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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

इस पृष्ठ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी गयी है I

भूमिका

भारत सरकार ने मातृत्व सहयोग योजना के नाम को बदलकर इसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) का नाम दिया है। इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित जन्म के लिए 6000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। कई अन्य केंद्रीय सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के समान सरकार ने इस योजना के नाम में भी प्रधानमंत्री शब्द शामिल किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) का नया नाम दिया है। महिला और बाल कल्याण विभाग के अनुसार पहले की गर्भावस्था सहायता योजना इतनी सफल नहीं थी, यहां तक कि बहुत से लोग इसके बारे में जानते भी नहीं थे।

केंद्रीय सरकार द्वारा बहुचर्चित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को देश के राज्यों/जिलों में लागू कर दिया गया है। इस मातृ वंदना योजना के तहत केंद्र द्वारा देश में इसका लाभ पात्र महिलाओं को प्रदान किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य देश की गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार पहली बार गर्भवती होने पर प्रत्येक के खाते में पोषण के लिए पांच हजार रुपये प्रदान करेगी। इस योजना में सभी आय वर्ग की गर्भवती महिलाओं को पात्र बनाया जाएगा। इस महिला योजना का लाभ देश के सभी जिले में यह योजना 01 जनवरी 2017 से ही लागू मानी जाएगी। यानि 31 अक्टूबर 2017 के पहले व एक जनवरी 2017 के बीच जिन गर्भवतियों की डिलीवरी हो चुकी है, उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) का उद्देश्य

हालांकि, गर्भावस्था सहायता योजना कई तरीकों से गर्भवती महिलाओं को मदद करेगी लेकिन इस योजना के दो मुख्य उद्देश्य हैं

  1. काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित करना।
  2. गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार और नकदी प्रोत्साहन के माध्यम से अधीन-पोषण के प्रभाव को कम करना।

पीएम मातृ वंदना योजना की मुख्य बातें

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पीएम मातृ वंदना योजना को जनवरी, 2017 में शुरू किया था। इसके तहत गर्भवतियों को पौष्टिक आहार के लिए सीधे उनके खाते में उक्त सहायता राशि भेजी जाएगी।
  2. इस योजना पर सीधे प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्री निगरानी रखेंगे।
  3. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन दोनों योजनाओं से पहली बार गर्भवती होने वाली ग्रामीण महिला के खाते में कुल 6400 रुपये व शहरी गर्भवती के खाते में कुल 6000 रुपये पहुंचेंगे।
  1. इस प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के द्वारा पात्र गर्भवती महिलाओं को पहली किस्त में एक हजार रुपये गर्भ के 150 दिनों के अंदर, दूसरी किस्त में 2000 रुपये 180 दिनों के अंदर व तीसरी किस्त में 2000 प्रसव के बाद व शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा होने पर मिलेंगे।
  2. इन योजनाओ का लाभ लेने के लिए अपने नजदीक स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवतियों को अपना आधार व खाता नंबर देना होगा।

प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना के लाभ

इस योजना से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले जीवित बच्चे के जन्म के दौरान फायदा होगा। योजना की लाभ राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे भेज दी जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार निम्नलिखित किश्तों में राशि का भुगतान करेगी।

पहली किस्त

1000 रुपए गर्भावस्था के पंजीकरण के समय

दूसरी किस्त

यदि लाभार्थी छह महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच कर लेते हैं तो 2,000 रुपए मिलेंगे।

तीसरी किस्त

जब बच्चे का जन्म पंजीकृत हो जाता है और बच्चे को BCG, OPV, DPT और हेपेटाइटिस-B सहित पहले टीके का चक्र शुरू होता है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) निम्न श्रेणी के गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए लागू नहीं होगी।

1. जो केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं।

2. जो किसी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्तकर्ता हैं।

इस योजना का कार्यान्वयन जनवरी 2017 और मार्च 2020 के बीच होगा और इसका कुल बजट 12,661 करोड़ रुपये होगा। इस योजना के 12,661 करोड़ कुल रुपए में से 7,932 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे जबकि शेष राशि संबंधित राज्य सरकारों द्वारा वहन की जाएगी।

 

दिशानिर्देश प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को जानने के लिए इस लिंक पर जाएँ

स्रोत: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार

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