सामग्री पर पहुँचे | Skip to navigation

होम (घर) / कृषि / पशुपालन / महत्वपूर्ण जानकारी / हिमकृत सीमेन का रखरखाव एवं हैंडलिंग (जाँच सूची)
शेयर
Views
  • अवस्था संपादित करने के स्वीकृत

हिमकृत सीमेन का रखरखाव एवं हैंडलिंग (जाँच सूची)

इस पृष्ठ में हिमकृत सीमेन का रखरखाव एवं हैंडलिंग (जाँच सूची) संबंधी जानकारी दी गई है।

परिचय

हिमकृत सीमेन का उपयोग करके पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान करना एक आधुनिक और वैज्ञानिक विधि है जिसके द्वारा उसके नस्ल में सुधार किया जाता है। ताकि संतानों में अधिक दूध देने वाले गुण प्राप्त हो सकें। कृत्रिम गर्भाधान की सफलता सबसे ज्यादा विशेष रूप से कृत्रिम गर्भाधान के समय हिमकृत सीमेन की गुणवत्ता पर पूर्ण रूप से निर्भर करता है जिसे बनाए रखने के लिए उसका उचित रखरखाव एवं हैंडलिंग चेक लिस्ट जरूरी है। सीमेन का रखरखाव करते समय कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों को ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक है। जो निम्नलिखित शीर्षक के अंतर्गत है:

  1. एक क्रायो कंटेनर से दूसरे क्रायो कंटेनर में सीमेन स्ट्राज को ट्रांसफर करना।
  2. क्रायो कंटेनर से सीमेन स्ट्राज का निकालना।
  3. सीमेन स्ट्राज को पिघलाना।
  4. ए. आई. गन को चार्ज करना।
  5. 1. एक क्रायो कंटेनर से दूसरे क्रायो कंटेनर में सीमेन स्ट्राज को ट्रांसफर करना

(i) दोनों क्रायो कंटेनर को एक दूसरे के पास रखें।

(ii) इस बात को पहले ही पक्की कर लें कि किस कंटेनर से किस कंटेनर में सीमेन स्ट्राज को ट्रांसफर करना है।

(iii) गोबलेट में ही हमेशा स्ट्राज पैक करना चाहिए ताकि तापमान में परिवर्तन से बचाया जा सके। स्ट्राज को जिस कंटेनर से निकाला जाना है उसमें पहले तरल नाइट्रोजन भर लेनी चाहिए जिससे अगर तापमान में परिवर्तन आए तो उससे बचा जा सके।

(iv)  उस कंटेनर को जिसमें स्ट्राज का ट्रांसफर किया जाना है उसमें भी उचित लेवल तक ना इट्रोजन भर लें। जब तक एक दम – 196 डिग्री सेंटीग्रेड पर पहुंच जायेगा तब स्ट्राज को कंटेनर में डालना है।

(v) धूप, हवा, एवं ज्यादा तापमान वाले कमरे पर स्ट्राज ट्रांसफर करने का काम नहीं करना चाहिए।

(vi) स्ट्राज ट्रांसफर करते समय हमेशा दूसरे प्रशिक्षित व्यक्ति की मदद लें एवं गोबलेट को फारसेप  से पकड़े। खाली गोबलेट को कंटेनर के भीतर न छोड़े।

(vii) जितना जल्दी हो सके केनिस्टर को कंटेनर के भीतर रख देना चाहिए।

    2. क्रायो कंटेनर से सीमेन स्ट्राज को निकालना

(i) केनिस्टर को कंटेनर की गर्दन के अंदर ही रखें और लम्बी फौरसैप की मदद से ही सीमेन स्ट्राज बाहर निकालें।

(ii) गोबलेट को एकदम पूरा टाइट स्ट्राज से नही भरना चाहिए अन्यथा स्ट्राज को निकालने में समय की बर्बादी होगी।

(iii) अगर कंटेनर में तरल नाइट्रोजन कम हो तो स्ट्राज निकालने की प्रक्रिया के बीच में समय दिया जाना चाहिए।

(iv) यह जांच ले कि आप सही के निस्तर लिफ्ट कर रहे हैं।

(v) कंटेनर में कम से कम आधी क्षमता तक हमेशा नाइट्रोजन भरी रहनी चाहिए।

    3. सीमेन स्ट्राज को पिघलाना

(i) साफ़ एवं शुद्ध प्लास्टिक बाक्स या थरमस प्लास्क (300-400 एम.ली. क्षमता) का प्रयोग करें।

(ii) थरमस फ्लास्क को कंटेनर के बिल्कुल नजदीक रखें।

(iii) स्ट्राज पिघलाने की प्रक्रिया एक पुन: क्रिया है अत: एक समय में केवल एक हकी स्ट्राज को पिघलाएं जिससे स्पर्म को बर्बाद होने से बचाया जा सके।

