

तथा जबकि प्रथम पक्ष ने अनुलग्नक-क में उल्लिखित दस्तावेजों पर विचार किया है और उन्हें एचएफए के उद्देश्यों  एवं लक्ष्यों के संगत पाया है।

अब पक्षों ने निम्नानुसार प्रमाणित किया:

1.  यह कि प्रथम पक्ष इस करार ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर करने पर प्रथम पक्ष द्वारा जारी किए गए एचएफए के स्कीम  दिशा निर्देशों के अनुसार केन्द्रीय वित्तीय सहायता का अपना हिस्सा जारी करेगा।

2.  यह कि द्वितीय पक्ष, प्रथम पक्ष द्वारा जारी स्कीम  के दिशा निर्देशों के अनुसार वित्तीय सहायता के अपने हिस्से को पूरा करेगा।

3.  यह कि प्रथम पक्ष निष्पादन अथवा अन्य तरीके से हुए किसी विलंब के कारण परियोजना लागत में किसी मूल्य वृद्धि का वहन नहीं करेगा और यह द्वितीय पक्ष द्वारा वहन किया जाएगा।

4.  यह कि द्वितीय पक्ष एचएफए को कार्यान्वित करने के लिए यथावश्यक  प्रशासन  और कार्यान्वयन संरचना स्थापित करेगा।

5.  यह कि द्वितीय पक्ष, प्रथम पक्ष द्वारा जारी किए गए एचएफए के स्कीम  दिशा निर्देशों में यथा विनिर्दिष्ट निगरानी और मूल्यांकन तंत्रों और क्रियाविधियों का अनुपालन करेगा।

6.  यह कि करार के पक्ष यह प्रसंविदा करते हैं कि पक्षों में विवाद की स्थिति में मामले को पारस्परिक विचार-विमर्श  के माध्यम से हल किया जाएगा।

7.  यह कि यदि द्वितीय पक्ष द्वारा द्वितीय पक्ष के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों अर्थात्‌ अप्रत्याशित घटना के कारण अनिवार्य शर्तों  अथवा किसी आवधिक रिपोर्ट इत्यादि को प्रस्तुत करने में कोई देरी हुई है, तो एचएफए के लक्ष्यों और उद्देश्यों  के कार्यान्वयन के लिए समय बढ़ाने के मामले पर निर्णय प्रथम पक्ष के विवेक पर होगा।

8.  यह कि एचएफए के नियम और शर्तों  का पालन न करने के मामले में, प्रथम पक्ष अनुदान की अन्य किस्तों  को रोकने का हकदार होगा।

इसके साक्ष्य में सभी पक्षों ने निम्नलिखित साक्षियों की उपस्थिति में करार के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

हस्ताक्षरकर्ता:

1.  कृते आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय

के माध्यम से भारत सरकार

(प्रथम पक्ष)

2.  कृते (राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र का नाम) की सरकार

(द्वितीय पक्ष )

साक्षी:

1.

2.

अनिवार्य शर्तें

क्र.सं.

शर्तें

(अथवा कार्यकारी आदेश /अधिसूचना/कानून बनाने के माध्यम से)

 

*समय सीमा का उल्लेख करें (वर्ष -वर्ष )

 

1

राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र, शहर /कस्बे के मास्टर प्लान में चिन्हित रिहायशी  जोन में आने वाली भूमि के मामले में अलग से गैर कृषि (एनए) अनुमति की शर्त  को समाप्त करेंगे।

 

2

राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र किफायती आवास के लिए चिन्हित भूमि वाले मास्टर प्लान तैयार/ में संशोधन  करेंगे।

 

3

राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र ले-आउट अनुमोदनों और निर्माण करने की अनुमति हेतु एकल खिड़की-समयबद्ध स्वीकृति प्रणाली लागू करेंगे।

 

4

राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र पीडब्ल्यूएस/एलआईजी आवास के लिए पूर्व अनुमोदित निर्माण करने की अनुमति और ले-ऑउट अनुमोदन प्रणाली अपनाएंगे अथवा निश्चित  निर्मित क्षेत्र/प्लाट क्षेत्र से कम क्षेत्र के लिए अनुमोदन की छूट प्रदान करेंगे।

 

5

राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र प्रथम पक्ष द्वारा परिचालित मॉडल किराया अधिनियम अनुरुप नियम बनायेंगे/मौजूदा किराया नियमों में संशोधन  करेंगे।

 

6

राज्य/संघ  राज्य क्षेत्र अतिरिक्त फर्शी क्षेत्र अनुपात (एफएआर)/फर्शी स्थल संसूचक (एफएसआई)/अंतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) प्रदान करेंगे और स्लम पुनर्विकास और कम लागत आवास के सघनता मानदंडों में छूट प्रदान करेंगे।

 

 

*समय सीमा मिशन अवधि अर्थात्‌ वर्ष  2022 तक होनी चाहिए।

स्लम पुनर्विकास के अंतर्गत शामिल किये जा रहे लाभार्थी की सूची-क

(प्रारूप क)

1. परिवार के मुखिया का नाम

2. लिंग : पुरुष :01, महिला:02,

3. पिता का नाम

4. वर्तमान पता और संपर्क ब्यौरा

क)    मकान सं.

ख)    स्लम का नाम

ग)    शहर

घ)    मोबाइल संख्या

5. स्थाई पता

क)    मकान/फ्लैट/द्वार सं.

