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ई-शासन

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    भारत में ई-शासन आंदोलन

    भारत में ई- शासन अपनी शुरुआत से आज एक नये दौर में प्रवेश कर गया है। लोगों के परिवेश के पास ही सार्वजनिक सेवाओं को विभिन्न केन्द्रों से तकनीक की सहायता से समयबद्ध रुप पहुँचा कर शासन महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर ई-शासन की उपयोगिता को लेकर जागरूकता लाने की जरुरत है।

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    साझा सेवा केन्द्र संचालकों का सशक्तीकरण

    भारत में ग्रामीण परिवेश ने विशेष रूप से समृद्ध आईसीटी पहल, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) से लाभ लेना शुरु कर दिया है। विकासपीडिया पहल साझा सेवा केन्द्र के संचालकों की क्षमता का निर्माण करने और ज्ञान को साझा करने के लिए एक उपयोगी आवश्यक मंच प्रदान करता है।

बदलती सेवा वितरण प्रणाली

भारत में ई-शासन 'अच्छे शासन' का पर्याय बनता जा रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग नागरिकों, व्यापारियों और सरकारी संगठन को ही नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग को सूचना और प्रौद्योगिकी की सहायता से विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहे है। इसी क्रम में 2006 में शुरू की राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी) के तहत भारत भर में साझा सेवा केंद्र (सीएससी) स्थापित किए गये हैं। ये साझा सेवा केंद्र आम आदमी को सीधे तौर पर लाभान्वित कर सहज,सुलभ  और उनके घर के द्वार तक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। देशभर में 1 लाख से ज्यादा(सीएससी वेबसाइट) साझा सेवा केंद्र अलग-अलग ब्रांड नाम अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विकासपीडिया ई-शासन भाग का मुख्य ध्यान नागरिकों के लिए उपलब्ध ऑनलाइन सेवाएँ, राज्यों की ई-शासन पहल, ऑनलाइन विधिक सेवाओं, मोबाइल शासन, सूचना के अधिकार पर जानकारी उपलब्ध कराकर, देशभर में चल रहे ई-शासन अभियान में सहायता प्रदान करना है। ग्रामीण उद्यमियों (वीएलई) के सशक्तीकरण के महत्व को ध्यान में रखते हुए, भारतीय विकास प्रवेशद्वार ने “वीएलई कार्नर" का निर्माण कर न केवल एक मंच पर आने का अवसर दिया बल्कि उनके ज्ञान-भंडार को विभिन्न अध्ययन संसाधनों से समृद्ध करने में प्रयासरत है। भारत का ग्रामीण भाग विभिन्न संस्थाओं और उभरती आईसीटी पहल का लाभ लेने के लिए तैयार रहा है और भारत विकास प्रवेशद्वार बहुभाषाओं में उपलब्ध आवश्यक सामग्री और सेवाओं से लाभान्वित होने के लिए आह्वान करता है।

भारत में ई-शासन

भारत में ई-शासन भाग राष्ट्रीय ई-शासन योजना,राज्यों की ई-शासन सेवाओं और ई-शासन संसाधन के बारे में जानकारी देता है।

सूचना का अधिकार

सूचना का अधिकार भाग के अंतर्गत अधिकार का अर्थ, उसके उपयोग की प्रक्रिया,अपील के विभिन्न चरण,उपयोगी संपर्क की जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का ब्यौरा दिया गया है।

वीएलई के लिए संसाधन

यह भाग साझा सेवा कार्यक्रम,ऑनलाईन प्रदत्त की जा रही सेवाएं,भारत विकास प्रवेशद्वार के विभिन्न उत्पाद एवं सेवाओं सहित कम्प्यूटर में भारतीय भाषा के पढ़ने में आ रही समस्याओं के समाधान की उपयोगी जानकारी देता है।

ई-शासन ऑनलाईन सेवाएं

यह भाग ई-शासन ऑनलाईन सेवाएं के संक्षिप्त परिचय के साथ उससे संबंधित विभिन्न उपयोगी लिंक जानकारी के बारे में जानकारी देता है।

भारत में विधिक सेवाएँ

यह भाग विधिक सेवाओं में ई-शासन की शुरुआत, राष्ट्रीय विधि स्कूल और विधि क्षेत्र से जु़ड़ीं महत्वपूर्ण लिंक संसाधनों की जानकारी देता है।

मोबाइल शासन

इस अनुभाग में भारत में उभरते मोबाइल शासन और एक संक्षिप्त परिचय के साथ विभिन्न संबंधित उपयोगी लिंक जानकारी के बारे में जानकारी देता है.


राजीव शुक्ल एडवोकेट Apr 29, 2017 08:33 PM

सोनभद्र जिला के ब्लाक घोरावल के अन्तर्गत ग्राम सभा करमा के मदैनियाँ गांव मे एक ही नाली को पैसे के कारण चार बार बनाई जारही है यह कार्य प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के मिली भगत से किया जा रहा है इसकी जाच किया जाय

Anonymous Apr 18, 2017 11:07 PM

E governess is very important part of developing India but it creates same unemployment .

श्याम कुमार वर्मा Apr 05, 2017 08:20 AM

अगर बैंक समय काम करे तो वो अपने छोटे शाखाओ से बहुत आगे बढ़ सकता है . कियुकी बैंक बहुत धीरे काम करता है !

mahaveer gupta Apr 02, 2017 10:31 PM

Bharat sarkar ka CSC bahut hi achchha madam isse desh ke nagriko ko bahut hi labh ho raha Isse desh ke berojgaro ko bhi bahut labh mil raha hai CSC karya se me bahut prabhabit hua hu me vartman me lic ajent hu 00996-20c ye mera cod hai , MERI ichchha hai me new CSC portal lekar desh ke nagriko ki madad kar saku

Rajesh singh chauhan Feb 20, 2017 02:47 PM

हमारे गांव टीकरी भवापुर बिकास खंड चंड़ौस अलीगढ़ का जन सेवा केंद्र पता नहीं किसके नाम हैै और कहां चल रहा है किसी को पता तक नहीं है कागज आधार वगैरह बनवाने गांव से ६ किमी दूर चंड़ौस जाना महिलाऔं के लिये व बालकों के लिये बडी मुशीबत का सामना करना पडता है

satish patel Feb 18, 2017 02:45 PM

जबलपुर जिला मैं जो धान गवर्मेंट ने खरीदी थी और अब मिलिंग के लिए मिलर को di ja rahi ह मिलर उस धान को बेच रहे हैं और घटिया किसम का चावल जमा कर रहे हैं और इस घोटाले की सभी अधिकारिXों को जंककारी ह पर कोई रोक क्यों नहीं रहा इस पर तुरंत कारवाही होना चाहिए ये जनता का अपमान ह मोब 98XXX14

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