(iv) स्वस्छ एवं साफ़ पानी का प्रयोग करें और थर्मामीटर से तापमान जांच लें 46 डिग्री सेंटीग्रेड के ऊपर के तापमान से वीर्यखराव हो जाता है क्योकि वीर्य प्रोटीन का बना होता है।

(v) अच्छी फर्टिलिटी प्राप्त करने के लिए सीमेन स्ट्राज को 35 से 37 डिग्री सेंटीग्रेड गरम् पानी में 30 सेंकेंड से एक मिनट तक पिघलाना चाहिए।

(vi) स्ट्राज को पिघलाने के बाद स्ट्राज की सतह को काटना या मसलीन क्लाथ से सुखा लेना चाहिए।

    4. ए.आई.गन को चार्ज करना

(i) अपने कंटेनर की जांच समय-समय पर करते रहना चाहिए एवं आवश्यकता पड़ने पर लिक्विड नाइट्रोजन डालना चाहिए।

(ii) पहले आप जांच लें कि आप सही बुल या बफैलो बुल का सीमेन स्ट्राज निकालने जा रहे हैं।

(iii) सही केनिस्टर को कंटेनर के निचले गर्दन तक ही उठायें ज्यादा उपर न उठायें।

(iv) एक समय में एक ही सीमेन स्ट्राज के निस्टर से लम्बी फोरसेप की सहायता से निकालें।

(v) स्ट्राज को पिघलाने की सही विधि अपनाएँ। स्ट्राज की अच्छी क्वालिटी बनाएं रखने के लिए 35 से 37 डिग्री सेंटीग्रेड गरम् स्वच्छ पानी प्रयोग में लाएं। अच्छी क्वालिटी का थर्मामीटर का प्रयोग करना चाहिए।

(vi) स्ट्राज को केनिस्टर से निकालने के बाद हल्का झटका दें जिससे स्ट्राज की बाहरी सतह एवं फेक्युरी प्लग से नाइट्रोजन दूर हो जाए। स्ट्राज पिघलाने के बाद उसे अच्छी तरह काटन से साफ़ करके सुखा लें। स्ट्राज को एक किनारे से पकड़ना चाहिए ताकि तापमान में परिर्वतन न हो सके।

(vii) यह ध्यान रखना चाहिए कि पिघलाते समय स्ट्राज पानी में पूरी तरह डूबा हो।

(viii) पिघलाएं हुए सीमेन स्ट्राज को पुन: ठंडा होने से बचाएं अगर ज्यादा ठंडा हो तो ए.आई.गन के अंदन कर दें।

(ix) जहां कृत्रिम गर्भाधान करना हो वहीं पर स्ट्राज को काटें जिससे की समय की बचत की जा सके।

(x) स्ट्राज को लैब एंड की तरफ से ए.आई. गन में डालें। आँखों के सामने रखकर हवा के बुलबुले की मध्य सीधा काटें। हमेशा साफ, सुथरी, सुखी और तेज धार वाली कंची का प्रयोग करें।

(xi) पोलीथिन बैग से स्टीयराइल शीथ निकालकर ए.आई. गन के ऊपर लगाकर रींग लाक चढ़ा कर ठीक से फिक्स कर देते हैं। शीथ और रींग लाक मिलकर स्ट्राज को सही जगह पर रखता है और केवल पिघले सीमेन को बाहर जाने देता है।

(xii) अब ए.आई. गन कृत्रिम गर्भाधान के लिए तैयार है।

(xiii) जितनी जल्दी हो सके तरल नाइट्रोजन से सीमेन स्ट्राज निकालने के बाद प्रयोग में लाना चाहिए।

स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार

3.05714285714

अपना सुझाव दें

(यदि दी गई विषय सामग्री पर आपके पास कोई सुझाव/टिप्पणी है तो कृपया उसे यहां लिखें ।)

Enter the word
नेवीगेशन
Back to top

T612019/08/22 06:13:26.157508 GMT+0530

T622019/08/22 06:13:26.179491 GMT+0530

T632019/08/22 06:13:26.476919 GMT+0530

T642019/08/22 06:13:26.477407 GMT+0530

T12019/08/22 06:13:26.132951 GMT+0530

T22019/08/22 06:13:26.133151 GMT+0530

T32019/08/22 06:13:26.133299 GMT+0530

T42019/08/22 06:13:26.133452 GMT+0530

T52019/08/22 06:13:26.133541 GMT+0530

T62019/08/22 06:13:26.133614 GMT+0530

T72019/08/22 06:13:26.134375 GMT+0530

T82019/08/22 06:13:26.134569 GMT+0530

T92019/08/22 06:13:26.134789 GMT+0530

T102019/08/22 06:13:26.135008 GMT+0530

T112019/08/22 06:13:26.135054 GMT+0530

T122019/08/22 06:13:26.135170 GMT+0530