ख)    गली का नाम

ग)    शहर /गाँव

घ).   जिला, राज्य

6. आधार कार्ड संख्या  (यदि उपलब्ध नहीं है तो मतदाता पहचान पत्र/कोई  अन्य विशिष्ट पहचान संख्या अथवा लाभार्थी के मूल निवास जिले के राजस्व प्राधिकारी से मकान स्वामित्व का प्रमाण-पत्र )

7. परिवार के सदस्यों की संख्या और आयु

परिवार के मुखिया से संबंध

लिंग

आयु

आधार/मतदाता पहचान पत्र/कोई  अन्य विशिष्ट पहचान संख्या अथवा लाभार्थी के मूल निवास जिले के राजस्व प्राधिकारी से

मकान स्वामित्व का  प्रमाण -पत्र

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

8. धर्म:

हिन्दू-01, मुस्लिम-02, इसाई-03, सिक्ख-04, जैन-05,बौद्ध- 06, पारसी-07, अन्य(उल्लेख करें),

9. जाति:

सामान्य-01, अनुसूचित जाति-02,अनुसूचित जनजाति-03, अन्य पिछड़ा वर्ग-04

10. क्या परिवार के पास भारत में कहीं भी अपना मकान/रिहायशी भूमि है? (हां/नहीं)

क.   यदि हां, तो स्थान का ब्यौरा दें।  (बस्ती/ शहर ध्राज्य)

ख.   यदि हां, तो वर्ग मीटर में भूमि का ब्यौरा दें।

घर के मुखिया के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान

उपर्युक्त सूचना के शहरी  स्थानीय निकाय प्रभारी के

प्रतिनिधि के हस्ताक्षर

लाभार्थी सूची

(प्रारूप ख)

1. परिवार के मुखिया का नाम

2. लिंग : पुरुष :01, महिला:02,

3. पिता का नाम

4. वर्तमान पता और संपर्क ब्यौरा

क)    मकान सं.

ख)    स्लम का नाम

ग)    शहर

घ)    मोबाइल संख्या

5. स्थाई पता

क)    मकान/फ्लैट/द्वार सं.

ख)    गली का नाम

ग)    शहर /गाँव

घ)    जिला, राज्य

6. मौजूदा मकान का मालिकाना ब्यौरा

  • स्वामित्व 01, किराया 02, अन्य 03,

7. छत के आधार पर मकान का प्रकार

  • खपक्का (सीमेंट कंक्रीट और पत्थर वाला)-01, अर्द्‌ध-पक्का(सीमेंट की चादर / स्टील की चादर, टाइल से बने हुए)-02,कच्चा (घास/छप्पर, तिरपाल, लकड़ी से बना)-03,

8. रसोईघर को छोड़कर रिहायशी  इकाई में कमरों की संख्या

9. आधार कार्ड संख्या  (यदि उपलब्ध नहीं है तो मतदाता पहचान पत्र/कोई  अन्य विशिष्ट पहचान संख्या  अथवा लाभार्थी के मूल निवास जिले के राजस्व प्राधिकारी से मकान स्वामित्व का प्रमाण-पत्र)

10. परिवार के सदस्यों की संख्या और आयु

परिवार के मुखिया से संबंध

लिंग

आयु

आधार/मतदाता पहचान पत्र/कोई  अन्य विशिष्ट पहचान संख्या अथवा लाभार्थी के मूल निवास जिले के राजस्व प्राधिकारी से

मकान स्वामित्व का  प्रमाण -पत्र

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

11. धर्म:

हिन्दू-01, मुस्लिम-02, इसाई-03, सिक्ख-04, जैन-05,बौद्ध- 06, पारसी-07, अन्य(उल्लेख करें),

12. जाति:

सामान्य-01, अनुसूचित जाति-02,अनुसूचित जनजाति-03, अन्य पिछड़ा वर्ग-04

13. बैंक का ब्यौरा

क. बैंक खाता संख्या

ख. बैंक और शाखा  का नाम

14. इस कस्बे/शहर  में रहने की वर्षों  में संख्या

  • 0 से 1 वर्ष  -01, 1 से 3 वर्ष - 02, 3 से 5 वर्ष - 03, 5 वर्ष  से अधिक-04,

15. मौजूदा रिहायशी  इकाई का आकार (कारपेट क्षेत्र वर्ग मीटर में)

16. क्या परिवार के पास भारत में कहीं भी अपना मकान/रिहायशी भूमि है? (हां/नहीं)

ग.    यदि हां, तो स्थान का ब्यौरा दें।

(बस्ती/ शहर / राज्य)

घ.  यदि हां, तो वर्ग मीटर में भूमि का ब्यौरा दें।

17. रोजगार की स्थिति

(स्व-रोजगार - 01, वेतनभोगी - 02, नियमित मजदूरी- 03,मजदूर - 04, अन्य - 05)

18. परिवार की औसत मासिक आय (रुपए में)

19. क्या परिवार के पास बीपीएल कार्ड है (हां / नहीं)

क. यदि हां, बीपीएल कार्ड संख्या  दें।

20. परिवार की आवास आवश्यकता

(नया घर- 01, वृद्धि - 02)

21. वृद्धि के मामले में कृपया अपेक्षित वृद्धि का उल्लेख करें।

  • एक कमरा/रसोईघर/स्नानाघर/शौचालय अथवा ये सभी संयुक्त रुप से,

22. मिशन के घटक की प्राथमिकता जिसके अंतर्गत सभी के लिए आवास (एचएफए) के तहत लाभार्थी को सहायता की आवश्यकता  है

क    ऋण से जुड़ी सब्सिडी- 01

ख़    भागीदारी में किफायती आवास- 02

ग     स्व-निर्माण- 03

परिवार के मुखिया के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान

 

स्रोत: आवास और शहरी  गरीबी उपशमन मंत्रालय भारत सरकार

 



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